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Barabanki: 28 करोड़ की संपत्ति का मालिक निकला CHC में तैनात स्वास्थ्य कर्मी, विजिलेंस ने एक साथ तीन ठिकानों पर मारा छापा; लखनऊ के छह मंजिला होटल ने उड़ाए होश

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Barabanki News: यूपी विजिलेंस की छापेमारी में स्वास्थ्य कर्मी अजय कुमार श्रीवास्तव के ठिकानों से करीब 28 करोड़ की संपत्ति के दस्तावेज मिले।

लखनऊ में छह मंजिला 108 कमरों वाला होटल भी जांच में सामने आया।

बाराबंकी, उत्तर प्रदेश | 19 अगस्त 2026

बाराबंकी में स्वास्थ्य विभाग के एक कर्मचारी की संपत्ति का ऐसा खुलासा हुआ है, जिसने पूरे स्वास्थ्य महकमे को सवालों के घेरे में ला दिया है। यूपी विजिलेंस की छापेमारी में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र त्रिलोकपुर में तैनात स्वास्थ्य कर्मी अजय कुमार श्रीवास्तव के पास करीब 28 करोड़ रुपये की संपत्ति के दस्तावेज सामने आए हैं। बुधवार को विजिलेंस की तीन टीमों ने एक साथ गोंडा और लखनऊ स्थित उनके तीन ठिकानों पर छापेमारी की।

तलाशी के दौरान सामने आई संपत्तियों में लखनऊ में 108 कमरों वाला छह मंजिला मिलेनिया रिजेन्सी होटल, कई भूखंड, मकान, कृषि भूमि और कंपनियों से जुड़े दस्तावेज शामिल हैं।

सबसे बड़ा सवाल यही है कि स्वास्थ्य विभाग में कर्मचारी के तौर पर काम करने वाले अजय कुमार श्रीवास्तव के पास इतनी बड़ी संपत्ति कैसे बनी और इस संपत्ति का उनकी आय से क्या संबंध है। विजिलेंस इसी सवाल का जवाब तलाश रही है।

763.65 फीसदी ज्यादा संपत्ति मिलने के बाद दर्ज हुआ था मामला

अजय कुमार श्रीवास्तव के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति का मामला कोई अचानक सामने आया घटनाक्रम नहीं है। विजिलेंस की खुली जांच में उनके पास ज्ञात आय से 763.65 प्रतिशत अधिक संपत्ति पाए जाने की बात सामने आने के बाद भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया था।

जब उत्तर प्रदेश में NRHM घोटाले की जांच चल रही थी, उस समय अजय कुमार श्रीवास्तव बलरामपुर के मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय में लिपिक के पद पर तैनात थे। शासन के निर्देश पर मामले की विवेचना सतर्कता अधिष्ठान अयोध्या सेक्टर कर रहा है।

कोर्ट से सर्च वारंट लेकर तीन ठिकानों पर पहुंची विजिलेंस

जांच को आगे बढ़ाते हुए विजिलेंस टीम ने न्यायालय से सर्च वारंट लिया और बुधवार को तीन स्थानों पर एक साथ तलाशी शुरू की।

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विजिलेंस की टीमें—गोंडा के जानकीनगर स्थित आवास, लखनऊ के मटियारी तिराहे के पास स्थित मिलेनिया रिजेन्सी होटल, लखनऊ के इंदिरानगर स्थित मकान पर पहुंचीं। घंटों चली तलाशी में संपत्तियों और निवेश से जुड़े बड़ी संख्या में दस्तावेज खंगाले गए।

108 कमरों वाला छह मंजिला होटल, निर्माण में 15 करोड़ और सजावट में 5 करोड़

विजिलेंस की कार्रवाई में सबसे ज्यादा चौंकाने वाली संपत्ति लखनऊ का मिलेनिया रिजेन्सी होटल सामने आई।

जांच में सामने आया कि यह छह मंजिला और 108 कमरों वाला होटल है। इसके निर्माण पर करीब 15 करोड़ रुपये, जबकि साज-सज्जा पर करीब 5 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं।

यानी सिर्फ इस होटल के निर्माण और इंटीरियर पर ही करीब 20 करोड़ रुपये का निवेश सामने आया है। अब विजिलेंस इस संपत्ति से जुड़े दस्तावेजों, निवेश और धन के स्रोत की पड़ताल कर रही है।

कई जिलों में जमीन, प्लॉट और मकानों के दस्तावेज

तलाशी के दौरान अजय कुमार श्रीवास्तव और उनके परिवारिकजनों के नाम पर कई चल-अचल संपत्तियों के दस्तावेज मिले हैं।

विजिलेंस के सामने आई संपत्तियों में गोंडा, लखनऊ और आसपास के क्षेत्रों में कई भूखंड एवं प्लॉट शामिल हैं।

