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बाराबंकी में दिव्यांग की जमीन और मकान पर कब्जे का प्रयास: विरोध करने पर मारपीट, जान से मारने की धमकी; प्रशासन से लगाई न्याय की गुहार

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बाराबंकी के मोहम्मदपुर गांव में दिव्यांग रामू रावत ने पुश्तैनी आबादी की जमीन पर कब्जे के प्रयास और विरोध करने पर मारपीट का आरोप लगाया।

पीड़ित परिवार ने पुलिस और प्रशासन से सुरक्षा व कार्रवाई की मांग की।

बाराबंकी, उत्तर प्रदेश | 30 मई 2026

उत्तर प्रदेश के बाराबंकी जिले के नगर कोतवाली क्षेत्र के ग्राम मोहम्मदपुर में एक दिव्यांग व्यक्ति की पुश्तैनी आबादी की भूमि पर कथित कब्जे के प्रयास और विरोध करने पर मारपीट का मामला सामने आया है। पीड़ित परिवार ने गांव के कुछ प्रभावशाली लोगों पर जमीन हड़पने की कोशिश, गाली-गलौज, मारपीट और लगातार धमकियां देने का आरोप लगाया है। घटना के बाद पीड़ित परिवार दहशत में है और न्याय की आस में पुलिस व जिला प्रशासन के अधिकारियों के चक्कर लगा रहा है।

पीड़ित दिव्यांग रामू रावत का कहना है कि उनका परिवार वर्षों से ग्राम मोहम्मदपुर स्थित गाटा संख्या 576 (क) की आबादी भूमि पर मकान बनाकर रह रहा है। यह जमीन उनके परिवार की पुरानी आबादी एवं सहन की भूमि है, जहां कई पीढ़ियों से उनका परिवार निवास करता आ रहा है। लेकिन अब गांव के ही एक व्यक्ति फुरकान और उसके सहयोगी इस जमीन पर अवैध रूप से कब्जा करने का प्रयास कर रहे हैं।

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वर्षों पुरानी आबादी की भूमि पर कब्जे की कोशिश का आरोप

रामू रावत ने बताया कि जिस भूमि पर उनका मकान बना हुआ है, वह कोई विवादित या नई जमीन नहीं है, बल्कि वर्षों से आबादी के रूप में उपयोग में रही है। उनका परिवार लंबे समय से वहां निवास कर रहा है और उसी भूमि पर उनका जीवन-यापन निर्भर है।

पीड़ित के अनुसार, पिछले कुछ समय से आरोपित पक्ष लगातार उनकी जमीन पर दावा जताने और कब्जा करने की कोशिश कर रहा है। जब उन्होंने इसका विरोध किया तो मामला विवाद में बदल गया और कथित रूप से उनके साथ अभद्रता तथा मारपीट की गई।

विरोध करने पर गाली-गलौज और मारपीट का आरोप

रामू रावत ने आरोप लगाया कि जब उन्होंने अपनी जमीन पर हो रहे कथित कब्जे का विरोध किया तो आरोपित पक्ष ने उनके साथ गाली-गलौज शुरू कर दी। इसके बाद स्थिति और बिगड़ गई तथा उनके साथ मारपीट की गई।

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पीड़ित ने कहा कि दिव्यांग होने के कारण वह पहले से ही शारीरिक रूप से कमजोर हैं, ऐसे में दबंगों द्वारा की गई मारपीट और धमकियों ने उनके पूरे परिवार को भयभीत कर दिया है। उनका कहना है कि उन्हें और उनके परिजनों को लगातार जान-माल का खतरा बना हुआ है।

“हम लोग कई पीढ़ियों से इस जमीन पर रह रहे हैं। अब दबंग लोग हमारी आबादी और सहन की भूमि पर कब्जा करना चाहते हैं। विरोध करने पर हमारे साथ मारपीट की गई और धमकियां दी जा रही हैं।” — रामू रावत, पीड़ित

पीड़ित परिवार ने प्रशासन से मांगी सुरक्षा

घटना के बाद पीड़ित परिवार ने स्थानीय पुलिस और जिला प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों से मामले में हस्तक्षेप की मांग की है। उन्होंने आरोपितों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई करने और अपनी भूमि तथा परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित करने की गुहार लगाई है।

परिवार का कहना है कि यदि समय रहते प्रशासन ने हस्तक्षेप नहीं किया तो किसी बड़ी घटना से इनकार नहीं किया जा सकता।

ग्रामीणों ने भी जताई चिंता

गांव के कई लोगों का कहना है कि आबादी की जमीनों को लेकर बढ़ते विवाद गांव की शांति व्यवस्था के लिए खतरा बनते जा रहे हैं। ग्रामीणों का मानना है कि प्रशासन को ऐसे मामलों में निष्पक्ष जांच कराकर जल्द कार्रवाई करनी चाहिए, ताकि किसी भी पक्ष के साथ अन्याय न हो और गांव में सौहार्दपूर्ण माहौल बना रहे।

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पुलिस कार्रवाई पर टिकी निगाहें

फिलहाल मामला स्थानीय पुलिस और प्रशासन के संज्ञान में है। पीड़ित परिवार न्याय की उम्मीद लगाए बैठा है। अब देखना होगा कि नगर कोतवाली पुलिस इस मामले में क्या कार्रवाई करती है और दिव्यांग रामू रावत को उनकी पुश्तैनी आबादी की भूमि पर अधिकार और सुरक्षा दिलाने के लिए क्या कदम उठाए जाते हैं।

रिपोर्ट – मंसूफ अहमद 

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Author: Kamran Alvi

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