बाराबंकी के रसौली रेलवे स्टेशन पर मालगाड़ी के डिब्बे पर चढ़ा 22 वर्षीय मानसिक रूप से बीमार युवक हाईटेंशन लाइन की चपेट में आकर गंभीर रूप से झुलस गया।
ग्रामीणों ने एंबुलेंस से जिला अस्पताल पहुंचाया। घटना के बाद रेलवे सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं।

बाराबंकी, उत्तर प्रदेश | 13 जुलाई 2026
उत्तर प्रदेश के बाराबंकी जिले में एक दर्दनाक हादसा सामने आया है। लखनऊ-अयोध्या रेलमार्ग पर स्थित रसौली रेलवे स्टेशन पर खड़ी मालगाड़ी के डिब्बे पर चढ़े एक मानसिक रूप से बीमार युवक की हाईटेंशन ओवरहेड विद्युत लाइन की चपेट में आने से गंभीर रूप से झुलसने की घटना ने इलाके में सनसनी फैला दी। हादसे के बाद मौके पर मौजूद ग्रामीणों ने तत्परता दिखाते हुए युवक को एंबुलेंस से जिला अस्पताल पहुंचाया, जहां उसका इलाज चल रहा है।
एक सप्ताह से स्टेशन पर खड़े थे मालगाड़ी के डिब्बे
जानकारी के अनुसार, रसौली रेलवे स्टेशन पर पिछले लगभग एक सप्ताह से मालगाड़ी के कुछ खाली डिब्बे खड़े हुए हैं। सोमवार को इन्हीं डिब्बों पर चढ़ने के दौरान यह हादसा हुआ।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, युवक जैसे ही मालगाड़ी के डिब्बे के ऊपर पहुंचा, वह ऊपर से गुजर रही हाईटेंशन ओवरहेड बिजली लाइन के बेहद करीब आ गया। तेज विद्युत करंट के कारण उसके कपड़ों में अचानक आग लग गई और वह गंभीर रूप से झुलसकर नीचे गिर पड़ा।
मानसिक रूप से बीमार बताया जा रहा युवक
ग्रामीणों ने बताया कि घायल युवक की पहचान समीर (22 वर्ष) पुत्र जलील अहमद, निवासी ग्राम रसौली के रूप में हुई है। स्थानीय लोगों के अनुसार समीर मानसिक रूप से अस्वस्थ है।
हादसे के समय स्टेशन पर मौजूद लोगों ने तुरंत उसे बचाने का प्रयास किया और गंभीर हालत में 108 एंबुलेंस की सहायता से जिला अस्पताल भिजवाया।
जिला अस्पताल में चल रहा उपचार
गंभीर रूप से झुलसे समीर का जिला अस्पताल में उपचार जारी है। चिकित्सकों की निगरानी में उसका इलाज किया जा रहा है। उसकी हालत को देखते हुए डॉक्टर लगातार मेडिकल निगरानी बनाए हुए हैं।
रेलवे परिसर में सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
इस घटना के बाद रेलवे स्टेशन परिसर की सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल उठने लगे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि पिछले कई दिनों से मालगाड़ी के डिब्बे स्टेशन पर खड़े थे, लेकिन वहां पर्याप्त निगरानी या सुरक्षा व्यवस्था नहीं थी।
ग्रामीणों का कहना है कि यदि स्टेशन परिसर में सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम होते और लोगों को डिब्बों पर चढ़ने से रोका जाता, तो इस तरह की घटना टाली जा सकती थी।
हाईटेंशन लाइन के पास जाने से हमेशा रहता है जान का खतरा
रेलवे विशेषज्ञों के अनुसार, रेलवे ट्रैक के ऊपर गुजरने वाली 25 हजार वोल्ट क्षमता की ओवरहेड हाईटेंशन लाइन बेहद खतरनाक होती है। उसके बेहद करीब जाने मात्र से भी करंट लग सकता है, भले ही व्यक्ति सीधे तार को न छुए।
ऐसे में रेलवे परिसर में खड़े डिब्बों पर चढ़ना जानलेवा साबित हो सकता है।
स्थानीय लोगों की अपील
घटना के बाद ग्रामीणों ने लोगों से अपील की है कि रेलवे ट्रैक, खड़ी मालगाड़ियों और ओवरहेड बिजली लाइनों के आसपास किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरतें और मानसिक रूप से अस्वस्थ लोगों पर विशेष निगरानी रखें।
रिपोर्ट – नूर मोहम्मद












