बाराबंकी के बड्डूपुर क्षेत्र में STF और खाद्य सुरक्षा विभाग की संयुक्त कार्रवाई में नकली चायपत्ती बनाने की फैक्ट्री का भंडाफोड़ हुआ।
टीम ने 800 किलो रंगी हुई चायपत्ती, रंग, पैकिंग सामग्री और मशीनें जब्त कर आरोपी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया।

बाराबंकी, उत्तर प्रदेश | 04 जुलाई 2026
उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से सटे बाराबंकी जिले में रंग मिलाकर नकली चायपत्ती तैयार करने के बड़े गोरखधंधे का पर्दाफाश हुआ है। उत्तर प्रदेश स्पेशल टास्क फोर्स (STF) और खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (FSDA) की संयुक्त टीम ने बड्डूपुर थाना क्षेत्र के शाहपुर गांव में छापेमारी कर करीब 800 किलोग्राम रंगी हुई नकली चायपत्ती बरामद की। आरोप है कि इसे मशहूर ब्रांडों के नाम से पैक कर बाजार में बेचा जा रहा था। इस कार्रवाई के बाद पूरे इलाके में हड़कंप मच गया।
‘फास्ट टी’ और ‘गार्डेन फ्रेश’ के नाम से हो रही थी पैकिंग
संयुक्त छापेमारी के दौरान टीम ने मौके से लगभग 800 किलोग्राम रंग मिलाकर तैयार की गई चायपत्ती, 5 किलोग्राम रंग, 15 किलोग्राम पैकिंग सामग्री और पैकिंग में इस्तेमाल होने वाली मशीनें बरामद कीं।
प्रारंभिक जांच में सामने आया कि तैयार की गई चायपत्ती को “फास्ट टी” और “गार्डेन फ्रेश” जैसे ब्रांड नामों से पैक कर बाजार में सप्लाई की जा रही थी।

1.60 लाख रुपये की चायपत्ती सीज, जांच के लिए लिए गए नमूने
कार्रवाई के दौरान टीम ने चायपत्ती और उसमें मिलाए जा रहे रंग के नमूने गुणवत्ता परीक्षण के लिए सुरक्षित किए। साथ ही लगभग 1.60 लाख रुपये मूल्य की चायपत्ती को मौके पर ही सीज कर दिया गया।
इसके अलावा पैकिंग में प्रयुक्त इलेक्ट्रॉनिक पैकिंग मशीन और सीलिंग मशीन को भी जब्त कर सील कर दिया गया है।

गुप्त सूचना पर की गई छापेमारी
संयुक्त टीम ने गुप्त सूचना के आधार पर यह छापेमारी की। इस दौरान मौके पर मौजूद शकील पुत्र मोहम्मद यूनुस निवासी शाहपुर से पूछताछ की गई, जिसमें उसने स्वीकार किया कि वह रंग मिलाकर चायपत्ती तैयार करता था और उसे विभिन्न ब्रांडों के नाम से पैक कर बाजार में सप्लाई करता था।
आरोपी के खिलाफ मुकदमा दर्ज
बाराबंकी के सहायक खाद्य आयुक्त (द्वितीय) डॉ. शैलेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि आरोपी शकील पुत्र मोहम्मद यूनुस के विरुद्ध थाना बड्डूपुर में संबंधित धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज करा दिया गया है।
उन्होंने बताया कि मामले की विस्तृत जांच जारी है और खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता परीक्षण रिपोर्ट आने के बाद आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी।
महेश रेस्टोरेंट से भी लिया गया लाल मिर्च का नमूना
इसी अभियान के दौरान अयोध्या-लखनऊ राष्ट्रीय राजमार्ग स्थित महेश रेस्टोरेंट का भी निरीक्षण किया गया।
निरीक्षण के दौरान वहां से पिसी हुई लाल मिर्च का नमूना जांच के लिए लिया गया। टीम ने कुछ कमियां मिलने पर रेस्टोरेंट संचालक को नोटिस जारी करते हुए चेतावनी दी कि निर्धारित समय में सुधार नहीं होने पर लाइसेंस निरस्त कर प्रतिष्ठान बंद कराने की कार्रवाई की जाएगी।

कार्रवाई में शामिल रहे ये अधिकारी
संयुक्त अभियान में खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन की ओर से—
- खाद्य सुरक्षा अधिकारी अरुण कुमार
- सलिल कुमार सिंह
- डॉ. अंकिता यादव
शामिल रहीं।
वहीं STF टीम में—
- उपनिरीक्षक राजेश कुमार सिंह
- हेड कांस्टेबल चेतन सिंह
- श्रीकृष्ण
- शैलेन्द्र उपाध्याय
- रमाशंकर चौधरी
- सुनील मिश्रा
ने कार्रवाई को अंजाम दिया।
मिलावटखोरों पर आगे भी जारी रहेगा अभियान
खाद्य सुरक्षा विभाग के अधिकारियों ने कहा कि आम जनता के स्वास्थ्य से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ आगे भी इसी प्रकार का अभियान जारी रहेगा। मिलावटी खाद्य पदार्थों के निर्माण, भंडारण और बिक्री में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। विभाग लगातार बाजारों, गोदामों और खाद्य निर्माण इकाइयों की निगरानी कर रहा है तथा संदिग्ध गतिविधियों पर तत्काल कार्रवाई की जा रही है।
लोगों से सहयोग की अपील
खाद्य सुरक्षा विभाग ने आम जनता से अपील की है कि यदि कहीं भी खाद्य पदार्थों में मिलावट या संदिग्ध गतिविधि की जानकारी मिले तो तत्काल विभाग को सूचित करें, ताकि समय रहते कार्रवाई कर लोगों के स्वास्थ्य की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
रिपोर्ट – ललित राजवंशी











