बाराबंकी के सैदनपुर में गैस सिलेंडर न मिलने से नाराज युवक एजेंसी के बाहर सड़क पर सिलेंडर लेकर लेट गया।
पुलिस के हस्तक्षेप के बाद युवक को गैस सिलेंडर उपलब्ध कराया गया। उपभोक्ताओं ने गैस सप्लाई व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठाए हैं।
घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया।

बाराबंकी, उत्तर प्रदेश | 09 मई 2026
उत्तर प्रदेश के बाराबंकी जिले में गैस सिलेंडर आपूर्ति व्यवस्था एक बार फिर सवालों के घेरे में आ गई है। प्रशासन और गैस एजेंसियों द्वारा पर्याप्त आपूर्ति के दावे किए जा रहे हैं, लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और ही तस्वीर बयां कर रही है। ताजा मामला जिले के सैदनपुर क्षेत्र से सामने आया है, जहां गैस सिलेंडर न मिलने से नाराज एक युवक ने एजेंसी के सामने सड़क पर लेटकर विरोध प्रदर्शन कर दिया। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।
घंटों इंतजार के बाद भड़का युवक, एजेंसी के सामने सिलेंडर लेकर लेट गया
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, सैदनपुर निवासी सोनू रावत शनिवार सुबह इंडेन गैस एजेंसी पर सिलेंडर लेने पहुंचे थे। युवक का आरोप है कि वह कई दिनों से गैस सिलेंडर के लिए एजेंसी के चक्कर काट रहा था, लेकिन हर बार उसे टाल दिया जाता था।
शनिवार को भी घंटों इंतजार के बावजूद जब गैस नहीं मिली तो नाराज युवक खाली सिलेंडर लेकर सैदनपुर-बदोसराय मार्ग के बीच सड़क पर ही लेट गया। सड़क के बीच युवक और सिलेंडर पड़े होने से कुछ देर के लिए यातायात बाधित हो गया और मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया।

“50 दिन बाद भी नहीं मिली गैस”, युवक ने लगाए गंभीर आरोप
युवक सोनू रावत का कहना है कि वह 28 दिन पूरे होने पर गैस लेने एजेंसी पहुंचा था, लेकिन उसे बताया गया कि 45 दिन बाद गैस मिलेगी। अब 50 दिन से अधिक समय बीत जाने के बावजूद उसे सिलेंडर उपलब्ध नहीं कराया गया।
उसने आरोप लगाया कि गैस का भुगतान पहले ही जमा कराया जा चुका है, लेकिन चार-पांच दिन बीतने के बावजूद न तो सिलेंडर दिया जा रहा है और न ही पैसा वापस किया जा रहा है। युवक ने यह भी आरोप लगाया कि एजेंसी द्वारा उसका मोबाइल फोन भी जमा करा लिया गया था।
सोनू ने कहा कि घर में छोटे-छोटे बच्चे हैं और गैस न होने के कारण परिवार को भोजन बनाने में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

सूचना पर पहुंची पुलिस, समझाइश के बाद शांत हुआ मामला
घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंच गई। पुलिसकर्मियों ने युवक को समझाकर सड़क से हटाया और गैस एजेंसी संचालक से बातचीत की। इसके बाद युवक को तत्काल गैस सिलेंडर उपलब्ध कराया गया।
पुलिस की तत्परता से एक बड़ा हादसा टल गया, क्योंकि सड़क पर सिलेंडर के साथ युवक के लेटे होने से दुर्घटना की आशंका बनी हुई थी।
एजेंसी संचालक बोले- “डीएसी नहीं आने से हुई परेशानी”
इस मामले में सैदनपुर चौकी इंचार्ज विभूति द्विवेदी ने बताया कि युवक के मोबाइल पर डीएसी (Delivery Authentication Code) नहीं पहुंच रहा था, जिसकी वजह से गैस वितरण प्रक्रिया पूरी नहीं हो पा रही थी।
वहीं गैस एजेंसी संचालक मोहम्मद फैज ने बताया कि युवक को कुछ देर इंतजार करने के लिए कहा गया था, लेकिन वह नाराज होकर सड़क पर लेट गया। उन्होंने यह भी दावा किया कि युवक नशे की हालत में प्रतीत हो रहा था।
एजेंसी संचालक ने कहा कि अधिकांश उपभोक्ताओं को होम डिलीवरी के जरिए गैस उपलब्ध कराई जा रही है और एजेंसी पर आने वाले लोगों को भी नियमानुसार सिलेंडर दिया जाता है।

पहले भी सामने आ चुके हैं ऐसे मामले
गौरतलब है कि इससे पहले बाराबंकी के दरियाबाद क्षेत्र में भी गैस सिलेंडर न मिलने से परेशान एक उपभोक्ता गैस एजेंसी की गाड़ी के नीचे लेट गया था। उस घटना का वीडियो भी सोशल मीडिया पर काफी वायरल हुआ था।
लगातार सामने आ रही ऐसी घटनाएं यह संकेत दे रही हैं कि ग्रामीण क्षेत्रों में गैस वितरण व्यवस्था अब भी सुचारु रूप से संचालित नहीं हो पा रही है। उपभोक्ताओं का आरोप है कि बुकिंग के कई हफ्तों बाद भी गैस सिलेंडर घर तक नहीं पहुंच रहा, जिसके चलते उन्हें एजेंसियों के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं।
उपभोक्ताओं में बढ़ रही नाराजगी
ग्रामीणों का कहना है कि गैस सिलेंडर की देरी से आपूर्ति के कारण घरेलू कामकाज प्रभावित हो रहा है। कई परिवारों को मजबूरी में लकड़ी और चूल्हे का सहारा लेना पड़ रहा है। लोगों ने प्रशासन से गैस वितरण व्यवस्था को पारदर्शी और समयबद्ध बनाने की मांग की है।
रिपोर्ट – मंसूफ अहमद












