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बाराबंकी में बाढ़ से निपटने की तैयारी तेज: सिरौली गौसपुर में प्रशासन ने किया मॉकड्रिल, ग्रामीणों को दिए बचाव के टिप्स

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बाराबंकी के सिरौली गौसपुर में संभावित बाढ़ आपदा से निपटने के लिए प्रशासन ने सनावा बाढ़ चौकी पर मॉकड्रिल आयोजित की।

एसडीएम अनिल कुमार सरोज के नेतृत्व में हुए पूर्वाभ्यास में विभिन्न विभागों ने भाग लिया और ग्रामीणों को बाढ़ से बचाव के उपाय बताए गए।

बाराबंकी, उत्तर प्रदेश | 11 जून 2026

उत्तर प्रदेश के बाराबंकी जिले में आगामी मानसून और घाघरा नदी में संभावित बाढ़ की आशंका को देखते हुए प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। इसी क्रम में गुरुवार को सिरौली गौसपुर तहसील क्षेत्र के सनावा बाढ़ चौकी पर व्यापक स्तर पर बाढ़ आपदा मॉकड्रिल (पूर्वाभ्यास) का आयोजन किया गया। इस अभ्यास का उद्देश्य संभावित बाढ़ की स्थिति में राहत एवं बचाव कार्यों की तैयारियों को परखना तथा आमजन को आपदा प्रबंधन के प्रति जागरूक करना था।

मॉकड्रिल का आयोजन उपजिलाधिकारी अनिल कुमार सरोज और तहसीलदार बालेंद्र भूषण वर्मा के नेतृत्व में किया गया। इस दौरान विभिन्न विभागों के अधिकारियों और कर्मचारियों ने संयुक्त रूप से आपदा की स्थिति में किए जाने वाले कार्यों का प्रदर्शन किया।

राहत आयुक्त और जिलाधिकारी के निर्देश पर हुआ पूर्वाभ्यास

प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार यह मॉकड्रिल जिलाधिकारी के निर्देश और राहत आयुक्त, उत्तर प्रदेश के आदेश के अनुपालन में गुरुवार सुबह 9 बजे आयोजित की गई। बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में समय रहते प्रभावी राहत और बचाव व्यवस्था सुनिश्चित करने के उद्देश्य से विभिन्न विभागों की भूमिका का परीक्षण किया गया।

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पूर्वाभ्यास के दौरान यह देखा गया कि बाढ़ जैसी आपात स्थिति में पुलिस, राजस्व, स्वास्थ्य, पशुपालन, विद्युत, खाद्य एवं रसद तथा अन्य विभाग किस प्रकार समन्वय स्थापित कर राहत कार्यों को अंजाम देंगे।

ग्रामीणों को बताए गए बाढ़ से बचाव के उपाय

मॉकड्रिल के दौरान अधिकारियों ने ग्रामीणों को बाढ़ आने की स्थिति में सुरक्षित स्थानों पर पहुंचने, प्रशासनिक निर्देशों का पालन करने और अफवाहों से बचने की सलाह दी।

ग्रामीणों को बताया गया कि बाढ़ के समय ऊंचे स्थानों पर शरण लें, विद्युत उपकरणों से दूरी बनाए रखें तथा प्रशासन द्वारा स्थापित राहत शिविरों का उपयोग करें। साथ ही आपदा की स्थिति में हेल्पलाइन नंबरों और स्थानीय प्रशासन से संपर्क बनाए रखने की भी जानकारी दी गई।

विभिन्न विभागों ने किया संयुक्त अभ्यास

मॉकड्रिल में कई विभागों के अधिकारियों और कर्मचारियों ने भाग लिया। इस दौरान पुलिस क्षेत्राधिकारी हर्षित चौहान, खंड शिक्षाधिकारी सुषमा सेंगर, पशु चिकित्साधिकारी गया प्रसाद, बाल विकास परियोजना अधिकारी अर्चना वर्मा, विद्युत विभाग के प्रभारी अवर अभियंता सत्यवान, पूर्ति निरीक्षक सुनील कुमार तथा फायर सर्विस के रामसनेही सहित अन्य विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।

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सभी विभागों ने बाढ़ के दौरान राहत सामग्री वितरण, लोगों के सुरक्षित निकासी अभियान, पशुओं के संरक्षण, बिजली आपूर्ति प्रबंधन और आपदा राहत कार्यों से संबंधित अपनी-अपनी जिम्मेदारियों का प्रदर्शन किया।

जनहानि रोकना और त्वरित राहत पहुंचाना प्रशासन की प्राथमिकता

उपजिलाधिकारी अनिल कुमार सरोज ने कहा कि प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता संभावित बाढ़ की स्थिति में जनहानि को रोकना और प्रभावित लोगों तक समय पर राहत पहुंचाना है। उन्होंने सभी विभागों को निर्देश दिए कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में राहत सामग्री, चिकित्सा सहायता और आवश्यक सेवाएं समय पर उपलब्ध कराई जाएं।

उन्होंने ग्रामीणों से भी अपील की कि वे प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें तथा किसी भी प्रकार की अफवाह पर विश्वास न करें।

सितंबर-अक्टूबर की संभावित बाढ़ को लेकर तैयारियां शुरू

उपजिलाधिकारी अनिल कुमार सरोज ने बताया कि यह पूर्वाभ्यास सितंबर और अक्टूबर में आने वाली संभावित बाढ़ को ध्यान में रखते हुए आयोजित किया गया है। इसका उद्देश्य विभिन्न विभागों की तैयारियों का मूल्यांकन करना और ग्रामीणों को आपदा प्रबंधन के प्रति जागरूक बनाना है।

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उन्होंने कहा कि आने वाले दिनों में बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में विशेष जागरूकता अभियान चलाए जाएंगे तथा आवश्यकता पड़ने पर राहत एवं प्रशिक्षण शिविरों का आयोजन कर लोगों को आपदा से बचाव की विस्तृत जानकारी दी जाएगी।

आपदा प्रबंधन में जनजागरूकता पर विशेष जोर

प्रशासन का मानना है कि बाढ़ जैसी प्राकृतिक आपदाओं से निपटने में जनजागरूकता सबसे महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। इसी उद्देश्य से मॉकड्रिल के माध्यम से ग्रामीणों को आपदा के समय अपनाए जाने वाले सुरक्षा उपायों की जानकारी दी गई, ताकि किसी भी आपात स्थिति में नुकसान को न्यूनतम किया जा सके।

रिपोर्ट – मंसूफ अहमद / उस्मान

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