बाराबंकी के घुंघटेर थाना क्षेत्र के बजगहनी गांव में तालाब किनारे शौच के लिए गए 60 वर्षीय वृद्ध की पैर फिसलने से तालाब में डूबकर मौत हो गई।
ग्रामीणों ने काफी प्रयास कर उन्हें बाहर निकाला, लेकिन अस्पताल में चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया।
पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजकर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है।

बाराबंकी, उत्तर प्रदेश | 17 जून 2026
उत्तर प्रदेश के बाराबंकी जिले के घुंघटेर थाना क्षेत्र में बुधवार को एक दर्दनाक हादसा सामने आया। गांव के बाहर स्थित तालाब के किनारे शौच के लिए गए एक वृद्ध की पैर फिसलने से तालाब में गिरकर मौत हो गई। घटना के बाद परिवार में कोहराम मच गया, जबकि गांव में शोक का माहौल व्याप्त है।
मामले की सूचना मिलने पर पुलिस ने आवश्यक कार्रवाई करते हुए शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
तालाब किनारे पैर फिसलने से हुआ हादसा
जानकारी के अनुसार घुंघटेर थाना क्षेत्र के बजगहनी गांव निवासी बनवारी लाल (60 वर्ष) बुधवार दोपहर गांव के बाहर स्थित तालाब के पास शौच के लिए गए थे। इसी दौरान तालाब के किनारे उनका पैर अचानक फिसल गया और वह गहरे पानी में जा गिरे।
बताया जा रहा है कि पानी अधिक होने के कारण वह खुद को संभाल नहीं सके और डूबने लगे।
ग्रामीणों ने बचाने का किया प्रयास
घटना के दौरान आसपास मौजूद लोगों ने शोर सुनकर मौके की ओर दौड़ लगाई। ग्रामीणों ने काफी मशक्कत के बाद बनवारी लाल को तालाब से बाहर निकाला।
इसके बाद उन्हें तत्काल उपचार के लिए एक निजी अस्पताल ले जाया गया, लेकिन तब तक काफी देर हो चुकी थी।
अस्पताल में चिकित्सकों ने किया मृत घोषित
परिजन और ग्रामीण वृद्ध को लेकर अस्पताल पहुंचे, जहां चिकित्सकों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। मौत की खबर मिलते ही परिवार के लोगों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया।
गांव में भी इस घटना के बाद शोक की लहर दौड़ गई।
पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया शव
घटना की जानकारी मिलने पर घुंघटेर थाना पुलिस भी सक्रिय हुई। थानाध्यक्ष अभय कुमार ने बताया कि तालाब में डूबने से एक वृद्ध की मृत्यु होने की सूचना मिली थी।
उन्होंने बताया कि परिजनों की मांग पर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद आगे की आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़
अचानक हुए इस हादसे ने परिवार को गहरा सदमा पहुंचाया है। परिजनों के मुताबिक बनवारी लाल रोजमर्रा की तरह घर से निकले थे, लेकिन किसी को अंदाजा नहीं था कि यह उनका अंतिम सफर साबित होगा। ग्रामीणों ने प्रशासन से तालाबों के आसपास सुरक्षा के इंतजाम किए जाने की मांग भी की है।
रिपोर्ट – ललित राजवंशी











