Barabanki News: कोठी थाना क्षेत्र में घर में घुसकर मारपीट और कट्टा लहराकर जान से मारने की धमकी देने का आरोप।
पीड़ित ने SP अर्पित विजयवर्गीय से FIR और कार्रवाई की मांग की।

बाराबंकी, उत्तर प्रदेश | 11 अगस्त 2026
उत्तर प्रदेश के बाराबंकी जिले के कोठी थाना क्षेत्र में घर में घुसकर मारपीट, गाली-गलौज और अवैध असलहा लहराकर जान से मारने की धमकी देने के आरोप का मामला सामने आया है। ग्राम सराय इस्माईल निवासी एक व्यक्ति ने स्थानीय पुलिस पर शिकायत के बावजूद प्रभावी कार्रवाई नहीं करने का आरोप लगाते हुए अब पुलिस अधीक्षक बाराबंकी अर्पित विजयवर्गीय से शिकायत की है।
पीड़ित मोहम्मद आज़म पुत्र स्व. जाफर मेहदी ने एसपी को दिए शिकायती पत्र में विपक्षी पक्ष पर पुरानी रंजिश के चलते लगातार परेशान करने, रास्ते में रोककर गाली-गलौज करने, मारपीट करने और घर में घुसकर धमकाने के गंभीर आरोप लगाए हैं। पीड़ित ने मामले में प्राथमिकी दर्ज कर कानूनी कार्रवाई तथा अपना मेडिकल परीक्षण कराने की मांग की है।
पुरानी रंजिश के चलते रास्ते में रोककर मारपीट का आरोप
शिकायती पत्र के मुताबिक, पीड़ित का आरोप है कि विपक्षीगण मो. हैदर, शबीब, सहीर, असद पुत्रगण स्व. नकी हसन, जाबिर, अबूजर पुत्र मोहम्मदे, मार्फीन तस्कर मोहम्मदे पुत्र स्व. मो. वसी दबंग एवं आपराधिक प्रवृत्ति के व्यक्ति हैं और प्रार्थी से पुरानी रंजिश रखते हैं।
पीड़ित का कहना है कि विपक्षीगण कथित तौर पर आए दिन उसे रास्ते में रोककर गाली-गलौज करते हैं। आरोप है कि दबंगई के चलते वह विरोध करने से भी डरता रहा।
H2: नमाज पढ़कर लौटते समय रोकने और मारपीट करने का आरोप
पीड़ित के अनुसार, 3 अगस्त 2026 की सुबह करीब 4:30 बजे वह नमाज पढ़कर अपने घर लौट रहा था। इसी दौरान विपक्षी मोहम्मदे और अबूजर ने कथित तौर पर उसे रास्ते में रोक लिया।
शिकायत में आरोप लगाया गया है कि दोनों ने उससे यह कहते हुए गाली-गलौज और मारपीट की कि उसने पुलिस को क्यों बताया कि वे लोग अभी भी कथित रूप से मादक पदार्थों का व्यापार करते हैं।
पीड़ित का कहना है कि वह किसी तरह वहां से भागकर अपने घर पहुंचा।
घर में घुसकर कट्टा लहराने और धमकी देने का आरोप
शिकायत के मुताबिक, घटना के कुछ ही समय बाद करीब सुबह 5 बजे उपरोक्त सभी विपक्षीगण कथित तौर पर लाठी-डंडों से लैस होकर उसके घर में जबरन घुस आए।
पीड़ित ने आरोप लगाया है कि मो. हैदर और अबूजर ने हाथ में कट्टा लहराते हुए उसे और उसके परिवार को जान से मारने की धमकी दी।
पीड़ित के अनुसार, इस घटना की सूचना उसने डायल 1090 पर दी थी और कोठी थाने में लिखित तहरीर भी दी गई, लेकिन आरोप है कि इसके बावजूद प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई।
कार्रवाई नहीं होने के बाद दोबारा मारपीट का आरोप
पीड़ित का दावा है कि पहली घटना के बाद पुलिस कार्रवाई नहीं होने से विपक्षीगण के हौसले बढ़ गए और 8 अगस्त 2026 की रात करीब 8 बजे एक बार फिर उसके साथ मारपीट की गई।
शिकायती पत्र के अनुसार, उस समय पीड़ित अपने घर के बाहर बैठा था। आरोप है कि विपक्षीगण एक राय होकर वहां पहुंचे और उसके साथ लात-घूंसों से मारपीट शुरू कर दी।
पीड़ित का कहना है कि जान बचाने के लिए जब वह घर के अंदर भागा तो आरोपी पक्ष के लोग कथित तौर पर उसके घर में भी घुस आए और उसके साथ मारपीट की। आरोप है कि जाते समय भी उसे जान से मारने की धमकी दी गई।
लगातार धमकियों से परिवार में डर का माहौल
पीड़ित ने एसपी को दिए प्रार्थना पत्र में बताया कि कथित मारपीट में उसके शरीर पर काफी चोटें आई हैं। उसका आरोप है कि लगातार हो रही घटनाओं और कथित तौर पर अवैध असलहे से धमकी दिए जाने के कारण वह और उसका परिवार भयभीत हैं।
पीड़ित ने आशंका जताई है कि विपक्षीगण से उसे और उसके परिवार को जान-माल का गंभीर खतरा बना हुआ है।
SP से FIR दर्ज कर मेडिकल कराने की मांग
मोहम्मद आज़म ने पुलिस अधीक्षक अर्पित विजयवर्गीय से मामले में हस्तक्षेप की मांग की है। उन्होंने अपनी तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज कर आरोपित पक्ष के खिलाफ सुसंगत धाराओं में प्राथमिकी दर्ज करने, तत्काल मेडिकल परीक्षण कराने और मामले में प्रभावी कानूनी कार्रवाई किए जाने की मांग की है।
फिलहाल यह मामला पीड़ित की ओर से दिए गए शिकायती पत्र में लगाए गए आरोपों पर आधारित है। आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि और पुलिस की जांच के बाद ही पूरे मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। पुलिस अथवा नामजद विपक्षी पक्ष का आधिकारिक पक्ष सामने आने पर उसे भी खबर में शामिल किया जाना जरूरी होगा।
मामले में अब पुलिस कार्रवाई पर निगाह
लगातार मारपीट, घर में घुसने और अवैध असलहे से धमकी देने जैसे गंभीर आरोपों के बीच अब निगाहें पुलिस कार्रवाई पर हैं। पीड़ित ने जिस तरह पहले थाना स्तर पर शिकायत किए जाने के बावजूद कार्रवाई नहीं होने का आरोप लगाया है, उसकी भी जांच पुलिस अधिकारियों के लिए महत्वपूर्ण होगी।
रिपोर्ट – आसिफ हुसैन











