बाराबंकी के माती क्षेत्र के चरपुरवा गांव में पुरानी रंजिश को लेकर एक परिवार के चार लोगों पर धारदार हथियारों से हमला। महिला जिला अस्पताल रेफर, पुलिस पर कार्रवाई न करने का आरोप।

बाराबंकी, उत्तर प्रदेश | 02 अक्टूबर 2026
बाराबंकी जिले के माती कोतवाली क्षेत्र में पुरानी रंजिश को लेकर दंबगों द्वारा एक परिवार पर धारदार हथियारों से हमला किए जाने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। चरपुरवा मजरे टाईखुर्द गांव में गुरुवार देर शाम करीब 8 बजे हुए कथित हमले में एक ही परिवार के चार लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। घायलों में एक महिला भी शामिल है, जिसकी हालत गंभीर होने पर उसे जिला अस्पताल रेफर किया गया है।
पीड़ित परिवार ने गांव के ही कुछ दबंगों पर हमला करने का आरोप लगाते हुए माती कोतवाली में तहरीर देने की बात कही है। परिवार का आरोप है कि शिकायत के बावजूद अभी तक किसी आरोपी की गिरफ्तारी नहीं हुई है। पीड़ितों ने आरोपियों से जान का खतरा बताते हुए पुलिस से तत्काल कार्रवाई और सुरक्षा की मांग की है।
खेत में घुसे सांड को भगाने गए युवक पर हमला
जानकारी के मुताबिक, चरपुरवा मजरे टाईखुर्द निवासी राम प्रताप यादव की गांव के ही जगभान यादव से पुरानी रंजिश चल रही है। गुरुवार देर शाम करीब 8 बजे एक आवारा सांड राम प्रताप यादव के घर के पास स्थित खेत में घुस गया और धान की फसल को नुकसान पहुंचाने लगा।
बताया गया कि राम प्रताप का पुत्र रंजीत सांड को खेत से बाहर भगाने के लिए पहुंचा। इसी दौरान पास में रहने वाले जगभान यादव, लवकुश यादव, राजकुमार यादव, अनिल यादव, राजू और शिवम वहां पहुंच गए।
पीड़ित परिवार का आरोप है कि आरोपियों ने रंजीत के साथ गाली-गलौज शुरू कर दी। रंजीत ने इसका विरोध किया तो आरोपियों ने कथित तौर पर उस पर धारदार हथियारों से हमला कर दिया।
बेटे को बचाने पहुंचे पिता, मां और भाई भी घायल
रंजीत की चीख-पुकार सुनकर उसके पिता राम प्रताप यादव, मां जगरानी और भाई मंजीत उसे बचाने के लिए मौके पर पहुंचे। आरोप है कि हमलावरों ने उन पर भी धारदार हथियारों से हमला कर दिया।
हमले में राम प्रताप यादव, रंजीत, मंजीत और जगरानी घायल हो गए। घटना के बाद गांव में अफरा-तफरी और दहशत का माहौल बन गया।


घायलों को सीएचसी देवा पहुंचाया गया
घटना की सूचना दिए जाने के बावजूद काफी देर तक माती कोतवाली पुलिस और एंबुलेंस मौके पर नहीं पहुंची। परिवार के लोगों द्वारा किसी तरह सभी घायलों को उपचार के लिए सीएचसी देवा ले जाया गया।
CHC के चिकित्सकों ने महिला जगरानी की हालत गंभीर देखते हुए उन्हें बेहतर उपचार के लिए जिला अस्पताल रेफर कर दिया। वहीं राम प्रताप यादव, रंजीत और मंजीत का उपचार सीएचसी देवा में किए जाने की जानकारी सामने आई है।
पीड़ित परिवार का आरोप- तहरीर देने के बाद भी नहीं हुई गिरफ्तारी
पीड़ित परिवार का कहना है कि घटना के बाद उन्होंने माती कोतवाली पहुंचकर पुलिस को तहरीर दी और आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। परिवार का आरोप है कि इसके बावजूद अभी तक किसी आरोपी को गिरफ्तार नहीं किया गया है।
पीड़ितों के मुताबिक, आरोपी खुलेआम घूम रहे हैं और परिवार को कथित तौर पर गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी दे रहे हैं। इसके चलते परिवार के लोगों में भय का माहौल है।
आरोपियों पर आपराधिक मामलों का भी दावा
पीड़ित परिवार ने आरोप लगाया है कि नामजद आरोपी दबंग और आपराधिक छवि के हैं तथा उनके खिलाफ पूर्व में भी कई आपराधिक मामले दर्ज हैं। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है।
परिवार का कहना है कि यदि आरोपियों के खिलाफ जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो उन्हें और उनके परिवार के सदस्यों को नुकसान पहुंचने की आशंका है। उन्होंने पुलिस अधिकारियों से मामले की निष्पक्ष जांच, आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई और परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है।
पुलिस कार्रवाई पर अब सबकी नजर
घटना के बाद अब पुलिस की ओर से की जाने वाली कार्रवाई महत्वपूर्ण है। पुलिस द्वारा तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज किया गया है या नहीं, आरोपों की जांच में क्या तथ्य सामने आते हैं और नामजद आरोपियों की गिरफ्तारी होती है या नहीं, यह आगे की कार्रवाई के बाद स्पष्ट होगा।
रिपोर्ट – मंसूफ अहमद
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