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बाराबंकी में नो-एंट्री नियम फेल या सेटिंग का खेल? शहर में बिना रोक-टोक एंट्री ले रहे भारी वाहन, बढ़ रहा जाम और दुर्घटना का खतरा

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बाराबंकी के हैदरगढ़ रोड पर नो-एंट्री नियम पूरी तरह फेल हो गया है।

ट्रैफिक बूथ पर कर्मियों की ड्यूटी न होने से डंपर और ट्रेलर शहर में बेरोकटोक प्रवेश कर रहे हैं।

जिसके चलते जाम और दुर्घटना का खतरा बढ़ गया है।

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बाराबंकी, उत्तर प्रदेश | 26 अप्रैल 2026

शहर में ट्रैफिक व्यवस्था को नियंत्रित करने के लिए बनाए गए नो-एंट्री नियम अब केवल कागजों तक सीमित नजर आ रहे हैं। हैदरगढ़ रोड स्थित हाइवे ओवरब्रिज के नीचे बने ट्रैफिक बूथ पर पिछले करीब दो महीनों से यातायात कर्मियों की तैनाती नहीं हो रही है।

यहां सुबह 8 बजे से 10 बजे तक भारी वाहनों के प्रवेश पर रोक का स्पष्ट बोर्ड लगा हुआ है, लेकिन मौके पर निगरानी के अभाव में इस नियम का खुलेआम उल्लंघन किया जा रहा है।

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शहर में धड़ल्ले से घुस रहे डंपर, बढ़ रहा जाम और खतरा

स्कूल टाइम और शाम में बढ़ती समस्या

नो-एंट्री लागू न होने के कारण डंपर और ट्रेलर जैसे भारी वाहन बिना रोक-टोक शहर के अंदर प्रवेश कर रहे हैं। खासतौर पर स्कूलों की छुट्टी के समय और शाम के वक्त ये वाहन बडेल चौराहे पर भारी जाम का कारण बन रहे हैं।

इससे न केवल यातायात व्यवस्था चरमरा रही है, बल्कि आम लोगों और स्कूली बच्चों की सुरक्षा पर भी गंभीर खतरा मंडरा रहा है।

मैनपावर की कमी या मिलीभगत? उठ रहे सवाल

विभाग की कार्यशैली पर संदेह

यातायात विभाग के जिम्मेदार अधिकारी मैनपावर की कमी का हवाला देकर नो-एंट्री पॉइंट पर ड्यूटी न लगाए जाने की बात कह रहे हैं।

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हालांकि, स्थानीय सूत्रों का दावा है कि यह स्थिति जानबूझकर बनाई गई है, जिससे हरख और सतरिख क्षेत्र में चल रहे खनन से जुड़े डंपर और ट्रेलर आसानी से शहर में प्रवेश कर सकें।

प्रशासन की चुप्पी से बढ़ रही समस्या

स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय रहते इस पर सख्त कार्रवाई नहीं की गई, तो शहर में जाम और दुर्घटनाओं की घटनाएं और बढ़ सकती हैं।

ट्रैफिक व्यवस्था को सुधारने और नो-एंट्री नियम का सख्ती से पालन कराने के लिए तत्काल कदम उठाने की मांग की जा रही है।

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निष्कर्ष

बाराबंकी में ट्रैफिक व्यवस्था की यह स्थिति प्रशासन की लापरवाही और सिस्टम की कमजोरी को उजागर करती है। नो-एंट्री जैसे महत्वपूर्ण नियम का पालन न होना सीधे तौर पर आम जनता की सुरक्षा से खिलवाड़ है।

रिपोर्ट – मंसूफ अहमद 

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Author: Kamran Alvi

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