बाराबंकी में आयोजित राष्ट्रीय लोक अदालत में 1.56 लाख से अधिक मामलों का निस्तारण किया गया।
जिला जज प्रतिमा श्रीवास्तव की अध्यक्षता में आयोजित इस लोक अदालत में करोड़ों रुपये का अर्थदंड और प्रतिकर वसूला गया।
पारिवारिक मामलों में कई जोड़ों का समझौता भी कराया गया।

बाराबंकी, उत्तर प्रदेश | 09 मई 2026
उत्तर प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, लखनऊ के निर्देश पर शनिवार को जनपद बाराबंकी में राष्ट्रीय लोक अदालत का भव्य आयोजन किया गया। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण बाराबंकी की अध्यक्ष एवं जनपद न्यायाधीश श्रीमती प्रतिमा श्रीवास्तव की अध्यक्षता में आयोजित इस लोक अदालत में रिकॉर्ड स्तर पर मामलों का निस्तारण हुआ। पूरे जिले में कुल 1,56,664 मामलों का समाधान करते हुए करोड़ों रुपये का अर्थदंड और प्रतिकर वसूला गया।
कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्ज्वलन के साथ किया गया। इस अवसर पर पीठासीन अधिकारी मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण श्रीमती अल्पना सक्सेना, श्रीमती वंदना सिंह प्रथम, अपर जिला जज एवं नोडल अधिकारी श्रीकृष्ण चन्द्र सिंह सहित कई न्यायिक अधिकारी उपस्थित रहे।

लोक अदालत में करोड़ों रुपये का निस्तारण, हजारों लोगों को मिली राहत
राष्ट्रीय लोक अदालत में सिविल कोर्ट, बैंक, राजस्व विभाग और अन्य विभागों के मामलों को प्राथमिकता के साथ निस्तारित किया गया। नोडल अधिकारी श्रीकृष्ण चन्द्र सिंह ने जानकारी देते हुए बताया कि कुल 1,56,664 मामलों के निस्तारण के साथ 16 करोड़ 19 लाख 05 हजार 936 रुपये अर्थदंड एवं प्रतिकर के रूप में जमा कराए गए।
उन्होंने बताया कि:
- सिविल कोर्ट बाराबंकी के विभिन्न न्यायालयों में 34,873 मामलों का निस्तारण हुआ।
- इन मामलों में 5 करोड़ 73 लाख 43 हजार 730 रुपये की धनराशि वसूली गई।
प्री-लिटिगेशन स्तर पर 1,21,791 मामलों का समाधान कर 10 करोड़ 45 लाख 62 हजार 206 रुपये की वसूली हुई।

बैंक और राजस्व विभाग में भी हुआ बड़े पैमाने पर निस्तारण
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव उज्ज्वल उपाध्याय ने बताया कि जिले के विभिन्न राजस्व न्यायालयों में कुल 79,091 मामलों का निस्तारण किया गया।
वहीं विभिन्न बैंकों द्वारा 1192 एनपीए खातों का निस्तारण कर 7 करोड़ 45 लाख 23 हजार 41 रुपये की वसूली की गई। इसमें बैंक ऑफ इंडिया ने सर्वाधिक 483 मामलों का निस्तारण किया।

मोटर दुर्घटना और पारिवारिक मामलों में भी मिला समाधान
मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण न्यायालय में कुल 74 मामलों का निस्तारण करते हुए 3 करोड़ 40 लाख 25 हजार 517 रुपये की प्रतिकर राशि प्रदान की गई।
इसके अलावा पारिवारिक न्यायालयों में 118 मामलों का निस्तारण हुआ। कार्यक्रम के दौरान 15 जोड़ों को आपसी सहमति के बाद एक साथ विदा किया गया। न्यायिक अधिकारियों ने सभी जोड़ों को माला पहनाकर मिठाई वितरित की।

“विवाद नहीं, समाधान हमारा लक्ष्य” — जिला जज प्रतिमा श्रीवास्तव
जनपद न्यायाधीश श्रीमती प्रतिमा श्रीवास्तव ने अपने संबोधन में कहा कि संवाद, संवेदनशीलता और सहमति ही लोक अदालत की असली आत्मा है। उन्होंने कहा कि लोक अदालत न्याय की उस अवधारणा को साकार करती है जहां लोगों को त्वरित, सस्ता और सुलभ न्याय मिलता है।
उन्होंने सभी न्यायिक अधिकारियों और अधिवक्ताओं से अपील की कि वे मानवीय दृष्टिकोण अपनाते हुए अधिक से अधिक मामलों का सौहार्दपूर्ण समाधान सुनिश्चित करें।
स्वास्थ्य शिविर, हेल्प डेस्क और जलपान की भी रही व्यवस्था
लोक अदालत में आने वाले वादकारियों की सुविधा के लिए स्वास्थ्य परीक्षण शिविर, हेल्प डेस्क, पेयजल और सूक्ष्म जलपान की व्यवस्था भी की गई थी। पराविधिक स्वयं सेवकों द्वारा लोगों की सहायता की गई। बच्चों को चॉकलेट और वादकारियों को बिस्किट व पानी वितरित किया गया।
रिपोर्ट – मंसूफ अहमद













