बाराबंकी में कारागार राज्य मंत्री सुरेश राही ने महिला और पुरुष जिला अस्पताल का औचक निरीक्षण किया।
जलभराव, गंदगी, खराब व्यवस्था और ट्रामा सेंटर की लापरवाही पर नाराजगी जताते हुए सुधार के निर्देश दिए।

बाराबंकी, उत्तर प्रदेश | 04 मई 2026
उत्तर प्रदेश सरकार के कारागार राज्य मंत्री व जिले के प्रभारी मंत्री सुरेश राही ने आज सोमवार को जिला महिला चिकित्सालय और पुरुष जिला अस्पताल (ट्रामा सेंटर सहित) का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान भाजपा एमएलसी अंगद सिंह सहित कई स्थानीय जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।
निरीक्षण की शुरुआत महिला जिला अस्पताल से की गई, जहां प्रवेश द्वार पर ही अव्यवस्थाओं की तस्वीर सामने आ गई।
अस्पताल के बाहर जलभराव और गंदगी पर मंत्री नाराज
महिला अस्पताल के मुख्य गेट पर जलभराव की गंभीर समस्या देखी गई। मंत्री का काफिला गंदे पानी से होकर अस्पताल में दाखिल हुआ, जिससे रोजाना मरीजों और तीमारदारों को गुजरना पड़ता है।

बदहाल सफाई व्यवस्था
- परिसर में गंदगी का अंबार
- शौचालयों से उठती बदबू
- सड़कों पर भरा पानी
इन हालातों को देखकर मंत्री ने संबंधित अधिकारियों को तत्काल सुधार के निर्देश दिए।
मरीजों से की बातचीत, सुविधाओं का लिया फीडबैक
निरीक्षण के दौरान मंत्री ने भर्ती मरीजों से बातचीत कर उनका हाल-चाल जाना और पूछा कि कहीं इलाज या दवाइयों के नाम पर अवैध वसूली तो नहीं हो रही।

कैंटीन और अल्ट्रासाउंड कक्ष की जांच
- कैंटीन में भोजन की गुणवत्ता परखी गई
- अल्ट्रासाउंड कक्ष में महिलाओं से सुविधाओं को लेकर फीडबैक लिया गया
अल्ट्रासाउंड डॉक्टर की कमी पर मंत्री ने बताया कि शासन को प्रस्ताव भेजा गया है और जल्द तैनाती सुनिश्चित की जाएगी।
पुरुष अस्पताल और ट्रामा सेंटर में भी मिलीं खामियां
महिला अस्पताल के बाद मंत्री ने पुरुष जिला अस्पताल और ट्रामा सेंटर का निरीक्षण किया, जहां कई कमियां उजागर हुईं।
खराब हालत में ओपीडी और शौचालय
- ओपीडी की व्यवस्था संतोषजनक नहीं
- कई दरवाजे टूटे हुए पाए गए
- साफ-सफाई व्यवस्था बेहद खराब
मंत्री ने मरीजों को दिए जाने वाले भोजन की गुणवत्ता सुधारने के भी निर्देश दिए।

ट्रामा सेंटर में लापरवाही पर सख्त रुख
ट्रामा सेंटर में कुछ मरीजों की देखभाल में लापरवाही सामने आई।
लावारिस मरीज की हालत पर फटकार
एक लावारिस मरीज की स्थिति देखकर मंत्री ने संबंधित डॉक्टरों और कर्मचारियों को कड़ी फटकार लगाई और स्पष्ट कहा कि किसी भी मरीज के साथ लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
सामान्य वार्ड में मिला टीबी का संदिग्ध मरीज़
निरीक्षण के दौरान एक संभावित टीबी (क्षय रोग) मरीज को सामान्य वार्ड में भर्ती पाया गया, जिस पर मंत्री ने नाराजगी जताई।
जांच और अलग व्यवस्था के निर्देश
मंत्री ने तत्काल जांच कर उचित व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए, ताकि संक्रमण का खतरा न फैले।

सीएमएस का पक्ष
जिला अस्पताल के सीएमएस डॉ. जे.पी. मौर्य ने बताया कि मंत्री ने दवा वितरण कक्ष का निरीक्षण किया और निर्देश दिए कि मरीजों को दवाइयों की पूरी जानकारी दी जाए।
एंटी-रेबीज कक्ष की भी जांच
ओपीडी में एंटी-रेबीज इंजेक्शन कक्ष का निरीक्षण किया गया, जहां मरीजों से शुल्क को लेकर पूछताछ की गई। मरीजों ने बताया कि किसी प्रकार की अवैध वसूली नहीं हो रही है।
टीबी संदिग्ध मरीज के बारे में उन्होंने बताया कि उसकी सभी जांच कराई जा रही हैं और रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
सुधार के दिए निर्देश, कार्रवाई का इंतजार
निरीक्षण के बाद मंत्री ने कहा कि अस्पताल में कई कमियां पाई गई हैं, जिन्हें जल्द दूर कराया जाएगा। हालांकि कुछ व्यवस्थाएं संतोषजनक भी मिलीं, लेकिन जहां कमी है, वहां सुधार जरूरी है।
क्या बदलेगी व्यवस्था या फिर वही हाल?
गौरतलब है कि सूबे के उप मुख्यमंत्री व स्वास्थ्य मंत्री बृजेश पाठक पूर्व में कई बार जिला अस्पताल का निरीक्षण कर चुके है। स्वयं प्रभारी मंत्री भी पूर्व में कई बार बाराबंकी के अस्पतालों का औचक निरीक्षण कर चुके हैं।
लेकिन इस बार के निरीक्षण में एक बार फिर जमीनी हकीकत सामने आ गई है। अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या इन निर्देशों के बाद वास्तव में सुधार होगा, या फिर यह कार्रवाई केवल कागजों तक सीमित रह जाएगी।
रिपोर्ट – मंसूफ़ अहमद / उस्मान













