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Barabanki: अवैध पेड़ कटान की शिकायत पर वन माफियाओं ने युवक को पीटा, जान से मारने दी धमकी; वीडियो साक्ष्य के बावजूद कार्रवाई शून्य…Video

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Barabanki: लोगों ने कानून व्यवस्था पर उठाए गंभीर सवाल

बाराबंकी के सफदरगंज थाना क्षेत्र में अवैध पेड़ कटान की शिकायत करने पर युवक से मारपीट और जान से मारने की धमकी का आरोप। वीडियो साक्ष्य होने के बावजूद पुलिस कार्रवाई पर उठे सवाल।

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बाराबंकी, उत्तर प्रदेश | 15 फरवरी 2026

बाराबंकी जिले के सफदरगंज थाना क्षेत्र में अवैध पेड़ कटान की शिकायत के बाद शिकायतकर्ता के साथ मारपीट और जान से मारने की धमकी देने का मामला सामने आया है। घटना का वीडियो साक्ष्य मौजूद होने के बावजूद पुलिस वन माफियाओं पर कार्रवाई नहीं कर रही, जिससे कानून-व्यवस्था एवं पुलिस की कार्यशैली पर सवाल खड़े हो रहे हैं।

 

प्रतिबंधित प्रजाति के पेड़ो की कटान का आरोप

ग्राम जमलापुर निवासी सियाराम पुत्र सुंदरलाल ने बताया कि 4 फरवरी 2026 को गांव में लगे 17 आम के हरे-भरे पेड़ों को बिना परमिट अवैध रूप से काटा जा रहा था। आरोप है कि पप्पू ड्राइवर, अरमान, ओमकार सिंह और रणजीत सिंह द्वारा कथित रूप से यह अवैध कटान की जा रही थी।

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सियाराम के अनुसार, उन्होंने इस संबंध में रामनगर के वन दरोगा और डिप्टी रेंजर से अवैध पेड़ कटान की शिकायत की थी।

 

शिकायत के बाद बुलाकर की मारपीट

पीड़ित का आरोप है कि शिकायत से नाराज़ होकर आरोपितों ने उन्हें सैदनपुर की पुलिया पर बुलाया, जहां उनके गाली-गलौज करते हुए उनके साथ मारपीट की गई और जान से मारने की धमकी दी गई।

सियाराम का यह भी कहना है कि आरोपितों ने पुलिस से साठगांठ कर उनके खिलाफ झूठा छिनौती (लूट) का मुकदमा दर्ज कराने की धमकी दी।

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वीडियो साक्ष्य के बावजूद कार्रवाई शून्य

पीड़ित का दावा है कि पूरी घटना का वीडियो साक्ष्य मौजूद है, लेकिन इसके बावजूद पुलिस द्वारा आरोपियों के खिलाफ कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। जिससे वह और उनका परिवार भय के माहौल में जीने को मजबूर है।

इस मामले में जब थाना प्रभारी सफदरगंज से संपर्क किया गया तो उन्होंने बताया कि घटना की जानकारी मिली है और मामले की जांच कराकर विधिक कार्रवाई की जाएगी।

 

कानून व्यवस्था पर उठे सवाल

अवैध पेड़ कटान जैसे पर्यावरणीय अपराध और शिकायतकर्ता के साथ कथित मारपीट की घटना का वीडियो साक्ष्य मौजूद होने के बाद भी कार्रवाई शून्य होने ने स्थानीय प्रशासन की कार्यशैली पर प्रश्नचिन्ह लगा दिया है। स्थानीय लोग मामले की निष्पक्ष जांच और आरोपियों के खिलाफ त्वरित कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।

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रिपोर्ट – मंसूफ अहमद 

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Author: Kamran Alvi

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