Barabanki News: बाराबंकी में आम आदमी पार्टी ने सोनम वांगचुक के समर्थन में सतरिख नाका से कलेक्ट्रेट तक पैदल मार्च निकाला।
शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे, जंतर-मंतर लाठीचार्ज की जांच और युवाओं के अधिकारों की रक्षा की मांग करते हुए राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा।

बाराबंकी, उत्तर प्रदेश | 20 जुलाई 2026
देशभर में शिक्षा व्यवस्था, पेपर लीक और युवाओं के भविष्य को लेकर जारी बहस के बीच आम आदमी पार्टी (AAP) ने बाराबंकी में मशहूर शिक्षाविद एवं सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक के समर्थन में पैदल मार्च निकालकर केंद्र सरकार के खिलाफ विरोध दर्ज कराया। पार्टी कार्यकर्ताओं ने सतरिख नाका चौराहे से कलेक्ट्रेट तक मार्च निकालते हुए प्रशासनिक अधिकारी के माध्यम से राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे, जंतर-मंतर पर हुई पुलिस कार्रवाई की जांच और युवाओं के लोकतांत्रिक अधिकारों की सुरक्षा की मांग की गई।

AAP ने कहा- युवाओं के भविष्य के लिए 21 दिनों तक अनशन करते रहे सोनम वांगचुक
आम आदमी पार्टी के जिलाध्यक्ष जुगराज सिंह ने कहा कि प्रसिद्ध शिक्षाविद सोनम वांगचुक पिछले 21 दिनों तक नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर अनशन पर बैठे रहे। उनका आंदोलन उन लाखों छात्रों के समर्थन में था, जो NEET पेपर लीक और अन्य भर्ती परीक्षाओं में लगातार सामने आ रहे पेपर लीक मामलों से मानसिक तनाव और भविष्य की अनिश्चितता का सामना कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि सोनम वांगचुक की प्रमुख मांग थी कि शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा दें और छात्रों को न्याय दिलाने के लिए केंद्र सरकार ठोस कदम उठाए। लेकिन 21 दिनों तक चले इस आंदोलन के बावजूद केंद्र सरकार की ओर से कोई सकारात्मक पहल नहीं की गई।
जंतर-मंतर पर पुलिस कार्रवाई को बताया लोकतंत्र पर हमला
जुगराज सिंह ने आरोप लगाया कि 18 जुलाई को अचानक भारी पुलिस बल ने जंतर-मंतर को घेर लिया और शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे युवाओं पर लाठीचार्ज किया गया।
उन्होंने कहा कि—
- 21 दिनों से अनशन के कारण कमजोर हो चुके सोनम वांगचुक को पुलिस ने जबरन अस्पताल में भर्ती कराया।
- 20 जुलाई को प्रस्तावित ‘संसद मार्च’ को रोकने के उद्देश्य से प्रशासन ने यह कार्रवाई की।
- आंदोलन से जुड़े कार्यकर्ता अभिजीत दीपके को भी हिरासत में लिया गया।
- सरकार लोकतांत्रिक तरीके से अपनी बात रखने वाले युवाओं की आवाज को दबाने का प्रयास कर रही है।
AAP नेताओं ने आरोप लगाया कि किसानों, महिलाओं और अब युवाओं की आवाज को भी प्रशासनिक बल प्रयोग के जरिए दबाया जा रहा है, जो लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए चिंताजनक संकेत है।

“पेपर लीक और बेरोजगारी से परेशान है देश का युवा”
जिला अध्यक्ष जुगराज सिंह ने कहा कि आज देश का युवा बेरोजगारी, भर्ती परीक्षाओं में धांधली और लगातार हो रहे पेपर लीक से बेहद परेशान है। ऐसे समय में सोनम वांगचुक का आंदोलन युवाओं की पीड़ा को सामने लाने का प्रयास है।
उन्होंने कहा कि यदि युवाओं का भविष्य सुरक्षित नहीं होगा तो देश का विकास भी प्रभावित होगा। इसलिए सरकार को युवाओं के मुद्दों पर गंभीरता से निर्णय लेना चाहिए।
राष्ट्रपति के नाम सौंपे गए ज्ञापन में उठाईं ये प्रमुख मांगें
आम आदमी पार्टी के प्रतिनिधिमंडल ने राष्ट्रपति के नाम दिए गए ज्ञापन में निम्नलिखित मांगें रखीं—
- केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का तत्काल इस्तीफा लिया जाए।
- सोनम वांगचुक एवं आंदोलनकारी युवाओं पर हुई पुलिस कार्रवाई और लाठीचार्ज की उच्चस्तरीय जांच कराई जाए।
- जंतर-मंतर सहित देशभर में शांतिपूर्ण प्रदर्शन के संवैधानिक अधिकारों की रक्षा सुनिश्चित की जाए।
राष्ट्रपति से हस्तक्षेप की अपील
ज्ञापन में कहा गया कि राष्ट्रपति संविधान की संरक्षक हैं और जब लोकतांत्रिक अधिकारों पर संकट उत्पन्न हो, तब देश की जनता उनकी ओर आशा भरी निगाहों से देखती है।
AAP नेताओं ने राष्ट्रपति से अपील की कि युवाओं के भविष्य, लोकतांत्रिक अधिकारों और शिक्षा व्यवस्था की पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए तत्काल हस्तक्षेप किया जाए।
बड़ी संख्या में कार्यकर्ता रहे मौजूद
इस विरोध मार्च में ओबीसी प्रकोष्ठ अध्यक्ष नफीस अंसारी, व्यापार प्रकोष्ठ अध्यक्ष रवि पांडे, रामनगर विधानसभा अध्यक्ष राजू शुक्ला, महिला जिला अध्यक्ष अफसाना बानो, नन्हे राम यादव, अजय वर्मा, टानू चौहान, अयोध्या प्रजापति, चांद बाबू, बलवंत यादव, अरविंद यादव, नफील खान, हंसराज गौतम, हरिपाल धनगर, नियाज़, जवाहर, बलजीत सिंह सहित दर्जनों कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
रिपोर्ट – मंसूफ अहमद












