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Barabanki: पूरे गुमान कांड के तीन दिन बाद पीड़ित परिवार के “आंसू” पोछने पहुंचा सपा प्रतिनिधिमंडल, अरविंद सिंह गोप की गैरमौजूदगी बनी चर्चा का विषय

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Barabanki News: पूरे गुमान कांड के तीसरे दिन सपा प्रतिनिधिमंडल ने पीड़ित परिवार से मुलाकात की।

मुख्य आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग के बीच हैदरगढ़ के पूर्व विधायक रह चुके अरविंद सिंह गोप की गैरमौजूदगी बनी चर्चा का विषय।

बाराबंकी, उत्तर प्रदेश | 19 अगस्त 2026

उत्तर प्रदेश के बाराबंकी जिले के सुबेहा थाना क्षेत्र के पूरे गुमान कोलवा गांव में हुए खूनी संघर्ष और बुजुर्ग शमशेर अली की मौत के तीन दिन बाद बुधवार को समाजवादी पार्टी का प्रतिनिधिमंडल पीड़ित परिवार के घर पहुंचा। प्रतिनिधिमंडल ने मृतक के परिजनों से मुलाकात कर घटना की पूरी जानकारी ली और उन्हें पार्टी नेतृत्व की ओर से हरसंभव सहयोग का भरोसा दिलाया।

हालांकि, इस प्रतिनिधिमंडल के दौरे में पूर्व कैबिनेट मंत्री अरविंद सिंह गोप और जिले के मौजूदा सपा विधायकों की गैरमौजूदगी स्थानीय स्तर पर चर्चा का विषय बन गई। खासकर इसलिए कि घटना को लेकर सपा नेताओं की ओर से पहले ही कानून-व्यवस्था और आरोपियों पर कार्रवाई को लेकर सरकार पर सवाल उठाए जा चुके हैं।

अखिलेश यादव के निर्देश पर पहुंचा सपा प्रतिनिधिमंडल

समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के निर्देश पर अल्पसंख्यक सभा के प्रदेश अध्यक्ष शकील नदवी के नेतृत्व में सपा प्रतिनिधिमंडल बुधवार को पूरे गुमान कोलवा पहुंचा।

प्रतिनिधिमंडल की अध्यक्षता बाराबंकी जिला अध्यक्ष हाफिज अयाज अहमद ने की। इस दौरान पूर्व विधायक राममगन रावत, प्रदेश सचिव अदनान चौधरी, जिला अध्यक्ष अल्पसंख्यक सभा इंतखाब आलम नोमानी, नगर अध्यक्ष अय्यूब कुरैशी, जिला पंचायत सदस्य रामदीन कोरी, अमेठी जिला अध्यक्ष अल्पसंख्यक सभा मोबीन, राम सजीवन रावत, प्रधान अमर बहादुर रावत, शंकरनाथ रावत सहित कई पार्टी पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे।

प्रतिनिधिमंडल ने मृतक शमशेर अली के परिवार से मुलाकात कर घटना की जानकारी ली और परिजनों की शिकायतों को सुना।

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पीड़ित परिवार ने प्रतिनिधिमंडल को सुनाई पूरी घटना

परिजनों ने सपा नेताओं को बताया कि रविवार को गांव के ही रोशन सिंह उर्फ शिव सिंह कथित तौर पर ट्रैक्टर लेकर शमशेर अली के भतीजे उस्मान अली के घर के सामने स्थित रास्ते और ग्राम समाज की जमीन को जोत रहे थे।

परिवार के अनुसार, रहमान की पत्नी बदरून निशा ने इसका विरोध किया तो रोशन सिंह, उसके भाई गुलशन सिंह, विक्रमाजीत सिंह, श्यामजीत सिंह, सूरज सिंह और पृथ्वीराज सिंह समेत अन्य लोगों ने लाठी-डंडों से लैस होकर उसके साथ मारपीट शुरू कर दी।

बदरून निशा को बचाने के लिए शमशेर अली, मुस्ताक अली, अहमद अली, रशीद पुत्र अकरम अली, सजीदुल निशा, शाहिद तथा पड़ोस में रहने वाले राजेंद्र शर्मा और शंकर लाल मौके पर पहुंचे। आरोप है कि हमलावरों ने उनके साथ भी लाठी-डंडों से मारपीट की।

ट्रैक्टर चढ़ाने का आरोप, शमशेर अली की हुई मौत

परिजनों का आरोप है कि मारपीट के दौरान रोशन सिंह ने शमशेर अली, रशीद, सजीदुल और बदरून निशा पर ट्रैक्टर चढ़ा दिया।

