Barabanki News: बाराबंकी के निंदूरा ब्लॉक में 7 मई को डीएम ईशान प्रताप सिंह द्वारा उद्घाटित वाटर कूलर महज दो महीने में खराब हो गया।
4.40 लाख की लागत वाला दूसरा वाटर कूलर भी बंद, पेयजल संकट से फरियादी परेशान।

बाराबंकी, उत्तर प्रदेश | 17 जुलाई 2026
उत्तर प्रदेश सरकार सरकारी कार्यालयों में आम जनता को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के दावे कर रही है, लेकिन बाराबंकी जिले के निंदूरा विकास खंड कार्यालय की तस्वीर इन दावों पर सवाल खड़े कर रही है। यहां 7 मई 2026 को जिलाधिकारी ईशान प्रताप सिंह ने जिस आधुनिक वाटर कूलर का लोकार्पण किया था, वह महज दो महीने के भीतर ही खराब होकर शोपीस बन गया।
करीब 4.40 लाख रुपये की लागत से लगाए गए इस वाटर कूलर का उद्देश्य ब्लॉक परिसर में आने वाले फरियादियों, ग्राम प्रधानों, जनप्रतिनिधियों और कर्मचारियों को शुद्ध एवं ठंडा पेयजल उपलब्ध कराना था, लेकिन जुलाई में ही इसकी हालत ऐसी हो गई कि अब इसमें ठंडा पानी पूरी तरह बंद है।

दो महीने भी नहीं चला डीएम के हाथों उद्घाटित वाटर कूलर
बताया जा रहा है कि 7 मई 2026 को निंदूरा ब्लॉक परिसर में क्षेत्र पंचायत निधि एवं पंचम राज्य वित्त आयोग से लगभग 4 लाख 40 हजार रुपये की लागत से एक नया वाटर कूलर लगाया गया था। इसका विधिवत लोकार्पण स्वयं जिलाधिकारी ईशान प्रताप सिंह ने किया था।
इस मशीन में दो सुविधाएं उपलब्ध कराई गई थीं—
- RO युक्त ठंडा पेयजल
- सामान्य पेयजल
लेकिन लोकार्पण के कुछ ही समय बाद मशीन में तकनीकी खराबी आ गई। वर्तमान में केवल सामान्य पानी निकल रहा है, जबकि ठंडा पानी पूरी तरह बंद हो चुका है।
यानी ब्लॉक परिसर में मौजूद दोनों आधुनिक पेयजल व्यवस्थाएं एक साथ जवाब दे चुकी हैं।
पुराना एटीएम वाटर कूलर पहले से ही एक साल से खराब
ब्लॉक परिसर में पहले से लगा एटीएम वाटर कूलर भी करीब एक वर्ष से खराब पड़ा है।
ऐसे में ब्लॉक कार्यालय में रोजाना आने वाले सैकड़ों लोगों को भीषण गर्मी में ठंडा पानी तो दूर, शुद्ध पेयजल के लिए भी परेशानी उठानी पड़ रही है।
फरियादी और ग्राम प्रधान गर्मी में परेशान
निंदूरा ब्लॉक में प्रतिदिन बड़ी संख्या में ग्रामीण विभिन्न सरकारी योजनाओं, प्रमाण पत्रों और विकास कार्यों के सिलसिले में पहुंचते हैं।
लोगों का कहना है कि लाखों रुपये खर्च कर मशीनें लगाने का क्या फायदा, जब उनका रखरखाव ही नहीं हो पा रहा। यदि समय रहते मरम्मत कराई जाती तो जनता को इस परेशानी का सामना नहीं करना पड़ता।
बीडीओ बोले- ओवरलोडिंग से जली वायरिंग
खंड विकास अधिकारी ने बताया कि बिजली की ओवरलोडिंग के कारण वाटर कूलर की वायरिंग जल गई थी।
उन्होंने कहा कि मरम्मत का कार्य कराया जा रहा है और जल्द ही मशीन को दोबारा चालू कर दिया जाएगा।
रिपोर्ट – ललित राजवंशी











