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Barabanki: निंदूरा में छुट्टा मवेशियों का आतंक, सांडों की भिड़ंत से बाजार में मची अफरा-तफरी; किसान-राहगीर परेशान

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Barabanki News: बाराबंकी के निंदूरा में छुट्टा मवेशियों का आतंक बढ़ा।

टिकैतगंज बाजार में सांडों की भिड़ंत से अफरा-तफरी, ग्रामीण पर हमला और हाईवे पर कार-सांड की टक्कर के बाद ग्रामीणों ने विशेष अभियान की मांग की।

बाराबंकी, उत्तर प्रदेश | 11 अगस्त 2026

उत्तर प्रदेश के बाराबंकी जिले के निंदूरा विकासखंड में छुट्टा मवेशियों की समस्या लगातार गंभीर होती जा रही है। ग्राम पंचायत मोहसंड के कस्बा टिकैतगंज समेत क्षेत्र के कई गांवों और प्रमुख मार्गों पर बड़ी संख्या में छुट्टा मवेशियों के घूमने से ग्रामीणों, किसानों और राहगीरों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। स्थिति यह है कि सड़क से लेकर बाजार और खेत-खलिहान तक छुट्टा मवेशियों का जमावड़ा दिखाई दे रहा है। इससे जहां सड़क हादसों का खतरा बना हुआ है, वहीं किसानों की फसलों को भी नुकसान पहुंच रहा है।

सोमवार को कस्बा टिकैतगंज के बाजार में काली माता मंदिर के पास दो छुट्टा सांडों के बीच अचानक भीषण संघर्ष हो गया। दोनों सांडों के उग्र रूप को देखकर बाजार में अफरा-तफरी मच गई। राहगीर अपनी जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे, जबकि कई दुकानदारों ने आनन-फानन में अपनी दुकानें बंद कर लीं।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, सांडों की भिड़ंत के दौरान बाजार में काफी देर तक दहशत का माहौल बना रहा। दुकानों के बाहर रखा सामान भी क्षतिग्रस्त होने की बात सामने आई है। गनीमत रही कि इस दौरान कोई बड़ा जनहानि वाला हादसा नहीं हुआ।

निंदूरा के कई इलाकों में छुट्टा मवेशियों की समस्या

स्थानीय लोगों के मुताबिक, छुट्टा मवेशियों की समस्या केवल टिकैतगंज बाजार तक सीमित नहीं है। ग्राम पंचायत मोहसंड के कस्बा टिकैतगंज के कुंडवा चौराहा, बसारा, जुम्मन पुरवा, निंदूरा, निगोहा और खींझना मार्ग समेत क्षेत्र की कई ग्राम पंचायतों में छुट्टा मवेशियों का जमावड़ा बना रहता है।

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कई बार मवेशी अचानक सड़क पर आ जाते हैं, जिससे दोपहिया वाहन चालकों को उन्हें बचाने के चक्कर में दुर्घटना का खतरा रहता है। वहीं रात के समय सड़कों पर बैठे मवेशियों के कारण हादसे की आशंका और बढ़ जाती है।

ग्रामीणों का कहना है कि छुट्टा मवेशियों की वजह से किसानों की खड़ी फसलें भी लगातार प्रभावित हो रही हैं। किसान दिन-रात खेतों की रखवाली करने को मजबूर हैं।

सांड के हमले में ग्रामीण का हाथ टूटा

क्षेत्रवासियों ने बताया कि करीब 15 दिन पहले बसारा निवासी दिलशाद और उनके पुत्र पर भी सांड ने हमला कर दिया था। इस हमले में दिलशाद का हाथ टूट गया था। घटना के बाद ग्रामीणों में छुट्टा मवेशियों को लेकर चिंता और बढ़ गई।

ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते इस समस्या का स्थायी समाधान नहीं किया गया तो आने वाले दिनों में कोई बड़ा हादसा हो सकता है।

