बाराबंकी के फतेहपुर में जमीन कब्जे से परेशान दिव्यांग ने आत्मदाह की चेतावनी देकर लखनऊ कूच किया।
पुलिस-प्रशासन ने रास्ते में रोककर निष्पक्ष जांच और न्याय का आश्वासन दिया।

बाराबंकी, उत्तर प्रदेश | 04 मई 2026
जनपद के फतेहपुर कोतवाली क्षेत्र के ग्राम गगियापुर में पुश्तैनी जमीन पर कब्जे का विवाद अब गंभीर मोड़ पर पहुंच गया है। लंबे समय से न्याय न मिलने से परेशान एक दिव्यांग व्यक्ति ने आत्मदाह की चेतावनी देकर लखनऊ कूच करने का ऐलान कर दिया, जिससे प्रशासन में हड़कंप मच गया।
पीड़ित जैसीराम पुत्र स्व. बद्री ने आरोप लगाया है कि उसकी पुश्तैनी जमीन पर दबंगों द्वारा जबरन कब्जा कर निर्माण कराया जा रहा है।

महीनों से अधिकारियों को दे रहा था शिकायत, नहीं हुई कार्रवाई
पीड़ित के अनुसार, वह आर्थिक रूप से बेहद कमजोर और शारीरिक रूप से दिव्यांग है। उसकी एकमात्र बेटी भी विकलांग है, जिसके साथ वह रह रहा है।
🔹 कई बार दी शिकायत
जैसीराम ने बताया कि उसने:
- थाना फतेहपुर
- उप जिलाधिकारी रामनगर
- पुलिस अधीक्षक बाराबंकी
- जिलाधिकारी बाराबंकी
सहित कई अधिकारियों को फरवरी से लेकर अप्रैल 2026 तक कई बार शिकायती पत्र दिए, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।
जिसके बाद वह सपरिवार गन्ना संस्थान में धरने पर बैठ गया, लेकिन तब भी जिम्मेदारों के कानों पर जूं तक नहीं रेंगी।

सामान चोरी और जबरन निर्माण का आरोप
पीड़ित का आरोप है कि विपक्षियों—अमर सिंह और उसकी पत्नी राजरानी—ने उसकी जमीन पर कब्जा कर निर्माण कार्य शुरू कर दिया।
🔹 घर का सामान भी उठा ले जाने का आरोप
- मकान की 36 लकड़ी की धन्नी
- करीब 3000 पक्की ईंट
- चारा मशीन और हैंडपंप
इन सभी सामानों को भी जबरन उठा ले जाने का आरोप लगाया गया है।

आत्मदाह की चेतावनी से मचा हड़कंप
न्याय न मिलने से आहत पीड़ित ने ऐलान किया था कि यदि 3 मई 2026 तक कार्रवाई नहीं हुई, तो वह 4 मई को बाराबंकी से लखनऊ स्थित मुख्यमंत्री आवास तक पैदल मार्च कर आत्मदाह करेगा।
इस चेतावनी के बाद प्रशासनिक महकमे में हलचल तेज हो गई।
पुलिस-प्रशासन ने रास्ते में रोका, दिया न्याय का भरोसा
सोमवार, 4 मई 2026 को जब पीड़ित अपने पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के तहत गन्ना संस्थान से लखनऊ के लिए निकलने लगा, तभी फतेहपुर पुलिस और रामनगर तहसील के अधिकारी मौके पर पहुंच गए।
🔹 निष्पक्ष जांच का आश्वासन
अधिकारियों ने पीड़ित को समझाकर रोका और आश्वासन दिया कि:
- मामले की निष्पक्ष जांच की जाएगी
- उपलब्ध अभिलेखों के आधार पर कार्रवाई होगी
- दावा सही मिलने पर कब्जा दिलाया जाएगा
- पीड़ित को अगले दिन थाना फतेहपुर बुलाया गया है।

फिलहाल लखनऊ कूच स्थगित
प्रशासन के आश्वासन के बाद पीड़ित ने अपना लखनऊ जाने का कार्यक्रम फिलहाल स्थगित कर दिया है और वह जांच प्रक्रिया में सहयोग करेगा।
अब नजर कार्रवाई पर
यह मामला प्रशासन की कार्यशैली और न्याय प्रक्रिया पर सवाल खड़े करता है। अब देखना यह होगा कि क्या अधिकारियों के आश्वासन के बाद वास्तव में तेज और निष्पक्ष कार्रवाई होती है या फिर यह मामला भी कागजों तक सीमित रह जाता है।
रिपोर्ट – मंसूफ अहमद / उस्मान













