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बाराबंकी में फर्जी आधार कार्ड बनाकर बेशकीमती जमीन बेचने की साजिश का खुलासा, तीन गिरफ्तार | Barabanki News 

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बाराबंकी में कोतवाली नगर पुलिस ने फर्जी आधार कार्ड और कूटरचित दस्तावेजों के जरिए जमीन बेचने की कथित साजिश के मामले में तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया। दो आरोपी पहले जेल भेजे जा चुके हैं।

बाराबंकी, उत्तर प्रदेश | 28 सितंबर 2026

बाराबंकी में जमीन की धोखाधड़ी और कूटरचित दस्तावेज तैयार कर भूमि बेचने के मामले में कोतवाली नगर पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक, आरोपियों ने अपने साथियों के साथ मिलकर ग्राम कोडरी में हाईवे से सटी बेशकीमती जमीन को निशाना बनाया और जमीन मालिक का फर्जी पुत्र बनकर जमीन का सौदा करने की कोशिश की।

पुलिस ने इस मामले में फर्जी आधार कार्ड तैयार करने और कूटरचित दस्तावेजों के इस्तेमाल का आरोप लगाया है। गिरफ्तार आरोपियों में मोबिन सिद्दीकी, मो. तारीक और नितिन कश्यप उर्फ मोनू शामिल हैं। मामले में दो आरोपियों इजहार अहमद और पवन अवस्थी को पुलिस पहले ही गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है।

असैनी मोड़ के पास से तीन आरोपी गिरफ्तार

पुलिस के अनुसार, पुलिस अधीक्षक बाराबंकी अर्पित विजयवर्गीय के निर्देशन, अपर पुलिस अधीक्षक उत्तरी विवेक तिवारी के पर्यवेक्षण तथा क्षेत्राधिकारी नगर संगम कुमार के नेतृत्व में अपराध और अपराधियों के खिलाफ विशेष अभियान चलाया जा रहा है।

इसी अभियान के तहत 27 सितंबर 2026 को कोतवाली नगर पुलिस टीम ने मुकदमा अपराध संख्या 673/2026 से संबंधित तीन आरोपियों को असैनी मोड़ के पास से गिरफ्तार किया।

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गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान इस प्रकार हुई—

  1. मोबिन सिद्दीकी पुत्र हफीजुद्दीन, निवासी करमैनी, थाना पटेहरवा, जनपद कुशीनगर, हाल पता हंसविहार कॉलोनी, थाना चिनहट, जनपद लखनऊ।
  2. मो. तारीक पुत्र शहाबुद्दीन, निवासी बंकी, उत्तर टोला, थाना कोतवाली नगर, जनपद बाराबंकी।
  3. नितिन कश्यप उर्फ मोनू पुत्र स्वामीदयाल कश्यप, निवासी सुमित्रा लॉज के सामने, राजकमल रोड, थाना कोतवाली नगर, जनपद बाराबंकी।

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हाईवे से सटी जमीन को बनाया निशाना

पुलिस की पूछताछ और अब तक की जांच के अनुसार, इस मामले में इजहार अहमद शेख पुत्र स्वर्गीय इकबाल, निवासी कुर्सी रोड, फूलबाग कॉलोनी, थाना गुडम्बा, लखनऊ तथा मूल निवासी भट्टागांव, थाना सदर बाजार, झांसी, अपने साथियों के साथ कथित तौर पर जमीन की धोखाधड़ी की योजना में शामिल था।

पुलिस का कहना है कि आरोपियों ने शिकायतकर्ता के पिता की ग्राम कोडरी स्थित हाईवे से सटी भूमि को चिन्हित किया। इसके बाद कथित तौर पर कूटरचित आधार कार्ड तैयार किया गया।

जांच के मुताबिक, मो. तारीक और नितिन कश्यप उर्फ मोनू को जमीन मालिक का फर्जी पुत्र बनाकर जमीन का सौदा करने का प्रयास किया जा रहा था।

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मामले की जानकारी मिलने के बाद शिकायत के आधार पर कोतवाली नगर में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धाराओं-319(2), 318(4), 336(3), 338, 340(2), 352, 351(3) के तहत मुकदमा पंजीकृत किया गया।

पुलिस की जांच में सामने आए तथ्यों के आधार पर मामले में शामिल अन्य आरोपियों की भूमिका की भी जांच की जा रही है।

दो आरोपी पहले ही भेजे जा चुके हैं जेल

पुलिस के मुताबिक, इस मामले में नामजद आरोपी इजहार अहमद और पवन अवस्थी उर्फ पिन्टू को इससे पहले गिरफ्तार किया जा चुका है और दोनों को जेल भेज दिया गया है।

पुलिस के अनुसार, इजहार अहमद और पवन अवस्थी के साथ ही मोबिन सिद्दीकी, मो. तारीक, नितिन कश्यप उर्फ मोनू तथा सिराज अहमद के नाम जांच में सामने आए हैं।

पुलिस अब मामले में शामिल अन्य लोगों की भूमिका और कथित कूटरचित दस्तावेजों के संबंध में भी जानकारी जुटा रही है।

पुलिस ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों के अन्य आपराधिक इतिहास के संबंध में जानकारी की जा रही है।

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कोतवाली नगर पुलिस की टीम ने की गिरफ्तारी

इस कार्रवाई में कोतवाली नगर पुलिस की टीम शामिल रही। पुलिस टीम में—

  • प्रभारी निरीक्षक सुधीर कुमार सिंह, थाना कोतवाली नगर
  • उपनिरीक्षक अनुराग पाठक
  • हेड कांस्टेबल बलवंत
  • हेड कांस्टेबल ज्ञान प्रकाश यादव
  • कांस्टेबल सौरभ कुमार
  • कांस्टेबल नीरज
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शामिल रहे।

जमीन की धोखाधड़ी में दस्तावेजों की जांच अहम

इस मामले में पुलिस द्वारा की गई कार्रवाई से एक बार फिर यह सामने आया है कि जमीन के लेनदेन में दस्तावेजों और विक्रेता की पहचान की जांच बेहद महत्वपूर्ण है। फिलहाल पुलिस आरोपियों से पूछताछ के साथ मामले में कथित फर्जी दस्तावेज तैयार करने, उनका इस्तेमाल करने और जमीन के सौदे में शामिल अन्य लोगों की भूमिका की जांच कर रही है।

रिपोर्ट – मंसूफ अहमद / अली चांद 

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