Barabanki News: डीएम ईशान प्रताप सिंह ने सीएचसी देवा का औचक निरीक्षण किया।
मरीजों को बाहर से दवा न खरीदने के निर्देश, पैथोलॉजी, जन्म प्रमाण पत्र और कंडम एंबुलेंस के निस्तारण पर दिए निर्देश।

बाराबंकी, उत्तर प्रदेश | 11 अगस्त 2026
उत्तर प्रदेश के बाराबंकी जिले में स्वास्थ्य सेवाओं की जमीनी हकीकत जानने के लिए जिलाधिकारी ईशान प्रताप सिंह ने मंगलवार को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) देवा का औचक निरीक्षण किया। डीएम ने अस्पताल की व्यवस्थाओं, मरीजों को मिल रही स्वास्थ्य सुविधाओं और चिकित्सकीय सेवाओं का बारीकी से जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने अधिकारियों और कर्मचारियों को मरीजों को बेहतर, सुलभ एवं गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने उपस्थिति पंजिका, ओपीडी, एक्स-रे, एएनसी कक्ष, बाल एवं स्त्री रोग विशेषज्ञ कक्ष, पैथोलॉजी और अस्पताल के वार्ड का निरीक्षण किया। उन्होंने अस्पताल में भर्ती एवं उपचार के लिए आए मरीजों से सीधे बातचीत कर उन्हें मिल रही सुविधाओं के बारे में जानकारी ली और स्वास्थ्य सेवाओं का फीडबैक प्राप्त किया।
मरीजों को बाहर से दवा खरीदने के लिए मजबूर न किया जाए
डीएम ईशान प्रताप सिंह ने अस्पताल में दवाओं की उपलब्धता को लेकर विशेष निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि मरीजों को यथासंभव अस्पताल में उपलब्ध दवाएं ही उपलब्ध कराई जाएं।
उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिया कि यदि किसी मरीज के उपचार के लिए अस्पताल में उपलब्ध दवा के अलावा किसी अन्य दवा की आवश्यकता हो तो प्रधानमंत्री जन औषधि केंद्र में उपलब्ध जेनेरिक दवाएं ही लिखी जाएं। मरीजों को अनावश्यक रूप से बाहर से दवा खरीदने के लिए विवश करना किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं होगा।
डीएम के इस निर्देश का उद्देश्य सरकारी अस्पताल में आने वाले मरीजों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ने से रोकना और उन्हें सरकारी स्वास्थ्य व्यवस्था के माध्यम से अधिक से अधिक सुविधाएं उपलब्ध कराना है।
पैथोलॉजी में रिएजेंट की उपलब्धता को लेकर दिए निर्देश
पैथोलॉजी विभाग के निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने जांच में इस्तेमाल होने वाले रिएजेंट की उपलब्धता की जानकारी ली। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि आवश्यक रिएजेंट का स्टॉक पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध रखा जाए।
उन्होंने कहा कि किसी जांच के लिए इस्तेमाल होने वाला रिएजेंट समाप्त होने के बाद व्यवस्था प्रभावित न हो, इसके लिए स्टॉक खत्म होने से पहले ही मांग और आपूर्ति की प्रक्रिया पूरी कर ली जाए। इससे मरीजों को जांच के लिए अनावश्यक परेशानी का सामना नहीं करना पड़ेगा।
अस्पताल में जन्म लेने वाले हर बच्चे का बने जन्म प्रमाण पत्र
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने अस्पताल में होने वाले प्रसव और जन्म प्रमाण पत्र जारी करने की व्यवस्था की भी जानकारी ली।
उन्होंने निर्देश दिया कि सीएचसी में जन्म लेने वाले प्रत्येक बच्चे का नियमानुसार जन्म प्रमाण पत्र जारी कराया जाए। इसके लिए संबंधित अधिकारी-कर्मचारी प्रक्रिया को समयबद्ध तरीके से पूरा करना सुनिश्चित करें।
कंडम एंबुलेंस और स्क्रैप के निस्तारण के निर्देश
अस्पताल परिसर के निरीक्षण के दौरान लंबे समय से अनुपयोगी पड़ी कंडम एंबुलेंस और अन्य स्क्रैप सामग्री भी डीएम की नजर में आई।
इस पर जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि केवल सीएचसी देवा ही नहीं, बल्कि सभी सरकारी अस्पतालों में लंबे समय से पड़े कंडम एवं अनुपयोगी सामान का नियमानुसार निस्तारण कराया जाए।
उन्होंने कहा कि अस्पताल परिसर में अनुपयोगी सामान लंबे समय तक पड़ा रहने से न केवल जगह घिरती है, बल्कि अस्पताल की व्यवस्थाओं पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। इसलिए नियमानुसार प्रक्रिया पूरी कर ऐसे सामान का निस्तारण सुनिश्चित किया जाए।
सरकारी अस्पतालों में बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना प्राथमिकता
जिलाधिकारी ईशान प्रताप सिंह ने कहा कि सरकारी अस्पतालों में आने वाले प्रत्येक मरीज को बेहतर, सुलभ और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना जिला प्रशासन की प्राथमिकता है।
उन्होंने अस्पताल के चिकित्सकों एवं कर्मचारियों को मरीजों के प्रति संवेदनशील रवैया अपनाने तथा उपलब्ध संसाधनों का बेहतर इस्तेमाल करने के निर्देश दिए।
निरीक्षण के दौरान सीएचसी अधीक्षक डॉ. संजीव कुमार सहित संबंधित चिकित्सक, अधिकारी एवं कर्मचारी मौजूद रहे।
रिपोर्ट – मंसूफ अहमद











