Barabanki News: बाराबंकी में न्यायालय कर्मचारियों ने लंबित सेवा संबंधी मांगों को लेकर मुख्यमंत्री को ज्ञापन सौंपा। 2 अक्टूबर को तिरंगा यात्रा और 25 अक्टूबर को लखनऊ में सत्याग्रह की चेतावनी।

बाराबंकी, उत्तर प्रदेश | 13 सितंबर 2026
जनपद न्यायालय कर्मचारियों की वर्षों से लंबित सेवा संबंधी मांगों को लेकर अब आंदोलन तेज होने के संकेत हैं। दीवानी न्यायालय कर्मचारी संघ उत्तर प्रदेश के आह्वान पर जिला शाखा बाराबंकी ने रविवार को मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन राज्य मंत्री सतीश चंद्र शर्मा को सौंपा। कर्मचारियों ने शासन स्तर पर लंबे समय से लंबित अपनी विभिन्न सेवा संबंधी मांगों का प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र निस्तारण किए जाने की मांग की।
जिला शाखा अध्यक्ष कर्मेंद्र विक्रम के नेतृत्व में सौंपे गए ज्ञापन में कर्मचारियों ने कहा कि जनपद न्यायालयों में कार्यरत कर्मचारियों से जुड़े कई महत्वपूर्ण विषय लंबे समय से शासन स्तर पर लंबित हैं। उनका कहना है कि इन मांगों पर समयबद्ध निर्णय नहीं होने से कर्मचारियों में असंतोष बढ़ रहा है।
2021 और 2022 से लंबित है जिला न्यायालय सेवा नियमावली संशोधन
संघ अध्यक्ष कर्मेंद्र विक्रम ने बताया कि जिला न्यायालय सेवा नियमावली में संशोधन के प्रख्यापन का मामला वर्ष 2021 एवं 2022 से लंबित है। कर्मचारियों का कहना है कि नियमावली में आवश्यक संशोधन से जुड़ी प्रक्रिया लंबे समय से शासन स्तर पर विचाराधीन है, लेकिन अभी तक इसका अपेक्षित निस्तारण नहीं हो सका है।
कर्मचारियों ने मांग की है कि शासन इस मामले को प्राथमिकता के आधार पर लेते हुए जल्द निर्णय करे, ताकि सेवा संबंधी व्यवस्थाओं को लेकर बनी अनिश्चितता समाप्त हो सके।
संविदा कर्मचारियों के वेतन और नियमितीकरण का मुद्दा भी लंबित
ज्ञापन में संविदा कर्मचारियों के वेतन में वृद्धि और नियमितीकरण की मांग भी प्रमुखता से उठाई गई है। संघ की ओर से कहा गया कि माननीय न्यायालय के आदेशों के अनुपालन में संविदा कर्मचारियों से जुड़े इन मामलों का समाधान किया जाना आवश्यक है।
कर्मचारियों का कहना है कि संविदा आधार पर लंबे समय से सेवाएं दे रहे कर्मचारियों की सेवा शर्तों और वेतन से संबंधित समस्याओं का उचित समाधान होना चाहिए।
वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी के समाप्त पद को फिर से सृजित करने की मांग
न्यायालय कर्मचारियों ने जनपद न्यायालयों में समाप्त हो चुके वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी के पद के पुनर्सृजन की मांग भी उठाई है।
संघ का कहना है कि न्यायालयों के प्रशासनिक कार्यों के सुचारु संचालन के लिए आवश्यक पदों की उपलब्धता महत्वपूर्ण है। ऐसे में समाप्त किए गए पद को पुनः सृजित किए जाने की आवश्यकता है।
लिपिकीय कर्मचारियों को राजपत्रित दर्जा देने की मांग
कर्मचारियों की एक अन्य प्रमुख मांग पूर्व वेतनमान ₹4600 वाले लिपिकीय कर्मचारियों को विभाग के अन्य समकक्ष राजपत्रित पदों के अनुरूप राजपत्रित दर्जा दिए जाने से संबंधित है।
