Barabanki News: बाराबंकी के हैदरगढ़ और सुबेहा में स्वास्थ्य विभाग ने अवैध अस्पतालों और क्लीनिकों पर छापेमारी कर कई संस्थानों को नोटिस जारी किए।
वहीं कई चर्चित क्लीनिकों की जांच न होने पर अभियान की निष्पक्षता पर सवाल उठने लगे हैं।

बाराबंकी, उत्तर प्रदेश | 30 जुलाई 2026
उत्तर प्रदेश के बाराबंकी जिले में अवैध अस्पतालों, क्लीनिकों और डायग्नोस्टिक सेंटरों पर कार्रवाई को लेकर स्वास्थ्य विभाग की कार्यशैली एक बार फिर सवालों के घेरे में है। मुख्य चिकित्सा अधिकारी (CMO) के निर्देश पर अवैध चिकित्सा संस्थानों पर अंकुश लगाने के लिए चलाया गया विशेष जांच अभियान नगर पंचायत हैदरगढ़ और नगर पंचायत सुबेहा में महज खानापूर्ति बनकर रह गया। जहां एक ओर स्वास्थ्य विभाग की टीम ने कई क्लीनिकों पर छापेमारी कर नोटिस जारी किए, वहीं दूसरी ओर स्थानीय लोगों का आरोप है कि क्षेत्र के कई चर्चित और कथित रूप से बिना पंजीकरण संचालित क्लीनिकों एवं पैथोलॉजी सेंटरों को जांच से पूरी तरह बाहर रखा गया।
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि यदि अभियान निष्पक्ष होता तो सभी संदिग्ध चिकित्सा संस्थानों की जांच की जाती, लेकिन चुनिंदा क्लीनिकों पर कार्रवाई और कई संस्थानों को छोड़ देने से अभियान की पारदर्शिता पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
स्वास्थ्य विभाग की टीम ने कई क्लीनिकों पर की छापेमारी
गुरुवार को चिकित्सा प्रभारी डॉ. जयशंकर पांडेय के निर्देशन में स्वास्थ्य विभाग की टीम ने हैदरगढ़ और सुबेहा क्षेत्र में संचालित अस्पतालों, क्लीनिकों और डायग्नोस्टिक सेंटरों की जांच शुरू की।
सूत्रों के अनुसार जांच टीम का नेतृत्व डॉ. अनिरुद्ध कुमार पांडेय कर रहे थे। सबसे पहले टीम ममता मेडिकल स्टोर के बगल संचालित एक क्लीनिक पहुंची। यहां क्लीनिक संचालक राजेश तिवारी से क्लीनिक का पंजीकरण प्रमाणपत्र तथा शैक्षिक योग्यता से संबंधित दस्तावेज मांगे गए, लेकिन वह कोई वैध अभिलेख प्रस्तुत नहीं कर सके। जांच में क्लीनिक बिना पंजीकरण और आवश्यक योग्यता के संचालित पाया गया।

कई अस्पताल और डायग्नोस्टिक सेंटरों को जारी किए गए नोटिस
स्वास्थ्य विभाग की टीम ने इसके बाद इमामुद्दीन क्लीनिक की जांच की, जहां भी आवश्यक दस्तावेज उपलब्ध नहीं मिले।
जांच के दौरान टीम ने निम्न संस्थानों का निरीक्षण किया—
- ममता मेडिकल स्टोर के बगल संचालित क्लीनिक
- इमामुद्दीन क्लीनिक
- दीप पॉलीक्लिनिक (दूसरी बार नोटिस जारी)
- फातिमा क्लीनिक (चौकी इस्लामपुर)
- ग्लोब डायग्नोस्टिक
- डॉ. उदय हेल्थ क्लीनिक
- टाइम्स डायग्नोस्टिक सेंटर
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार इन संस्थानों के पास आवश्यक पंजीकरण संबंधी दस्तावेज मौके पर उपलब्ध नहीं मिले। सभी संचालकों को निर्धारित समय सीमा के भीतर आवश्यक अभिलेख प्रस्तुत करने के निर्देश देते हुए नोटिस जारी किए गए हैं।
कई चर्चित क्लीनिकों की जांच नहीं होने पर उठे सवाल
जांच अभियान के दौरान नगर पंचायत सुबेहा के कई ऐसे चिकित्सा संस्थान जांच से पूरी तरह बाहर रहे, जिन्हें लेकर पहले से सवाल उठते रहे हैं।
स्थानीय लोगों के अनुसार निम्न संस्थानों की जांच नहीं की गई—
- गैरिया के नाम से प्रसिद्ध क्लीनिक
- के.बी. पैथोलॉजी
- तेजस पैथोलॉजी
- सीएचसी गेट के सामने स्थित अपेक्स डायग्नोस्टिक
- इंडिया डायग्नोस्टिक सेंटर
- लाइफ केयर सेंटर
इन संस्थानों की जांच न होने को लेकर क्षेत्र में तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं। लोगों का कहना है कि यदि अभियान निष्पक्ष था तो सभी संदिग्ध क्लीनिकों और पैथोलॉजी सेंटरों की समान रूप से जांच की जानी चाहिए थी।
जांच टीम प्रभारी ने नहीं उठाया फोन
जब इस संबंध में जांच टीम का नेतृत्व कर रहे डॉ. अनिरुद्ध कुमार पांडेय से संपर्क करने का प्रयास किया गया तो कई बार कॉल किए जाने के बावजूद उन्होंने फोन रिसीव नहीं किया।
इस कारण यह स्पष्ट नहीं हो सका कि कुछ संस्थानों की जांच क्यों नहीं की गई और किन आधारों पर उन्हें अभियान से बाहर रखा गया।
चिकित्सा प्रभारी बोले- छूटे क्लीनिकों की भी होगी जांच
इस मामले पर चिकित्सा प्रभारी डॉ. जयशंकर पांडेय ने कहा कि यदि जांच के दौरान कुछ क्लीनिक और डायग्नोस्टिक सेंटर छूट गए हैं तो उनकी जांच किसी अन्य दिन की जाएगी।
उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य विभाग का उद्देश्य बिना पंजीकरण संचालित चिकित्सा संस्थानों पर कार्रवाई करना और नियमों का पालन सुनिश्चित कराना है।
निष्पक्ष कार्रवाई की मांग
स्थानीय लोगों और सामाजिक संगठनों ने स्वास्थ्य विभाग से मांग की है कि अभियान केवल औपचारिकता न बनकर रह जाए। सभी अस्पतालों, क्लीनिकों और पैथोलॉजी सेंटरों की समान रूप से जांच की जाए तथा बिना पंजीकरण संचालित संस्थानों के खिलाफ नियमों के अनुसार कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
रिपोर्ट – मंसूफ अहमद











