Barabanki News:
आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने लंबित मांगों को लेकर प्रशासन को ज्ञापन सौंपा। सरकारी कर्मचारी का दर्जा, पेंशन व पोषण ट्रैकर भत्ते की मांग, अप्रैल 2026 से आंदोलन की चेतावनी।

बाराबंकी, उत्तर प्रदेश। 30 जनवरी 2026
आंगनबाड़ी कार्यकर्त्रियों एवं सहायिकाओं की वर्षों से लंबित चली आ रही मांगों के समाधान को लेकर आंगनबाड़ी संयुक्त मोर्चा एवं उससे जुड़े संगठनों ने गुरुवार को प्रशासन के समक्ष जोरदार आवाज उठाई। इसी क्रम में संगठन की पदाधिकारियों के नेतृत्व में सैकड़ों कार्यकत्रियां नवाबगंज तहसील पहुंची और तहसीलदार को ज्ञापन सौंपते हुए सरकार से शीघ्र निर्णय लेने की मांग की।
ज्ञापन में उल्लेख किया गया कि आंगनबाड़ी कार्यकत्री दशकों से महिला एवं बाल विकास विभाग की रीढ़ के रूप में कार्य कर रही है। पोषण, टीकाकरण, मातृ-शिशु स्वास्थ्य, गर्भवती महिलाओं की देखभाल एवं सरकारी योजनाओं के सफल क्रियान्वयन में उनकी भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है। इसके बावजूद आज तक उन्हें पूर्णकालिक सरकारी कर्मचारी का दर्जा नहीं मिल सका है और न ही वैधानिक सुविधाएं उपलब्ध कराई गई है।
संगठन की ओर से बताया गया की इससे पहले भी कई बार प्रशासन और सरकार को ज्ञापन सौंपे जा चुके हैं। 9 जनवरी एवं 18 जनवरी 2026 को आंदोलन की पूर्व सूचना भी दी गई थी, लेकिन अब तक सरकार की ओर से कोई ठोस और सकारत्मक पहल नहीं की गई, जिससे आंगनबाड़ी कार्यकर्त्रियों में गहरा रोष है।

आगनबाड़ी कार्यकर्त्रियों की प्रमुख मांगें
ज्ञापन में आंगनबाड़ी कार्यकर्त्रियों एवं सहायिकाओं की प्रमुख मांगों को स्पष्ट रूप से रखा गया, जिनमें—
- आंगनबाड़ी कार्यकर्त्रियों को सरकारी कर्मचारी का दर्जा
- सेवानिवृत्त आयु 65 वर्ष निर्धारित करने
- पेंशन एवं ग्रेच्युटी की सुविधा
- समयबद्ध पदोन्नति व्यवस्था
- पोषण ट्रैकर के संचालन हेतु मोबाइल व डाटा भत्ता
- प्रोत्साहन राशि को मानदेय में शामिल करने
- किराए पर संचालित आगनबाड़ी केंद्रों के लिए बाजार दर के अनुरूप किराया भुगतान जैसी मांगे शामिल है।
इस अवसर पर आगनबाड़ी जिला अध्यक्ष मनीष कनौजिया के नेतृत्व में नायब तहसीलदार को ज्ञापन सौंपा गया। उन्होंने कहा कि सभी सुपरवाइजर एवं आंगनबाड़ी कार्यकर्त्रियों ने एकजुट होकर यह ज्ञापन दिया है और सरकार से अपेक्षा की जा रही है कि मांगो पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय लिया जाएगा।
अप्रैल 2026 से ऑनलाइन कार्यों के बहिष्कार की चेतावनी
संगठन की ओर से चेतावनी दी गई कि यदि सरकार द्वारा मांगो पर जल्द कोई निर्णय नहीं लिया गया, तो अप्रैल 2026 से पोषण ट्रैकर सहित सभी ऑनलाइन कार्यों का पूर्ण बहिष्कार किया जाएगा। इसकी समस्त जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी।
रिपोर्ट – मंसूफ अहमद / उस्मान















