Barabanki News: बाराबंकी के सुबेहा में मिश्रन पुरवा माइनर कटने से धान की फसल जलमग्न हो गई।
किसानों ने सिंचाई विभाग पर लापरवाही का आरोप लगाया।
कई घंटे बाद भी मरम्मत शुरू नहीं हुई, गांव में पानी घुसने का खतरा बढ़ा।

बाराबंकी, उत्तर प्रदेश | 06 अगस्त 2026
उत्तर प्रदेश के बाराबंकी जिले के नगर पंचायत सुबेहा स्थित मौलाशाह बाबा की दरगाह के समीप सुबेहा रजबहा से जुड़ी मिश्रन पुरवा माइनर गुरुवार सुबह अचानक कट गई। माइनर कटते ही तेज बहाव का पानी आसपास के खेतों में घुस गया, जिससे बड़ी संख्या में किसानों की धान की फसल जलमग्न हो गई। किसानों ने फसल को भारी नुकसान की आशंका जताई है।
सबसे बड़ी बात यह रही कि घटना के कई घंटे बीत जाने के बावजूद सिंचाई विभाग का कोई जिम्मेदार अधिकारी या कर्मचारी मौके पर नहीं पहुंचा, जिससे किसानों में भारी नाराजगी और आक्रोश है।
खेतों में घुसा पानी, धान की फसल डूबने का खतरा
माइनर टूटने के बाद पानी तेजी से खेतों की ओर बहने लगा। देखते ही देखते कई किसानों के खेत पानी से भर गए और धान की खड़ी फसल जलमग्न हो गई। किसानों का कहना है कि यदि समय रहते कटान बंद नहीं किया गया तो पूरी फसल बर्बाद हो सकती है।
किसान बोले- देखने आए, लेकिन मरम्मत करने कोई नहीं रुका
स्थानीय किसान दिनेश सोनी ने बताया कि माइनर कटने की सूचना के बाद कुछ लोग मौके पर पहुंचे जरूर, लेकिन केवल निरीक्षण कर वापस लौट गए। कटान रोकने या मरम्मत शुरू कराने का कोई प्रयास नहीं किया गया, जिसके कारण लगातार पानी बह रहा है और नुकसान बढ़ता जा रहा है।
उन्होंने बताया कि माइनर की पटरी पर्याप्त चौड़ी नहीं है, जिसके कारण हर साल बरसात के दौरान कटान की घटनाएं होती हैं। इस वजह से किसानों की फसलें लगातार नुकसान झेल रही हैं, लेकिन विभाग स्थायी समाधान नहीं कर रहा।
गांव में पानी घुसने का भी खतरा
ग्रामीणों ने आशंका जताई है कि यदि माइनर की मरम्मत जल्द नहीं कराई गई तो पानी खेतों से निकलकर गांव की आबादी तक पहुंच सकता है। इससे ग्रामीणों को भी भारी परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।
किसानों ने सिंचाई विभाग से मांग की है कि तत्काल कटान बंद कर माइनर की मरम्मत कराई जाए, ताकि खेतों में जलभराव रोका जा सके और धान की फसल को बचाया जा सके।
अधिशासी अभियंता से संपर्क नहीं हो सका
इस मामले में सिंचाई विभाग का पक्ष जानने के लिए अधिशासी अभियंता नवनीत कुमार से संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन उनका मोबाइल फोन रिसीव नहीं हो सका। विभाग की ओर से समाचार लिखे जाने तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई थी।
रिपोर्ट – मंसूफ़ अहमद











