Barabanki News: 30 जुलाई से शुरू होने वाले लोधेश्वर महादेवा सावनी मेले की तैयारियों का डीएम ईशान प्रताप सिंह और एसपी अर्पित विजयवर्गीय ने निरीक्षण किया।
20 जुलाई तक सभी व्यवस्थाएं पूरी करने के निर्देश, सुरक्षा, बिजली, मेडिकल कैंप, सीसीटीवी और पार्किंग पर विशेष फोकस।

बाराबंकी, उत्तर प्रदेश | 15 जुलाई 2026
उत्तर प्रदेश के बाराबंकी जिले में विश्व प्रसिद्ध श्री लोधेश्वर महादेवा सावनी मेले की तैयारियों को लेकर जिला प्रशासन पूरी तरह सक्रिय हो गया है। 30 जुलाई 2026 से शुरू होने वाले सावनी मेले को लेकर बुधवार शाम जिलाधिकारी ईशान प्रताप सिंह और पुलिस अधीक्षक अर्पित विजयवर्गीय ने मेला क्षेत्र का विस्तृत स्थलीय निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने निर्माण कार्यों, सुरक्षा, बिजली, पेयजल, चिकित्सा, पार्किंग और श्रद्धालुओं की सुविधाओं का जायजा लेते हुए स्पष्ट निर्देश दिया कि 20 जुलाई तक हर हाल में सभी तैयारियां पूरी कर ली जाएं।
प्रशासन ने साफ कहा कि इस बार श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधाओं से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा तथा सभी विभाग तय समय सीमा में अपने दायित्व पूरे करें।

महादेव चौकी पर समीक्षा बैठक, सभी विभागों को मिला 20 जुलाई का अल्टीमेटम
निरीक्षण के बाद महादेव चौकी पर आयोजित समीक्षा बैठक में जिलाधिकारी ईशान प्रताप सिंह ने विभिन्न विभागों के अधिकारियों के साथ तैयारियों की विस्तार से समीक्षा की। उन्होंने बोहनिया एवं अभरण सरोवर पर मजबूत बैरिकेडिंग कराने, पार्किंग व्यवस्था को व्यवस्थित रखने तथा पूरे मेले के दौरान 24 घंटे निर्बाध विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
डीएम ने मेला क्षेत्र में पड़े निर्माण मलबे को तत्काल हटाने और कॉरिडोर निर्माण के दौरान खोदे गए गड्ढों को भरवाकर पूरे परिसर में सुरक्षित बैरिकेडिंग कराने का आदेश दिया।

श्रद्धालुओं की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता, बिजली विभाग को विशेष निर्देश
जिलाधिकारी ने कार्यदायी संस्था और विद्युत विभाग को निर्देशित किया कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा के दृष्टिगत सभी विद्युत पोलों को सुरक्षित ढकने, उनके आसपास जलभराव रोकने के लिए मिट्टी डलवाने तथा समस्त विद्युत केबलों की तकनीकी जांच कराई जाए।
उन्होंने यह भी निर्देश दिया कि मेला अवधि के दौरान प्रत्येक सेक्टर में एक-एक जूनियर इंजीनियर की तैनाती सुनिश्चित की जाए, ताकि किसी भी विद्युत समस्या का तत्काल समाधान किया जा सके।
दो अस्थायी मेडिकल कैंप, एंटी रेबीज इंजेक्शन और पर्याप्त दवाओं की व्यवस्था
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. रंजन गौतम को निर्देशित किया गया कि मेला क्षेत्र में दो अस्थायी मेडिकल कैंप स्थापित किए जाएं। साथ ही सीएचसी और पीएचसी में चिकित्सकों की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित की जाए।
डीएम ने निर्देश दिया कि मेला अवधि के दौरान पर्याप्त दवाएं, एंटी रेबीज इंजेक्शन, प्राथमिक उपचार सामग्री और आपातकालीन चिकित्सा संसाधन उपलब्ध रहें, ताकि किसी भी आपात स्थिति से तत्काल निपटा जा सके।
एसपी ने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर दिए कड़े निर्देश
पुलिस अधीक्षक अर्पित विजयवर्गीय ने सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा करते हुए मेला मार्गों पर पुलिस मोबाइल टीमों की संख्या बढ़ाने के निर्देश दिए।
उन्होंने पूरे मेला परिसर में सीसीटीवी कैमरे, लाउडस्पीकर सिस्टम, संवेदनशील स्थानों पर अतिरिक्त पुलिस बल तथा सरोवरों पर पीएसी की मोटरबोट के साथ निजी गोताखोरों की तैनाती सुनिश्चित करने को कहा।
एसपी ने विशेष रूप से तालाबों के किनारे मजबूत बैरिकेडिंग कराने और भीड़ प्रबंधन को लेकर सभी अधिकारियों को सतर्क रहने के निर्देश दिए।
कॉरिडोर निर्माण की धीमी रफ्तार पर डीएम नाराज
निरीक्षण के दौरान कॉरिडोर निर्माण कार्य की धीमी प्रगति पर जिलाधिकारी ने नाराजगी व्यक्त की।
उन्होंने तहसीलदार विपुल कुमार सिंह को निर्देश दिया कि प्रतिदिन निर्माण कार्य की निगरानी करें तथा फोटो सहित प्रगति रिपोर्ट उपलब्ध कराएं। उन्होंने कहा कि कार्यों में किसी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
सफाई, पेयजल और शौचालय व्यवस्था पर विशेष जोर
डीएम ने खंड विकास अधिकारी देवेंद्र प्रताप सिंह को निर्देशित किया कि मेला क्षेत्र में नियमित सफाई, जल निकासी, सार्वजनिक शौचालयों की साफ-सफाई और पेयजल की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
इसके अलावा जिला पंचायत को अस्थायी शौचालय और वाटरप्रूफ टेंट लगाने तथा नगर पंचायत को पेयजल टैंकर, ऑडिटोरियम की सफाई और अन्य आवश्यक व्यवस्थाएं समय से पूरी करने के निर्देश दिए गए।
पूर्व विधायक ने उठाया बिजली आपूर्ति का मुद्दा
निरीक्षण के दौरान पूर्व विधायक शरद कुमार अवस्थी ने मुख्यमंत्री के निर्देशों के बावजूद महादेवा क्षेत्र में 24 घंटे बिजली आपूर्ति न मिलने का मुद्दा अधिकारियों के सामने उठाया।
उन्होंने कहा कि सावन मेले जैसे विशाल धार्मिक आयोजन से पहले बिजली व्यवस्था को पूरी तरह दुरुस्त किया जाना चाहिए, ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।
कई विभागों के अधिकारी रहे मौजूद
निरीक्षण के दौरान मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. रंजन गौतम, अधिशासी अभियंता बाढ़ खंड शशिकांत सिंह, उपजिलाधिकारी आकांक्षा गुप्ता, क्षेत्राधिकारी गरिमा पंत, तहसीलदार विपुल कुमार सिंह, थाना प्रभारी निरीक्षक अरुण प्रताप सिंह, चौकी प्रभारी रजनीश पांडेय, अधिशासी अधिकारी प्रवीण कुमार दुबे, खंड विकास अधिकारी देवेंद्र प्रताप सिंह, ग्राम प्रधान राजन तिवारी सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
रिपोर्ट – निरंकार त्रिवेदी











