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बाराबंकी में पंचायत सहायकों का कार्य बहिष्कार: मानदेय बढ़ाने की मांग, 15 जून तक समाधान न होने पर इको गार्डन में धरने की चेतावनी

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बाराबंकी के त्रिवेदीगंज ब्लॉक में पंचायत सहायकों ने ₹6000 मानदेय बढ़ाने, संसाधन उपलब्ध कराने और सेवा संबंधी मांगों को लेकर कार्य बहिष्कार का ऐलान किया है।

15 जून तक समाधान न होने पर लखनऊ के इको गार्डन में धरना प्रदर्शन की चेतावनी दी गई है।

बाराबंकी, उत्तर प्रदेश | 01 जून 2026

उत्तर प्रदेश के बाराबंकी जिले के विकास खंड त्रिवेदीगंज में पंचायत सहायकों ने अपनी विभिन्न लंबित मांगों को लेकर कार्य बहिष्कार का ऐलान कर दिया है। पंचायत सहायकों ने खंड विकास अधिकारी को ज्ञापन सौंपते हुए 1 जून 2026 से मोबाइल आधारित सभी कार्यों एवं ऑनलाइन उपस्थिति प्रणाली का बहिष्कार करने का निर्णय लिया है। पंचायत सहायकों का कहना है कि संसाधनों की कमी, अत्यंत कम मानदेय और लगातार बढ़ते कार्यभार के बावजूद उनकी समस्याओं का समाधान नहीं किया जा रहा है।

रविवार को पंचायत सहायकों के प्रतिनिधिमंडल ने खंड विकास अधिकारी प्रियंका सिंह तथा सहायक विकास अधिकारी (पंचायत) ऋषिपाल सिंह को ज्ञापन सौंपकर अपनी मांगों से अवगत कराया। कर्मचारियों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर जल्द सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा।

₹6000 मानदेय में परिवार चलाना मुश्किल, पंचायत सहायकों का दावा

पंचायत सहायकों का कहना है कि वर्तमान में उन्हें मात्र ₹6000 प्रतिमाह मानदेय दिया जा रहा है, जो वर्तमान महंगाई के दौर में बेहद अपर्याप्त है। कर्मचारियों के अनुसार इतनी कम राशि में परिवार का भरण-पोषण करना मुश्किल हो गया है।

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पंचायत सहायकों ने मांग की कि उनके मानदेय में यथाशीघ्र वृद्धि की जाए ताकि वे सम्मानजनक तरीके से अपना जीवनयापन कर सकें।

बिना संसाधन कराए जा रहे ऑनलाइन और तकनीकी कार्य

ज्ञापन में पंचायत सहायकों ने आरोप लगाया कि उनसे स्मार्टफोन के माध्यम से ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज कराने के साथ-साथ विभिन्न सरकारी योजनाओं से जुड़े कार्य कराए जा रहे हैं, लेकिन इसके लिए न तो कोई इंटरनेट भत्ता दिया जाता है और न ही आवश्यक तकनीकी संसाधन उपलब्ध कराए जाते हैं।

उन्होंने कहा कि मोबाइल डेटा और तकनीकी उपकरणों का खर्च स्वयं कर्मचारियों को उठाना पड़ रहा है, जिससे आर्थिक बोझ लगातार बढ़ रहा है।

आयुष्मान कार्ड, ई-क्रॉप सर्वे और फार्मर रजिस्ट्री सहित कई अतिरिक्त जिम्मेदारियां

पंचायत सहायकों ने बताया कि मूल कार्यों के अतिरिक्त उनसे आयुष्मान कार्ड बनवाने, ई-क्रॉप सर्वे, फार्मर रजिस्ट्री, स्व-जनगणना समेत अनेक विभागीय कार्य कराए जा रहे हैं। उनका कहना है कि इन कार्यों के लिए पर्याप्त प्रशिक्षण भी उपलब्ध नहीं कराया गया है, जिससे उन्हें कार्य निष्पादन में कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है।

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कर्मचारियों का आरोप है कि लगातार बढ़ती जिम्मेदारियों के बावजूद उनकी सेवा शर्तों और सुविधाओं पर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है।

ऑनलाइन उपस्थिति और मोबाइल आधारित कार्यों का बहिष्कार

पंचायत सहायकों ने घोषणा की है कि 1 जून 2026 से वे मोबाइल आधारित सभी कार्यों तथा ऑनलाइन उपस्थिति प्रणाली का पूर्ण बहिष्कार करेंगे। हालांकि उन्होंने स्पष्ट किया कि आंदोलन पूरी तरह शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीके से किया जाएगा।

कर्मचारियों का कहना है कि जब तक उनकी समस्याओं का समाधान नहीं होता, तब तक वे ऑनलाइन माध्यम से संचालित कार्यों में सहयोग नहीं करेंगे।

15 जून तक मांगें पूरी न होने पर लखनऊ में प्रदर्शन

पंचायत सहायकों ने प्रशासन को चेतावनी दी है कि यदि 15 जून 2026 तक उनकी मांगों पर कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया तो वे लखनऊ स्थित इको गार्डन में प्रदेश स्तरीय धरना-प्रदर्शन करेंगे।

कर्मचारियों का कहना है कि लंबे समय से उनकी मांगें लंबित हैं और अब मजबूर होकर उन्हें आंदोलन का रास्ता अपनाना पड़ रहा है।

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बड़ी संख्या में पंचायत सहायकों ने दिया समर्थन

ज्ञापन सौंपने वालों में विकासखंड त्रिवेदीगंज पंचायत सहायक संघ के अध्यक्ष रोहित वर्मा, उपाध्यक्ष उत्तम कुमार, कोषाध्यक्ष अरुंधती वर्मा, रमन वर्मा, मोहम्मद बिलाल, अर्जुन, प्रीति वर्मा, आकाश कुमार, देवेंद्र कुमार, बलवंत वर्मा, शिल्पी वर्मा, शिवकुमार, प्रेरणा, रीता, राप्ती वर्मा, अश्वनी, अर्पिता यादव, लक्ष्मी यादव, अंजली यादव, सरिता, सविता, मनोज कुमार, अभिषेक, महेश सहित बड़ी संख्या में पंचायत सहायक कर्मचारी मौजूद रहे।

कर्मचारियों ने एक स्वर में कहा कि जब तक उनकी मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा।

रिपोर्ट – मंसूफ अहमद 

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Author: Kamran Alvi

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