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Barabanki: बोजा गांव में जातिसूचक टिप्पणी पर बवाल – मारपीट में कई घायल, पुलिस पर एकतरफा कार्रवाई का आरोप; एसपी से न्याय की गुहार 

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Barabanki: जैदपुर थाना क्षेत्र के बोजा गांव में जातिसूचक टिप्पणी को लेकर दो पक्षों में मारपीट में कई लोग घायल।

पीड़ित पक्ष ने एसपी अर्पित विजयवर्गीय से मिलकर पुलिस पर एकतरफा कार्रवाई और एफआईआर न लिखने का आरोप लगाया है। पढ़ें पूरी रिपोर्ट।

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बाराबंकी, उत्तर प्रदेश | 04 मार्च 2026

यूपी के बाराबंकी जिले में 03 मार्च 2026 की रात जैदपुर थाना क्षेत्र के बोजा गांव में जातिसूचक टिप्पणी को लेकर दो पक्षों के बीच हिंसक झड़प हो गई।

पीड़ित पक्ष के अनुसार, 03 मार्च की रात करीब 9:30 बजे नमाज पढ़कर घर लौटते समय गांव के ही कुछ दबंगों ने कथित तौर पर भद्दी-भद्दी गालियां दी। विरोध करने पर विवाद बढ़ गया और दोनों पक्षों के बीच मारपीट शुरू हो गई।

लाठी-डंडों और ईंटों से हमला, सिर फूटा और हाथ टूटा

बोजा गांव निवासी मो० हनीफ पुत्र अंगनू, मो० जुनैद पुत्र मो० हारून उर्फ हनीफ, मो० हमीद पुत्र अब्दुल मजीद, मो० सिराज पुत्र अब्दुल अजीज की शिकायत के मुताबिक, 03 मार्च की रात तरावीह की नमाज़ पढ़कर वापस घर लौटते समय पहले से घात लगाकर बैठे अरविंद कुमार, वीरेंद्र, उमेश, सचिन, नितिन और अन्य लोगों ने गाली-गलौज करते हुए लाठी-डंडों और ईंट-पत्थरों से हमला कर दिया।

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इस हमले में मोहम्मद हमीद के सिर में गंभीर चोट आई और वह लहूलुहान हो गए, जबकि हारून के हाथ में फ्रैक्चर बताया जा रहा है। अन्य लोगों को भी चोटें आई हैं।

घटना की सूचना 112 नंबर पर दी गई, जिसके बाद पुलिस मौके पर पहुंची। ग्रामीणों के हस्तक्षेप से मामला शांत हुआ।

एफआईआर दर्ज न करने का आरोप, एसपी से लगाई गुहार

पीड़ितों का आरोप है कि स्थानीय पुलिस ने थाने पर घंटों बिठाकर रखा लेकिन उनकी एफआईआर दर्ज नहीं की और न ही मेडिकल परीक्षण कराया। जबकि विपक्षियों की तहरीर पर उनके परिवार के कई सदस्यों के खिलाफ गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर उन्हें जेल भी भेज दिया गया।

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पीड़ितों का आरोप है कि विपक्षी पक्ष की थाने में पकड़ मजबूत होने के कारण एकतरफा कार्रवाई की जा रही है।

इस मामले में पीड़ित पक्ष ने अर्पित विजयवर्गीय, पुलिस अधीक्षक बाराबंकी से मिलकर वस्तुस्थिति से अवगत कराया और निष्पक्ष जांच की मांग की है।

जातिसूचक टिप्पणी से शुरू हुआ था विवाद

मोहम्मद हमीद के अनुसार, 3 मार्च की शाम मगरिब की नमाज के बाद घर लौटते समय विपक्षियों द्वारा कथित रूप से “तेली तमोली को मारो” जैसी जातिसूचक टिप्पणी की गई थी।

इसी बात को लेकर पहले कहासुनी हुई और बाद में रात में नमाज से लौटते समय घात लगाकर हमला किया गया।

पुलिस जांच जारी, निष्पक्ष कार्रवाई की मांग

मामले ने गांव में तनाव की स्थिति पैदा कर दी है। पीड़ित पक्ष ने निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।

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फिलहाल पुलिस प्रशासन की ओर से मामले की जांच की बात कही जा रही है। क्षेत्र में शांति बनाए रखने के लिए निगरानी बढ़ा दी गई है।

रिपोर्ट – मंसूफ अहमद 

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Author: Kamran Alvi

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