इस हमले में 70 वर्षीय शमशेर अली गंभीर रूप से घायल हुए और बाद में उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई। घटना में महिलाओं और युवतियों समेत कई अन्य लोग भी घायल हुए हैं।

‘मुख्य आरोपी अभी भी फरार’, पीड़ित परिवार ने उठाए पुलिस की कार्रवाई पर सवाल

सपा प्रतिनिधिमंडल के सामने परिजनों ने आरोप लगाया कि घटना में शामिल मुख्य आरोपी विक्रमाजीत सिंह, रोशन सिंह और गुलशन सिंह समेत अन्य आरोपी अभी फरार हैं।

परिजनों ने पुलिस से सभी आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी और कठोर कानूनी कार्रवाई की मांग दोहराई। परिवार की ओर से आरोपियों के घरों पर बुलडोजर कार्रवाई की मांग भी की गई।

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पुलिस की भूमिका पर पहले से उठ रहे हैं सवाल

पूरे गुमान कांड के बाद सबसे बड़ा सवाल केवल आरोपियों की दबंगई पर ही नहीं, बल्कि घटना से पहले पुलिस की भूमिका और जमीन विवाद को लेकर की गई कार्रवाई पर भी खड़ा हुआ है।

पीड़ित परिवार का आरोप है कि जमीन को लेकर दोनों पक्षों के बीच विवाद पहले से चल रहा था और इसकी शिकायत पुलिस तक पहुंच चुकी थी। परिवार के मुताबिक, थाने में पंचायत भी हुई थी, लेकिन विवाद का स्थायी समाधान नहीं कराया गया।

पीड़ित पक्ष का दावा है कि यदि पहले ही विवाद को गंभीरता से लिया जाता और प्रभावी कार्रवाई की जाती तो स्थिति इतनी भयावह नहीं होती।

पीड़ित परिवार को दिया सहयोग का भरोसा

प्रतिनिधिमंडल ने मृतक शमशेर अली के परिजनों से कहा कि उनकी बात पार्टी नेतृत्व तक पहुंचाई जाएगी और परिवार को न्याय दिलाने के लिए हरसंभव सहयोग किया जाएगा।

परिजनों ने प्रतिनिधिमंडल के सामने एक बार फिर सभी आरोपियों की गिरफ्तारी, कठोर कानूनी कार्रवाई और घटना की निष्पक्ष जांच की मांग रखी।

पूर्व मंत्री अरविंद सिंह गोप की गैरमौजूदगी बनी चर्चा का विषय

प्रतिनिधिमंडल में क्षेत्र के वरिष्ठ सपा नेता और प्रदेश के पूर्व कैबिनेट मंत्री अरविंद सिंह गोप समेत तीन मौजूदा विधायकों में से किसी के शामिल न होने को लेकर इलाके में चर्चाओं का बाजार गरम रहा। खासकर पूरे गुमान कोलवा के इस जघन्य घटनाक्रम में, जिसमें एक बुजुर्ग की जान चली गई और महिलाओं व युवतियों समेत कई लोग घायल हुए, स्थानीय लोगों की नजरें सपा के बड़े नेताओं की सक्रियता पर टिकी थीं।

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स्थानीय स्तर पर यह चर्चा भी सुनने को मिली कि घटना में नामजद बताए जा रहे सभी आरोपियों का संबंध उसी ठाकुर समुदाय से है, जिससे पूर्व मंत्री अरविंद सिंह गोप भी आते हैं। दूसरी ओर पीड़ित परिवार मुस्लिम समुदाय से है। इसी सामाजिक और राजनीतिक समीकरण को लेकर कुछ स्थानीय लोग दबी जुबान यह सवाल उठाते नजर आए कि क्या सजातीय मतदाताओं के नाराज होने की आशंका के चलते पूर्व मंत्री अरविंद सिंह गोप पीड़ित परिवार के आंसू पोछने का भी साहस नहीं जुटा सके?

हालांकि, यह स्थानीय लोगों के बीच चल रही चर्चा और राजनीतिक कयास हैं। मगर इतना जरूर है कि तीसरे दिन पीड़ित परिवार के दरवाजे तक पहुंचे सपा प्रतिनिधिमंडल में क्षेत्रीय विधायक रह चुके अरविंद सिंह गोप की गैरमौजूदगी ने पूरे मामले के राजनीतिक समीकरणों को लेकर सवाल जरूर खड़े कर दिए हैं।

रिपोर्ट – मंसूफ अहमद 

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Author: Kamran Alvi

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