Barabanki News: कोतवाली नगर पुलिस ने ई-रिक्शा चोरी के मामले में लखनऊ और गोंडा के 3 आरोपियों को गिरफ्तार किया।
चोरी का ई-रिक्शा, 4 बैटरियां, नकदी और बाइक बरामद।

बाराबंकी, उत्तर प्रदेश | 09 अगस्त 2026
उत्तर प्रदेश के बाराबंकी जिले में ई-रिक्शा चोरी की घटनाओं पर लगाम लगाने के लिए चलाए जा रहे अभियान के बीच कोतवाली नगर पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने ई-रिक्शा चोरी के मामले में तीन आरोपियों को गिरफ्तार करने का दावा किया है। गिरफ्तार आरोपियों के कब्जे से चोरी का ई-रिक्शा, चार ई-रिक्शा बैटरियां, नकदी और वारदात में इस्तेमाल की गई मोटरसाइकिल बरामद की गई है।
पुलिस के मुताबिक, गिरफ्तार आरोपी अलग-अलग स्थानों से ई-रिक्शा चोरी करने के बाद उनके पुर्जे अलग कर उन्हें कबाड़ अथवा अन्य माध्यमों से बेचने का काम करते थे। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इस गिरोह ने अब तक कितनी चोरी की वारदातों को अंजाम दिया है और इनके साथ अन्य कौन-कौन लोग जुड़े हैं।
शुगर मिल रोड से तीन आरोपी गिरफ्तार
पुलिस अधीक्षक बाराबंकी अर्पित विजयवर्गीय के निर्देश पर जिले में अपराध और अपराधियों के खिलाफ अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में कोतवाली नगर पुलिस टीम ने 08 अगस्त 2026 को ई-रिक्शा चोरी के मामले में तीन आरोपियों को शुगर मिल रोड, बाराबंकी से गिरफ्तार किया।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान इस प्रकार हुई है—
- शिवा पुत्र कैलाश, निवासी पक्का तालाब, थाना चिनहट, जनपद लखनऊ।
- सूरज पुत्र रामभरत कन्नौजिया, निवासी पक्का तालाब, थाना चिनहट, जनपद लखनऊ।
- रामजीपाल पुत्र बृजलाल पाल, निवासी बिशुनपुरा, थाना करनैलगंज, जनपद गोंडा।
पुलिस के अनुसार तीनों आरोपी कोतवाली नगर थाने में दर्ज मु0अ0सं0 575/2026, धारा 303(2)/317(2) बीएनएस से संबंधित हैं।
चोरी का ई-रिक्शा और चार बैटरियां बरामद
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से चोरी का एक ई-रिक्शा संख्या UP 41 CT 1728, चार ई-रिक्शा बैटरियां, 350 रुपये नकद व घटना में प्रयुक्त एक मोटरसाइकिल स्प्लेंडर संख्या UP 41 BL 2228 बरामद करने का दावा किया है।
पुलिस के मुताबिक बरामद ई-रिक्शा उसी चोरी के मामले से संबंधित है, जिसमें आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया था।
ई-रिक्शा चोरी कर पुर्जे अलग करने का आरोप
पुलिस की पूछताछ और जांच में सामने आए तथ्यों के आधार पर आरोप है कि तीनों आरोपी संगठित तरीके से ई-रिक्शा चोरी करते थे।
पुलिस के अनुसार चोरी किए गए ई-रिक्शा को सीधे बेचने के बजाय उसके पुर्जे अलग कर दिए जाते थे। इसके बाद इन पुर्जों को कबाड़ या अन्य माध्यमों से बेचकर रकम हासिल की जाती थी।
अब पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि गिरोह ने बाराबंकी के अलावा आसपास के अन्य जिलों में भी ई-रिक्शा चोरी की घटनाओं को अंजाम दिया है या नहीं।
पुलिस जांच में सामने आएगा गिरोह का पूरा नेटवर्क
तीन आरोपियों की गिरफ्तारी और चोरी के ई-रिक्शा तथा बैटरियों की बरामदगी के बाद पुलिस अब गिरोह के संभावित नेटवर्क की जांच कर रही है।
जांच का अहम बिंदु यह भी है कि चोरी के ई-रिक्शा और उनके पुर्जे किन लोगों को बेचे जाते थे। पुलिस यह भी पता लगाने का प्रयास कर रही है कि चोरी के सामान को खपाने में किसी कबाड़ी या अन्य व्यक्ति की भूमिका तो नहीं है।
यदि जांच में अन्य लोगों की संलिप्तता सामने आती है तो उनके खिलाफ भी नियमानुसार कार्रवाई की जा सकती है।
इन पुलिसकर्मियों की टीम ने की गिरफ्तारी
ई-रिक्शा चोरी के आरोपियों की गिरफ्तारी और बरामदगी करने वाली पुलिस टीम में—
- प्रभारी निरीक्षक सुधीर कुमार सिंह, थाना कोतवाली नगर, बाराबंकी
- उपनिरीक्षक संजय कुमार यादव, थाना कोतवाली नगर, बाराबंकी
- आरक्षी सिद्धांत, थाना कोतवाली नगर, बाराबंकी
- आरक्षी राहुल, थाना कोतवाली नगर, बाराबंकी
- आरक्षी आशीष चौहान, थाना कोतवाली नगर, बाराबंकी
शामिल रहे।
पुलिस के सामने अब बड़ी चुनौती, कितनी वारदातों से जुड़े हैं आरोपी?
तीन आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद अब पुलिस के सामने सबसे बड़ा सवाल यह है कि ई-रिक्शा चोरी का यह नेटवर्क कितना बड़ा है और अब तक कितनी वारदातों को अंजाम दिया जा चुका है।
चोरी के ई-रिक्शा के साथ चार बैटरियों की बरामदगी से पुलिस की जांच का दायरा भी बढ़ गया है। पुलिस गिरोह के अन्य संभावित सदस्यों और चोरी के सामान को खरीदने या खपाने वालों तक पहुंचने की कोशिश कर रही है।
रिपोर्ट – मंसूफ अहमद / अली चांद