इसके अलावा बलरामपुर, बहराइच और श्रावस्ती में कृषि भूमि के दस्तावेज भी मिले हैं। इन अचल संपत्तियों का अनुमानित मूल्य करीब 3 करोड़ रुपये बताया गया है।

पटेलनगर का तीन मंजिला मकान भी जांच के घेरे में

विजिलेंस की तलाशी में पटेलनगर स्थित तीन मंजिला मकान से जुड़े दस्तावेज भी मिले।

यह मकान अजय कुमार श्रीवास्तव और उनके भाई की पत्नियों के संयुक्त नाम पर बताया गया है। दस्तावेजों के मुताबिक मकान की साज-सज्जा पर करीब 70 लाख रुपये, निर्माण पर करीब 2 करोड़ रुपये और अन्य निवेश पर करीब 50 लाख रुपये खर्च किए गए हैं।

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यानी इस संपत्ति से जुड़े निवेश का आंकड़ा भी करोड़ों में पहुंचता है।

इंदिरानगर में 4000 वर्ग फीट में बन रही तीन मंजिला इमारत

लखनऊ के इंदिरानगर स्थित ए-331 में करीब 4000 वर्ग फीट क्षेत्र में निर्माणाधीन तीन मंजिला भवन भी विजिलेंस की जांच में सामने आया है।

यह संपत्ति अजय कुमार श्रीवास्तव की पत्नी और उनके भाई की पत्नी के नाम बताई गई है। इसकी कीमत करीब 80 लाख रुपये आंकी गई है।

गोंडा का मकान भी करोड़ों की संपत्ति की सूची में

जानकीनगर, गोंडा स्थित मकान के निर्माण की लागत करीब एक करोड़ रुपये आंकी गई है। तलाशी के समय परिवार के सदस्य मौजूद नहीं थे, जिसके बाद मकान को सील कर दिया गया।

विजिलेंस ने इस मकान से जुड़े दस्तावेजों को भी जांच में शामिल किया है।

परिवार के नाम पर चल रही कंपनियों का भी खुलासा

छापेमारी में सिर्फ जमीन और मकानों के दस्तावेज ही नहीं मिले। परिवार के सदस्यों के नाम पर संचालित कंपनियों से जुड़ी जानकारी और दस्तावेज भी विजिलेंस के हाथ लगे हैं।

इन कंपनियों के वित्तीय लेन-देन और निवेश की अलग से जांच की जा रही है।

NRHM घोटाले के मुख्य आरोपी पूर्व विधायक मुकेश कुमार श्रीवास्तव के भाई हैं अजय

अजय कुमार श्रीवास्तव का नाम इसलिए भी महत्वपूर्ण हो जाता है क्योंकि वह NRHM घोटाले के मुख्य आरोपी और पूर्व पयागपुर विधायक मुकेश कुमार श्रीवास्तव के सगे भाई हैं।

यूपी में NRHM घोटाले के दौरान अजय कुमार श्रीवास्तव बलरामपुर CMO कार्यालय में लिपिक के पद पर तैनात थे। इसी दौरान उनकी संपत्ति को लेकर विजिलेंस जांच शुरू हुई और आय से अधिक संपत्ति का मामला दर्ज हुआ।

अब वर्षों बाद हुई इस बड़ी छापेमारी में सामने आए संपत्ति के दस्तावेजों ने पुराने मामले को फिर चर्चा में ला दिया है।

बिना ड्यूटी किए वेतन लेने के मामले में भी चर्चा में आया था नाम

स्वास्थ्य विभाग का यह कर्मचारी इससे पहले बिना ड्यूटी किए वेतन लेने के मामले को लेकर भी चर्चा में आया था।

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अब विजिलेंस की छापेमारी में करोड़ों की संपत्ति के दस्तावेज सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग में उसकी तैनाती और उससे जुड़े पुराने मामलों को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं।

अब विजिलेंस खंगालेगी संपत्ति से लेकर पैसे के स्रोत तक की पूरी कुंडली

विजिलेंस की इस कार्रवाई के बाद मामला सिर्फ संपत्ति मिलने तक सीमित नहीं है। अब जांच में यह देखा जाएगा कि सामने आई संपत्तियां कब खरीदी गईं, उनका भुगतान किस माध्यम से हुआ, पैसा कहां से आया और अजय कुमार श्रीवास्तव की ज्ञात आय के मुकाबले इन संपत्तियों का मूल्य कितना अधिक है।

28 करोड़ रुपये की संपत्ति से जुड़े दस्तावेज, छह मंजिला होटल और करोड़ों के निवेश ने स्वास्थ्य विभाग के इस कर्मचारी की संपत्ति की पूरी कहानी को जांच के केंद्र में ला दिया है।

विजिलेंस की कार्रवाई के बाद अब इस मामले में आगे क्या-क्या खुलासा होता है, इस पर सबकी निगाहें टिकी हैं।

रिपोर्ट – मंसूफ अहमद 

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Author: Kamran Alvi

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