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बाराबंकी में हनुमान मंदिर के सौंदर्यीकरण पर बवाल! धरने पर बैठे सभासद व BJP कार्यकर्ता, निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर उठाए सवाल

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बाराबंकी के सुबेहा स्थित संकट मोचन हनुमान मंदिर के सौंदर्यीकरण में देरी और मानकों की अनदेखी के आरोप पर धरना हुआ। अधिकारियों ने डस्ट हटाकर मौरंग-गिट्टी से काम कराने और 9 अक्टूबर तक निर्माण पूरा कराने का आश्वासन दिया।

बाराबंकी, उत्तर प्रदेश | 03 अक्टूबर 2026

बाराबंकी जिले की नगर पंचायत सुबेहा के जवाहर वार्ड स्थित श्री संकट मोचन हनुमान मंदिर के सौंदर्यीकरण कार्य को लेकर शनिवार को विवाद खड़ा हो गया। निर्धारित समय सीमा बीत जाने के बावजूद निर्माण कार्य पूरा नहीं होने और निर्माण में मानकों की कथित अनदेखी का आरोप लगाते हुए मंदिर समिति के अध्यक्ष, सभासद और भाजपा कार्यकर्ताओं ने मंदिर परिसर में धरना-प्रदर्शन किया।

प्रदर्शनकारियों ने निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर सवाल उठाते हुए जेई और ठेकेदार के खिलाफ नारेबाजी की। लोगों ने निर्माण कार्य की जांच कराने और जहां भी खामियां मिली हैं, वहां सुधार कराने के साथ जिम्मेदारों पर कार्रवाई की मांग की।

धरने की सूचना मिलने पर नगर पंचायत के अधिशासी अधिकारी इंद्रभान सिंह मौके पर पहुंचे और प्रदर्शनकारियों से बातचीत कर उनकी समस्याएं सुनीं। अधिकारियों और प्रदर्शनकारियों के बीच हुई बातचीत के बाद फिलहाल धरना समाप्त हो गया।

5 जनवरी तक पूरा होना था मंदिर का सौंदर्यीकरण कार्य

मंदिर समिति के अध्यक्ष उमेश वैश्य ने बताया कि वंदन योजना के तहत श्री संकट मोचन हनुमान मंदिर के सौंदर्यीकरण का कार्य स्वीकृत हुआ था। इसके लिए कार्य पूरा करने की निर्धारित समय सीमा 5 जनवरी 2026 तय की गई थी।

आरोप है कि निर्धारित समय सीमा बीत जाने के कई महीने बाद भी निर्माण कार्य पूरा नहीं हो सका है। मंदिर समिति और स्थानीय लोगों का कहना है कि निर्माण कार्य को लेकर पहले भी शिकायतें की गईं, लेकिन अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई।

उमेश वैश्य ने ठेकेदार पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा कि समय पर काम पूरा नहीं होने के कारण स्थानीय लोगों में नाराजगी है।

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पीसीसी कार्य में गिट्टी-मौरंग की जगह डस्ट डालने का आरोप

धरने के दौरान निर्माण कार्य की गुणवत्ता को लेकर कई गंभीर आरोप लगाए गए। मंदिर समिति के अध्यक्ष उमेश वैश्य ने आरोप लगाया कि पीसीसी कार्य में निर्धारित गिट्टी और मौरंग के स्थान पर मौके पर डस्ट डाल दी गई।

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वहीं भाजपा कार्यकर्ता विपिन मौर्य ने नाली, बाउंड्रीवाल और गेट निर्माण में कथित अनियमितता का आरोप लगाया। उनका कहना था कि निर्माण कार्य में पीली ईंट और दोयम दर्जे के मसाले का इस्तेमाल किया गया है।

प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि निर्माण कार्य की गुणवत्ता इतनी खराब है कि कुछ स्थानों पर निर्माण पूरा होने से पहले ही प्लास्टर उखड़ने लगा है।

इन आरोपों की तकनीकी स्तर पर स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। निर्माण में निर्धारित मानकों का पालन हुआ या नहीं, यह संबंधित विभाग की जांच और तकनीकी परीक्षण से स्पष्ट होगा।

