Barabanki News: बाराबंकी में बारिश के मौसम को देखते हुए डीएम ईशान प्रताप सिंह ने जर्जर स्कूल भवनों में पढ़ाई पर रोक लगाई।
शिक्षकों को 10 मिनट पहले पहुंचने और मिड-डे मील की गुणवत्ता जांचने के निर्देश दिए।

बाराबंकी, उत्तर प्रदेश | 18 अगस्त 2026
बारिश के मौसम में परिषदीय विद्यालयों में बच्चों की सुरक्षा को लेकर बाराबंकी प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। जिलाधिकारी ईशान प्रताप सिंह ने स्पष्ट कर दिया है कि बच्चों की सुरक्षा में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने जर्जर और असुरक्षित भवनों में किसी भी हालत में कक्षाएं संचालित नहीं करने तथा विद्यालयों में स्वच्छता, पेयजल, शौचालय और मिड-डे मील जैसी व्यवस्थाओं की लगातार निगरानी के निर्देश दिए हैं।
वर्षा ऋतु में बच्चों की सुरक्षा, स्वच्छता और विद्यालयों की मूलभूत व्यवस्थाओं को मजबूत करने के उद्देश्य से कलेक्ट्रेट सभागार में जिलाधिकारी की अध्यक्षता में बैठक हुई। बैठक में जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी नवीन कुमार पाठक के साथ जनपद के सभी खंड शिक्षा अधिकारी शामिल हुए।
डीएम का निर्देश- अलर्ट मोड में रहें शिक्षक और बीईओ
जिलाधिकारी ने कहा कि बारिश के मौसम को देखते हुए सभी शिक्षक और बीईओ अलर्ट मोड में रहें और किसी भी अप्रिय स्थिति में तत्काल प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करें।
उन्होंने शिक्षकों को निर्देश दिया कि वे विद्यालय समय से कम से कम 10 मिनट पहले पहुंचें और बच्चों के आने से पहले विद्यालय परिसर की व्यवस्थाओं की खुद निगरानी करें।

साफ-सफाई से लेकर पेयजल तक शिक्षक खुद करें मॉनिटरिंग
डीएम ने विद्यालय परिसर, कक्षाओं, शौचालय और पेयजल व्यवस्था की नियमित जांच करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि बच्चों को स्वच्छ पेयजल और साफ-सुथरा वातावरण उपलब्ध कराना विद्यालय प्रबंधन की प्राथमिक जिम्मेदारी है।
उन्होंने बच्चों के श्रमदान को पूरी तरह प्रतिबंधित नहीं किया, लेकिन स्पष्ट किया कि यदि बच्चे श्रमदान करते हैं तो शिक्षक भी उनके साथ स्वयं श्रमदान करें।
जर्जर भवन में पढ़ाई कराई तो होगी गंभीर कार्रवाई
बारिश के दौरान सबसे बड़ा खतरा जर्जर और असुरक्षित भवनों से होता है। इसे देखते हुए जिलाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिया कि जिन विद्यालयों के भवन जर्जर अथवा असुरक्षित हैं, उनमें किसी भी दशा में पठन-पाठन नहीं कराया जाए।
ऐसे भवनों को पूरी तरह बंद रखने और बच्चों की कक्षाएं केवल सुरक्षित स्थानों पर संचालित करने के निर्देश दिए गए।

बच्चों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता
जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि आगामी एक महीने तक विशेष सतर्कता बरती जाए। उन्होंने कहा कि विद्यालयों में बच्चों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए और किसी भी तरह की लापरवाही को नजरअंदाज नहीं किया जाएगा।
बच्चों की गतिविधियों पर भी रहेगी निगरानी
डीएम ने निर्देश दिए कि बच्चों को अनावश्यक रूप से कक्षा-कक्ष से बाहर न जाने दिया जाए। शौचालय जाने के दौरान भी किसी बड़े व्यक्ति की निगरानी सुनिश्चित करने को कहा गया।
इसका उद्देश्य बारिश के मौसम में फिसलन, जलभराव या अन्य संभावित दुर्घटनाओं से बच्चों को सुरक्षित रखना है।
दूरस्थ स्कूलों में अब बीईओ करेंगे औचक निरीक्षण
जिलाधिकारी ने सभी खंड शिक्षा अधिकारियों को अपने-अपने विकासखंडों में दूरस्थ विद्यालयों से औचक निरीक्षण शुरू करने के निर्देश दिए हैं।
उन्होंने कहा कि अगले एक महीने तक बीईओ लगातार भ्रमणशील रहें और विद्यालयों की वास्तविक स्थिति की निगरानी करें।
निरीक्षण के दौरान विशेष रूप से इन बिंदुओं पर नजर रखने के निर्देश दिए गए—
- शिक्षकों की उपस्थिति
- बच्चों की सुरक्षा
- विद्यालय भवन की स्थिति
- परिसर की साफ-सफाई
- स्वच्छ पेयजल
- शौचालय व्यवस्था
- बच्चों की ड्रेस और जूते
- पाठ्य-पुस्तकों की उपलब्धता
- मिड-डे मील की गुणवत्ता
- विद्यालय की अन्य मूलभूत व्यवस्थाएं
- ड्रेस और किताबों की भी होगी निगरानी
जिलाधिकारी ने कहा कि विद्यालय आने वाले सभी बच्चे प्रॉपर ड्रेस और जूते पहनकर आएं। इसके लिए अभिभावकों को जागरूक और प्रेरित करने के निर्देश दिए गए।
साथ ही प्रत्येक बच्चे के पास उसकी कक्षा से संबंधित आवश्यक पाठ्य-पुस्तकें उपलब्ध होने की व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा गया।
मिड-डे मील पर डीएम की खास नजर, अधिकारी बच्चों के साथ बैठकर खाएंगे भोजन
बारिश के मौसम में बच्चों के स्वास्थ्य को देखते हुए जिलाधिकारी ने मिड-डे मील की गुणवत्ता और स्वच्छता को लेकर भी सख्त निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि भोजन की गुणवत्ता में किसी भी प्रकार की लापरवाही सामने आने पर तत्काल कार्रवाई की जाए।
हफ्ते में एक दिन स्कूल पहुंचेंगे अधिकारी
डीएम ने निर्देश दिया कि संबंधित एसडीएम, बीडीओ, बीईओ और ब्लॉक टास्क फोर्स के अधिकारी सप्ताह में कम से कम एक दिन विद्यालय का निरीक्षण करें।
सिर्फ कागजों पर निरीक्षण करने के बजाय अधिकारियों को बच्चों के साथ बैठकर भोजन करने और खुद मिड-डे मील की गुणवत्ता परखने के निर्देश दिए गए।
‘निरीक्षण औपचारिकता नहीं, कमियां मिलें तो तत्काल समाधान’
जिलाधिकारी ने अधिकारियों को स्पष्ट किया कि निरीक्षण केवल औपचारिकता बनकर नहीं रहना चाहिए। विद्यालय में यदि कोई कमी मिलती है तो उसका तत्काल संज्ञान लेकर निराकरण कराया जाए।
उन्होंने कहा कि बारिश के इस मौसम में विद्यालयों की व्यवस्थाओं को लेकर अधिकारी लगातार सक्रिय रहें, ताकि बच्चों को सुरक्षित और बेहतर शैक्षिक वातावरण उपलब्ध कराया जा सके।
रिपोर्ट – मंसूफ अहमद















