Barabanki News: निंदूरा ब्लॉक के आगासंड में ₹1.20 करोड़ की लागत से बनी गौशाला चार वर्षों से बंद है।
जलभराव की समस्या के कारण संचालन नहीं हो सका।
डीएम ईशान प्रताप सिंह ने निरीक्षण कर बाढ़ विभाग से रिपोर्ट मांगी।

बाराबंकी, उत्तर प्रदेश | 23 जुलाई 2026
उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा निराश्रित गोवंश के संरक्षण के लिए करोड़ों रुपये खर्च कर गो आश्रय केंद्रों का निर्माण कराया जा रहा है, लेकिन बाराबंकी जिले के निंदूरा विकासखंड के आगासंड गांव में बना गो आश्रय केंद्र सरकारी योजनाओं की जमीनी हकीकत बयां कर रहा है। करीब 1 करोड़ 20 लाख रुपये की लागत से निर्मित यह गो आश्रय केंद्र उद्घाटन के कुछ ही समय बाद बंद हो गया और पिछले चार वर्षों से उपयोग में नहीं आ सका।
गुरुवार को जिलाधिकारी ईशान प्रताप सिंह ने स्वयं मौके पर पहुंचकर बंद पड़े गो आश्रय केंद्र का निरीक्षण किया और संबंधित अधिकारियों से इसके संचालन में आ रही बाधाओं की जानकारी ली।
उद्घाटन के दो महीने बाद ही बंद हो गई करोड़ों की गौशाला
आगासंड स्थित गो आश्रय केंद्र का निर्माण वर्ष 2022 में लगभग ₹1.20 करोड़ की लागत से कराया गया था। उद्देश्य था कि क्षेत्र के निराश्रित गोवंश को सुरक्षित आश्रय मिल सके।
हालांकि, उद्घाटन के महज दो महीने बाद ही बरसात के दौरान भारी जलभराव होने के कारण गौशाला का संचालन बंद करना पड़ा। तब से लेकर आज तक यह केंद्र पूरी तरह बंद पड़ा है।
जिलाधिकारी ने जाना आखिर क्यों नहीं शुरू हो सकी गौशाला
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ईशान प्रताप सिंह ने अधिकारियों से पूछा कि आखिर करोड़ों रुपये खर्च होने के बावजूद गौशाला का संचालन क्यों नहीं हो पाया।
इस पर खंड विकास अधिकारी अमन कुमार वर्मा ने बताया कि गो आश्रय केंद्र लो-लैंड (निचले क्षेत्र) में स्थित है और इसके समीप रेठ नदी बहती है। बरसात के मौसम में नदी का पानी बढ़ने पर पूरा परिसर जलमग्न हो जाता है।
उन्होंने बताया कि गौशाला के अंदर ही नहीं बल्कि वहां तक पहुंचने वाले खड़ंजा मार्ग पर भी पानी भर जाता है, जिससे पशुओं और कर्मचारियों का आवागमन पूरी तरह बाधित हो जाता है।
ग्राम प्रधान ने भी बताई जलभराव की गंभीर समस्या
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने ग्राम प्रधान से भी क्षेत्र की स्थिति के बारे में जानकारी ली।
ग्राम प्रधान ने बताया कि बरसात के दिनों में गौशाला के चारों ओर कई फीट तक पानी भर जाता है, जिससे पूरे परिसर का उपयोग करना संभव नहीं रह जाता।
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि बाढ़ विभाग की टीम मौके का निरीक्षण कर विस्तृत रिपोर्ट तैयार करे, ताकि स्थायी समाधान की दिशा में आवश्यक कदम उठाए जा सकें।

हेमापुरवा आंगनबाड़ी केंद्र पहुंचे डीएम, बच्चों से की मुलाकात
गौशाला निरीक्षण के बाद जिलाधिकारी ने ग्राम पंचायत कुर्सी के हेमापुरवा स्थित आंगनबाड़ी केंद्र का भी निरीक्षण किया।
इस दौरान उन्होंने आंगनबाड़ी में उपस्थित नौनिहालों से बातचीत की तथा उन्हें फल और चॉकलेट वितरित किए।

आंगनबाड़ी में बच्चों की उपस्थिति और टीकाकरण की ली जानकारी
जिलाधिकारी ने जिला कार्यक्रम अधिकारी से आंगनबाड़ी केंद्र की व्यवस्थाओं की जानकारी ली। उन्होंने पूछा कि केंद्र में कुल कितने बच्चे पंजीकृत हैं और प्रतिदिन कितने बच्चे उपस्थित रहते हैं।
अधिकारियों ने बताया कि केंद्र में 31 बच्चे पंजीकृत हैं, जिनमें से प्रतिदिन लगभग 20 से 25 बच्चे उपस्थित रहते हैं।
डीएम ने बच्चों के टीकाकरण (वैक्सीनेशन) की स्थिति की भी जानकारी ली और आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
निरीक्षण के दौरान ये अधिकारी रहे मौजूद
निरीक्षण के दौरान खंड विकास अधिकारी अमन कुमार वर्मा, जूनियर इंजीनियर आर.एस. सचिन यादव, एडीओ पंचायत अनिल कुमार सिंह, ग्राम पंचायत सचिव सुधाकर सिंह सहित अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी मौजूद रहे।
रिपोर्ट – ललित राजवंशी