कार और सांड की टक्कर में वाहन क्षतिग्रस्त, सांड का पैर टूटा

करीब एक सप्ताह पहले टिकैतगंज के पास लखनऊ-महमूदाबाद स्टेट हाईवे पर भी छुट्टा मवेशियों के कारण हादसा हुआ था। यहां एक कार की सड़क पर मौजूद भारी-भरकम सांड से जोरदार टक्कर हो गई।

टक्कर इतनी तेज थी कि कार का अगला हिस्सा बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। हादसे में सांड का पैर भी टूट गया। घटना की जानकारी मिलने पर सुबह ग्रामीणों ने पशु चिकित्सक को सूचना दी, जिसके बाद पशु चिकित्सक ने मौके पर पहुंचकर घायल सांड का उपचार किया।

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यह घटना भी इस बात की ओर इशारा करती है कि छुट्टा मवेशी अब केवल किसानों के लिए ही नहीं, बल्कि सड़क पर चलने वाले वाहन चालकों और खुद मवेशियों के लिए भी खतरा बनते जा रहे हैं।

शिकायतों के बावजूद प्रभावी अभियान नहीं चलने का आरोप

स्थानीय लोगों का आरोप है कि छुट्टा मवेशियों की समस्या को लेकर कई बार संबंधित अधिकारियों से शिकायत की जा चुकी है। इसके बावजूद ब्लॉक स्तर पर मवेशियों को पकड़ने के लिए कोई प्रभावी और नियमित अभियान दिखाई नहीं दे रहा है।

ग्रामीणों का कहना है कि शिकायत करने पर अधिकारियों की ओर से आश्वासन तो दिया जाता है, लेकिन समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो पा रहा है। नतीजतन छुट्टा मवेशियों की संख्या और उनके कारण होने वाली परेशानियां लगातार बढ़ती जा रही हैं।

सड़क, बाजार और खेतों तक पहुंचा छुट्टा मवेशियों का आतंक

क्षेत्रवासियों के अनुसार, छुट्टा मवेशियों की वजह से सड़क, बाजार, मोहल्ले और खेत-खलिहान सभी प्रभावित हैं। बाजारों में इनके अचानक घुसने से दुकानदारों और ग्राहकों के बीच डर बना रहता है। वहीं सड़कों पर इनके घूमने से राहगीरों और वाहन चालकों को हर समय दुर्घटना की आशंका रहती है।

किसानों के सामने सबसे बड़ी समस्या फसलों को बचाने की है। किसानों का कहना है कि छुट्टा मवेशियों के झुंड रात के समय खेतों में घुसकर फसलों को नुकसान पहुंचाते हैं, जिससे उनकी मेहनत और लागत दोनों प्रभावित हो रही हैं।

ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से विशेष अभियान की मांग की

लगातार बढ़ती समस्या को देखते हुए क्षेत्रवासियों ने जिला प्रशासन से निंदूरा विकासखंड में विशेष अभियान चलाने की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि छुट्टा मवेशियों को पकड़कर उन्हें गौशालाओं में भेजा जाए और संवेदनशील स्थानों पर नियमित निगरानी की व्यवस्था की जाए।

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ग्रामीणों ने यह भी मांग की है कि छुट्टा मवेशियों की समस्या के समाधान में लापरवाही बरतने वाले जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाए, ताकि भविष्य में किसी बड़े हादसे को रोका जा सके।

बड़े हादसे से पहले कार्रवाई की मांग

स्थानीय लोगों का कहना है कि टिकैतगंज बाजार में सांडों की भिड़ंत, ग्रामीण पर हमला और हाईवे पर कार से सांड की टक्कर जैसी घटनाएं पहले ही खतरे का संकेत दे चुकी हैं। ऐसे में प्रशासन को किसी गंभीर दुर्घटना का इंतजार करने के बजाय समय रहते प्रभावी अभियान चलाना चाहिए।

रिपोर्ट – ललित राजवंशी 

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