संघ ने इस मांग पर भी शासन स्तर से सकारात्मक और शीघ्र निर्णय लिए जाने की अपेक्षा जताई है।
मकान किराया भत्ता की दरों के पुनरीक्षण की मांग
ज्ञापन में मकान किराया भत्ता (HRA) की दरों के पुनरीक्षण का मुद्दा भी शामिल है। कर्मचारियों का कहना है कि सेवा से जुड़ी अन्य मांगों के साथ इस विषय पर भी शासन को जल्द निर्णय लेना चाहिए।
न्यायालय कर्मचारी बोले- न्यायिक व्यवस्था का अभिन्न हिस्सा हैं कर्मचारी
संघ अध्यक्ष कर्मेंद्र विक्रम ने कहा कि जनपद न्यायालय कर्मचारी न्यायिक व्यवस्था का अभिन्न हिस्सा हैं। न्यायालयों के प्रशासनिक एवं अन्य कार्यों के संचालन में कर्मचारियों की महत्वपूर्ण भूमिका होती है।
उन्होंने कहा कि कर्मचारियों की सेवा संबंधी समस्याओं का लंबे समय तक समाधान न होने से उनमें स्वाभाविक रूप से असंतोष पैदा हो रहा है। संघ का दावा है कि वह लंबे समय से लोकतांत्रिक और शांतिपूर्ण तरीके से अपनी समस्याओं के समाधान के लिए प्रयास करता रहा है।
2 अक्टूबर को तिरंगा यात्रा, 25 अक्टूबर को लखनऊ में सत्याग्रह
कर्मेंद्र विक्रम ने बताया कि प्रदेश संगठन की ओर से लखनऊ में आयोजित आमसभा में प्रदेश की विभिन्न जिला शाखाओं की उपस्थिति में कर्मचारियों की न्यायोचित मांगों को लेकर चरणबद्ध आंदोलन का निर्णय लिया गया है।
आंदोलन के पहले चरण के तहत 2 अक्टूबर 2026 को शांतिपूर्ण तिरंगा यात्रा निकाली जाएगी। इसके माध्यम से कर्मचारियों की लंबित मांगों को शासन तक मजबूती से पहुंचाने का प्रयास किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि यदि इसके बाद भी शासन स्तर पर लंबित मांगों के निस्तारण की दिशा में ठोस कार्रवाई नहीं होती है, तो 25 अक्टूबर 2026 को प्रदेशभर के जनपद न्यायालय कर्मचारी बड़ी संख्या में लखनऊ पहुंचकर शांतिपूर्ण सत्याग्रह करेंगे।
इस घोषणा के बाद साफ है कि कर्मचारी अब अपनी वर्षों पुरानी मांगों को लेकर आंदोलन को अगले चरण में ले जाने की तैयारी कर रहे हैं।
राज्य मंत्री सतीश चंद्र शर्मा ने दिया शासन तक मांगें पहुंचाने का आश्वासन
ज्ञापन प्राप्त करने के दौरान राज्य मंत्री सतीश चंद्र शर्मा ने न्यायालय कर्मचारियों की समस्याओं और मांगों को गंभीरता से सुना।
उन्होंने कर्मचारियों को आश्वासन दिया कि उनकी मांगों को मुख्यमंत्री के संज्ञान में लाकर प्राथमिकता के आधार पर निस्तारण के लिए अनुरोध किया जाएगा।
कर्मचारियों ने उम्मीद जताई कि शासन स्तर पर उनकी लंबित मांगों को गंभीरता से लेते हुए जल्द सकारात्मक निर्णय लिया जाएगा और प्रस्तावित आंदोलन की स्थिति पैदा नहीं होगी।
ज्ञापन सौंपने के दौरान ये कर्मचारी रहे मौजूद
ज्ञापन सौंपने के दौरान जिला शाखा सचिव राहुल कुमार, उपाध्यक्ष अरुण कुमार वर्मा, संयुक्त सचिव नावेंद्र सिंह, अवधेश कुमार, संदीप कुमार, सुनील कुमार, सूरज राठौर, अंशू शुक्ला, विजय मिश्रा सहित दीवानी न्यायालय के अन्य कर्मचारी मौजूद रहे।
रिपोर्ट – मंसूफ अहमद










