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बाराबंकी में शराब ठेके के विरोध में फूटा ग्रामीणों का गुस्सा: महिलाओं, बुजुर्गों और युवाओं ने किया सड़क जाम, ठेका हटाने की उठी मांग

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बाराबंकी के रामनगर थाना क्षेत्र के अमराई भुंड गांव में देशी शराब ठेके के विरोध में ग्रामीणों ने सड़क जाम कर प्रदर्शन किया।

महिलाओं ने सुरक्षा और युवाओं में बढ़ते नशे को लेकर ठेका हटाने की मांग उठाई।

बाराबंकी, उत्तर प्रदेश | 03 जून 2026

उत्तर प्रदेश के बाराबंकी जिले के रामनगर थाना क्षेत्र स्थित अमराई भुंड गांव में बुधवार को देशी शराब की दुकान के विरोध में ग्रामीणों का आक्रोश खुलकर सामने आ गया। गांव के बीच संचालित शराब ठेके को हटाने की मांग को लेकर महिलाओं, बुजुर्गों और युवाओं ने एकजुट होकर महादेवा-सूरतगंज मार्ग पर प्रदर्शन किया और सड़क जाम कर दी। प्रदर्शनकारियों ने प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी करते हुए आबादी क्षेत्र से शराब की दुकान को तत्काल हटाने की मांग की।

ग्रामीणों के प्रदर्शन के चलते महादेवा-सूरतगंज मार्ग पर दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। सड़क जाम होने से यात्रियों और राहगीरों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा। सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों में हड़कंप मच गया।

आबादी के बीच शराब ठेका संचालित होने से ग्रामीणों में नाराजगी

प्रदर्शन कर रहे ग्रामीणों का कहना था कि गांव की आबादी के बीच संचालित देशी शराब की दुकान सामाजिक वातावरण को प्रभावित कर रही है। ग्रामीणों का आरोप है कि ठेके के आसपास दिनभर शराब पीने वालों का जमावड़ा लगा रहता है, जिससे क्षेत्र का माहौल खराब हो रहा है।

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ग्रामीणों का कहना है कि उन्होंने कई बार संबंधित अधिकारियों से शराब की दुकान को आबादी से दूर स्थानांतरित करने की मांग की, लेकिन उनकी शिकायतों पर कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई। प्रशासन की उदासीनता से नाराज होकर ग्रामीणों ने सड़क पर उतरकर विरोध प्रदर्शन करने का निर्णय लिया।

महिलाओं ने बताई सुरक्षा और सम्मान की चिंता

प्रदर्शन में शामिल महिलाओं ने बताया कि शराब की दुकान के आसपास अक्सर नशे में धुत लोग घूमते रहते हैं। कई बार राह चलती महिलाओं और छात्राओं को असहज परिस्थितियों का सामना करना पड़ता है।

महिलाओं का आरोप है कि शाम होते ही शराबियों की संख्या बढ़ जाती है, जिससे गांव की बेटियों और महिलाओं का घर से निकलना मुश्किल हो जाता है। उन्होंने कहा कि गांव का माहौल लगातार बिगड़ रहा है और यदि समय रहते ठेका नहीं हटाया गया तो भविष्य में और गंभीर समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं।

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युवाओं में बढ़ रही नशे की प्रवृत्ति को लेकर अभिभावक चिंतित

ग्रामीणों और अभिभावकों ने चिंता जताते हुए कहा कि गांव के निकट शराब की दुकान होने के कारण युवा वर्ग तेजी से नशे की ओर आकर्षित हो रहा है। इससे परिवारों में विवाद बढ़ रहे हैं और सामाजिक ताना-बाना प्रभावित हो रहा है।

ग्रामीणों का कहना है कि सरकार नशामुक्त समाज की बात करती है, लेकिन आबादी के बीच शराब की दुकानों का संचालन इस उद्देश्य के विपरीत है। उन्होंने प्रशासन से मांग की कि युवाओं के भविष्य को देखते हुए ठेके को तत्काल गांव से दूर स्थानांतरित किया जाए।

पहले भी दिए गए थे ज्ञापन, नहीं हुई कार्रवाई

प्रदर्शनकारियों ने बताया कि इस संबंध में पूर्व में कई बार प्रशासनिक अधिकारियों को ज्ञापन सौंपा जा चुका है। बावजूद इसके अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। ग्रामीणों का आरोप है कि उनकी समस्याओं को गंभीरता से नहीं लिया गया, जिसके कारण उन्हें सड़क जाम कर विरोध प्रदर्शन करना पड़ा।

ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा।

पुलिस ने समझाकर खुलवाया जाम, कार्रवाई का दिया आश्वासन

सड़क जाम और प्रदर्शन की सूचना मिलते ही रामनगर थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों से बातचीत कर उन्हें शांत कराया और उनकी मांगों को उच्चाधिकारियों तक पहुंचाने का आश्वासन दिया।

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फिलहाल खबर लिखे जाने तक पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी ग्रामीणों को समझाने-बुझाने में जुटे हुए थे। वहीं क्षेत्र में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस बल तैनात किया गया है।

रिपोर्ट – मंसूफ अहमद 

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Author: Kamran Alvi

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