Barabanki News: बाराबंकी के त्रिवेदीगंज ब्लॉक स्थित साधन सहकारी समिति मवईया मझिगवां में रात में चोरी-छिपे यूरिया खाद वितरण का वीडियो वायरल हुआ है।
किसानों ने समिति अध्यक्ष और सचिव पर अपने खास लोगों को खाद देने का आरोप लगाया। जिला कृषि अधिकारी ने जांच के आदेश दिए हैं।

बाराबंकी, उत्तर प्रदेश | 26 जुलाई 2026
उत्तर प्रदेश के बाराबंकी जिले में इन दिनों किसानों के बीच यूरिया खाद की भारी किल्लत बनी हुई है। ऐसे समय में त्रिवेदीगंज विकासखंड की साधन सहकारी समिति मवईया मझिगवां का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसने खाद वितरण व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। वायरल वीडियो में देर रात कुछ लोगों को यूरिया खाद वितरित करते हुए देखा जा सकता है। ग्रामीणों का आरोप है कि समिति अध्यक्ष और सचिव ने दिन में वितरण रोककर रात के अंधेरे में अपने खास लोगों को चोरी-छिपे खाद उपलब्ध कराई।
मामले के सामने आने के बाद किसानों में भारी नाराजगी है। वहीं जिला कृषि अधिकारी ने पूरे मामले की जांच कराने और दोषी पाए जाने पर कार्रवाई का भरोसा दिया है।
वायरल वीडियो में रात के समय यूरिया वितरण का दावा
सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो में दावा किया जा रहा है कि रात करीब 9 बजे साधन सहकारी समिति मवईया मझिगवां में चुनिंदा लोगों को यूरिया खाद का वितरण किया जा रहा था।
ग्रामीणों का कहना है कि जब दिन में किसान खाद लेने पहुंचे तो उन्हें स्टॉक खत्म होने या वितरण बंद होने की बात कहकर लौटा दिया गया, जबकि रात में गुपचुप तरीके से खाद बांटी गई।

समिति अध्यक्ष और सचिव पर लगे गंभीर आरोप
ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि समिति अध्यक्ष रामनरेश वर्मा, निवासी ग्राम रायपुर तथा समिति सचिव पंकज वर्मा (जो अध्यक्ष के पुत्र के साले बताए जा रहे हैं) की मिलीभगत से खाद वितरण में अनियमितता की जा रही है।
किसानों का आरोप है कि—
- दिन के समय सामान्य किसानों को खाद नहीं दी जाती।
- रात के अंधेरे में अपने खास लोगों को यूरिया उपलब्ध कराई जाती है।
- जरूरतमंद किसानों को खाद के लिए घंटों लाइन में लगना पड़ रहा है।
- वितरण प्रक्रिया में पारदर्शिता नहीं बरती जा रही।
किसानों में आक्रोश, सोशल मीडिया पर वायरल हुआ वीडियो
रात में कथित रूप से हो रहे खाद वितरण से नाराज किसानों ने मौके का वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया। वीडियो वायरल होने के बाद पूरे इलाके में चर्चा का विषय बना हुआ है।
किसानों का कहना है कि खेती का समय चल रहा है और यूरिया की भारी कमी के कारण पहले ही फसल प्रभावित होने की आशंका बनी हुई है। ऐसे में यदि खाद वितरण में पक्षपात और अनियमितता होगी तो छोटे और गरीब किसानों को सबसे अधिक नुकसान उठाना पड़ेगा।
जांच के आदेश, जिला कृषि अधिकारी ने दिया कार्रवाई का भरोसा
मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए जिला कृषि अधिकारी राजितराम ने कहा कि वायरल वीडियो और शिकायत उनके संज्ञान में आ गई है।
उन्होंने बताया कि पूरे मामले की जांच कराई जा रही है। यदि जांच में खाद वितरण में किसी प्रकार की अनियमितता या नियमों का उल्लंघन पाया जाता है तो संबंधित जिम्मेदार अधिकारियों एवं कर्मचारियों के विरुद्ध नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
खाद संकट के बीच पारदर्शिता पर उठे सवाल
बाराबंकी जिले में इस समय यूरिया खाद की मांग लगातार बढ़ी हुई है। किसान कई-कई घंटे समितियों और केंद्रों पर लाइन लगाकर खाद लेने को मजबूर हैं। ऐसे में यदि किसी समिति पर रात में चोरी-छिपे खाद वितरण के आरोप लगते हैं तो यह पूरी वितरण व्यवस्था की पारदर्शिता पर सवाल खड़े करता है।
अब किसानों की निगाहें प्रशासनिक जांच पर टिकी हैं कि वायरल वीडियो के आधार पर क्या कार्रवाई होती है और दोषियों के खिलाफ क्या कदम उठाए जाते हैं।
रिपोर्ट – मंसूफ अहमद











