Barabanki News: IGRS/जनसुनवाई शिकायतों के निस्तारण में लापरवाही पर DM ईशान प्रताप सिंह का कड़ा एक्शन।
12 अधिकारियों का एक दिन का वेतन बाधित किया।

बाराबंकी, उत्तर प्रदेश | 11 अगस्त 2026
उत्तर प्रदेश के बाराबंकी में आईजीआरएस/जनसुनवाई पोर्टल पर प्राप्त जनशिकायतों के निस्तारण में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों पर जिलाधिकारी ईशान प्रताप सिंह ने कड़ा रुख अपनाया है। समीक्षा के दौरान 7 अगस्त 2026 की स्थिति में डिफाल्टर तथा 11 अगस्त को डिफाल्टर होने वाले कुल 59 संदर्भ विभिन्न विभागों के अधिकारियों के स्तर पर लंबित पाए गए।
जनशिकायतों के समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण निस्तारण में हुई लापरवाही को गंभीरता से लेते हुए जिलाधिकारी ने संबंधित 12 अधिकारियों का एक दिवस का वेतन बाधित करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही संबंधित अधिकारियों से लंबित मामलों में देरी का कारण स्पष्ट करते हुए तीन दिवस के भीतर सुस्पष्ट एवं तथ्यात्मक स्पष्टीकरण उपलब्ध कराने को कहा गया है।
प्रशासन की इस कार्रवाई से उन अधिकारियों में खलबली मच गई है, जिनके स्तर पर आमजन से जुड़ी शिकायतें निर्धारित समयसीमा के बावजूद लंबित पाई गईं।
कृषि विभाग में सबसे ज्यादा 23 शिकायतें लंबित
जिलाधिकारी के आदेश के अनुसार कृषि विभाग में सबसे ज्यादा मामले लंबित पाए गए। उप निदेशक, कृषि विभाग, बाराबंकी के स्तर पर कुल 23 संदर्भ निर्धारित समयसीमा में निस्तारित नहीं किए गए।
इसके बाद महिला कल्याण विभाग के जिला प्रोबेशन अधिकारी के स्तर पर 8 संदर्भ लंबित मिले।
राजस्व एवं आपदा विभाग के 17 मामले डिफाल्टर
राजस्व एवं आपदा विभाग के अंतर्गत कुल 17 संदर्भ निर्धारित समयसीमा में निस्तारित नहीं किए गए।
इनमें:
- उप जिलाधिकारी रामसनेहीघाट — 4 संदर्भ
- तहसीलदार रामसनेहीघाट — 3 संदर्भ
- तहसीलदार फतेहपुर — 10 संदर्भ
लंबित पाए गए।
राजस्व संबंधी शिकायतें सीधे तौर पर आम लोगों की जमीन, कब्जे, प्रमाणपत्र और अन्य प्रशासनिक मामलों से जुड़ी होती हैं। ऐसे में इन शिकायतों के समय पर निस्तारण में देरी को प्रशासन ने गंभीरता से लिया है।
बिजली विभाग के 6 संदर्भ भी समयसीमा से बाहर
विद्युत विभाग के अधिकारियों के स्तर पर भी कुल 6 संदर्भ लंबित पाए गए।
इनमें:
- अधिशासी अभियंता विद्युत फतेहपुर — 1 संदर्भ
- अधिशासी अभियंता विद्युत रामसनेहीघाट — 3 संदर्भ
- अधिशासी अभियंता विद्युत रामनगर — 2 संदर्भ
शामिल हैं।
बिजली से जुड़ी शिकायतों में आपूर्ति, ट्रांसफॉर्मर, विद्युत लाइन और अन्य समस्याएं शामिल हो सकती हैं। ऐसे मामलों के लंबित रहने पर जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय की है।
इन विभागों के मामले भी मिले लंबित
समीक्षा में अन्य विभागों के स्तर पर भी संदर्भ लंबित पाए गए। इनमें:
- अधिशासी अभियंता, सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग, बाराबंकी — 2 संदर्भ
- चकबंदी अधिकारी, सिरौली गौसपुर — 1 संदर्भ
- अधिशासी अभियंता, बाराबंकी जल निगम (नगरीय) — 1 संदर्भ
- जिला खाद्य एवं विपणन अधिकारी, बाराबंकी — 1 संदर्भ
शामिल हैं।
तीन दिन में देना होगा स्पष्टीकरण
जिलाधिकारी ईशान प्रताप सिंह ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया है कि लंबित संदर्भों के निस्तारण में हुई देरी के संबंध में तीन दिवस के भीतर स्पष्ट और तथ्यात्मक स्पष्टीकरण उपलब्ध कराया जाए।
प्रशासन ने साफ किया है कि आईजीआरएस के माध्यम से आने वाली शिकायतों का केवल निस्तारण करना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि उनका समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण भी जरूरी है।
जनशिकायतों में लापरवाही पर आगे भी होगी कार्रवाई
जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि आमजन की शिकायतों का निस्तारण जिला प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। अधिकारियों को समय-समय पर इसके लिए निर्देश दिए जाते रहे हैं।
इसके बावजूद यदि कोई शिकायत निर्धारित समयसीमा में निस्तारित नहीं होती है तो संबंधित अधिकारी की जवाबदेही तय की जाएगी। जिलाधिकारी ने चेतावनी दी है कि जनशिकायतों के निस्तारण में लापरवाही या अनावश्यक विलंब मिलने पर नियमानुसार आगे भी कार्रवाई की जाएगी।
इस कार्रवाई को प्रशासन की ओर से अधिकारियों को यह संदेश माना जा रहा है कि आईजीआरएस पर आने वाली आम लोगों की शिकायतों को लंबित रखना अब अधिकारियों के लिए भारी पड़ सकता है।
रिपोर्ट – मंसूफ अहमद