शिकायतों के बावजूद कार्रवाई नहीं होने का आरोप

धरने में शामिल रोहित वैश्य और अशोक वैश्य ने भी मंदिर के सौंदर्यीकरण कार्य की गुणवत्ता पर सवाल उठाए। उनका आरोप था कि निर्माण कार्य में खामियों को लेकर शिकायतें किए जाने के बावजूद जिम्मेदार अधिकारियों की ओर से समय रहते कार्रवाई नहीं की गई।

सभासद प्रतिनिधि महेंद्र मौर्य ने भी निर्धारित समय सीमा में कार्य पूरा नहीं होने पर नाराजगी जताई। उन्होंने निर्माण कार्य में मानकों का पालन कराने और लापरवाही के लिए जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की मांग की।

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ठेकेदार सुंदरम के कामों को लेकर सभासद ने उठाए सवाल

सभासद विशाल ने नगर पंचायत में कराए जा रहे निर्माण कार्यों को लेकर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि नगर पंचायत में ज्यादातर कार्य ठेकेदार सुंदरम द्वारा कराए जा रहे हैं, लेकिन कई कार्यों की गुणवत्ता ठीक नहीं है।

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सभासद ने आरोप लगाया कि इसके बावजूद संबंधित अधिकारियों की ओर से ठेकेदार के खिलाफ अपेक्षित कार्रवाई नहीं की जा रही है। हालांकि, इन आरोपों पर संबंधित ठेकेदार का पक्ष सामने नहीं आया है।

9 अक्टूबर तक काम पूरा नहीं हुआ तो मेला न लगाने की चेतावनी

धरना दे रहे लोगों ने निर्माण कार्य पूरा कराने के लिए 9 अक्टूबर 2026 की समय सीमा रखी। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि 9 अक्टूबर तक मंदिर का निर्माण कार्य पूरा नहीं कराया गया तो दुर्गा पूजा और दशहरा का मेला नहीं लगाया जाएगा।

प्रदर्शनकारियों ने कहा कि मंदिर परिसर में होने वाले धार्मिक आयोजनों को देखते हुए निर्माण कार्य जल्द पूरा किया जाना जरूरी है। उन्होंने कहा कि यदि समय पर कार्य पूरा नहीं हुआ तो इसकी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी।

ईओ और जेई मौके पर पहुंचे, डस्ट हटाकर मौरंग-गिट्टी से काम कराने के निर्देश

धरने की जानकारी मिलने पर अधिशासी अधिकारी इंद्रभान सिंह और जेई अनिल कुमार मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों की शिकायतें सुनीं और ठेकेदार से बातचीत की।

अधिकारियों ने पीसीसी कार्य के लिए मौके पर मंगाई गई डस्ट को हटवाकर मौरंग और गिट्टी से निर्धारित तरीके से कार्य कराने के निर्देश दिए।

इसके साथ ही अधिकारियों ने ठेकेदार को मंदिर का काम 9 अक्टूबर तक पूरा कराने का आश्वासन दिया।

निर्माण स्थल पर साइन बोर्ड लगाने के निर्देश

अधिकारियों ने कार्यदायी संस्था को निर्माण स्थल पर साइन बोर्ड लगवाने के निर्देश भी दिए। इससे निर्माण कार्य की योजना, लागत, कार्यदायी संस्था और अन्य जरूरी जानकारी सार्वजनिक किए जाने की व्यवस्था हो सकेगी।

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अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों को आश्वासन दिया कि निर्माण कार्य में जहां भी गड़बड़ी पाई गई है, उसे ठीक कराया जाएगा और गुणवत्ता के मानकों का पालन सुनिश्चित किया जाएगा।

आश्वासन के बाद समाप्त हुआ धरना

अधिकारियों के आश्वासन और मौके पर निर्माण संबंधी निर्देश दिए जाने के बाद प्रदर्शनकारियों ने अपना धरना समाप्त कर दिया। अब स्थानीय लोगों की नजर 9 अक्टूबर की समय सीमा पर है।

फिलहाल मुख्य सवाल यह है कि तय समय सीमा में मंदिर का सौंदर्यीकरण कार्य पूरा होता है या नहीं और निर्माण कार्य की गुणवत्ता को लेकर लगाए गए आरोपों की तकनीकी जांच में क्या सामने आता है।

रिपोर्ट – मंसूफ अहमद 

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Author: Kamran Alvi

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