बाराबंकी की बेलहरा नगर पंचायत में 15 अप्रैल 2026 की बोर्ड बैठक की कार्यवाही में कथित फर्जीवाड़े का मामला सामने आया है।
सभासदों ने अध्यक्ष और अधिशासी अधिकारी पर बिना हस्ताक्षर अवैध प्रविष्टियां दर्ज करने का आरोप लगाते हुए SDM फतेहपुर से जांच और कार्रवाई की मांग की है।

बाराबंकी, उत्तर प्रदेश | 20 मई 2026
उत्तर प्रदेश के बाराबंकी जिले की नगर पंचायत बेलहरा में बोर्ड बैठक की कार्यवाही रजिस्टर में कथित अवैध प्रविष्टियों का मामला सामने आने के बाद स्थानीय राजनीति में हड़कंप मच गया है। नगर पंचायत के निर्वाचित और नामित सभासदों ने सामूहिक रूप से उपजिलाधिकारी फतेहपुर को शिकायती पत्र सौंपकर नगर पंचायत अध्यक्ष और अधिशासी अधिकारी (EO) पर पद के दुरुपयोग, मनमानी और सरकारी अभिलेखों में कूटरचना जैसे गंभीर आरोप लगाए हैं।
सभासदों का आरोप है कि 15 अप्रैल 2026 को आयोजित बोर्ड बैठक की वास्तविक कार्यवाही को बदलकर बाद में रजिस्टर में मनमाने तरीके से प्रस्ताव दर्ज किए गए, जबकि उन प्रस्तावों पर किसी सभासद के हस्ताक्षर तक नहीं हैं।
‘बैठक में केवल वार्ड विकास के प्रस्ताव पर बनी थी सहमति’
शिकायत पत्र के अनुसार 15 अप्रैल 2026 को आयोजित बोर्ड बैठक में सर्वसम्मति से यह निर्णय लिया गया था कि प्रत्येक वार्ड में विकास कार्यों के लिए दो अनिवार्य प्रस्ताव पारित किए जाएंगे।
सभासदों का कहना है कि बैठक के समय कार्यवाही रजिस्टर में किसी भी कार्य का विस्तृत विवरण अंकित नहीं था। इसी वजह से किसी भी सभासद ने रजिस्टर पर हस्ताक्षर नहीं किए थे।
आरोप है कि उस समय अध्यक्ष और अधिशासी अधिकारी ने आश्वासन दिया था कि सभी प्रस्ताव दर्ज करने के बाद कार्यवाही रजिस्टर दोबारा पढ़वाया जाएगा और फिर सभासदों के हस्ताक्षर कराए जाएंगे।

‘बाद में मनमाने तरीके से दर्ज किए गए प्रस्ताव’
सभासदों का आरोप है कि उनकी अनुपस्थिति में अध्यक्ष और EO ने कई ऐसे कार्यों को रजिस्टर में दर्ज करवा दिया, जिन पर बोर्ड बैठक में कोई चर्चा या सहमति नहीं बनी थी।
इतना ही नहीं, बिना किसी सभासद के हस्ताक्षर के ही कार्यवाही को पूर्ण और स्वीकृत दर्शा दिया गया। शिकायतकर्ताओं ने इसे सरकारी रिकॉर्ड के साथ छेड़छाड़ और कूटरचना करार दिया है।
सभासदों का कहना है कि बिना बोर्ड की अनुमति और हस्ताक्षर के कार्य दर्ज करना वित्तीय अनियमितताओं को बढ़ावा देने की साजिश हो सकती है, जिससे वास्तविक विकास कार्य प्रभावित होंगे।

नगर पालिका अधिनियम का उल्लंघन होने का आरोप
शिकायत पत्र में उत्तर प्रदेश नगर पालिका अधिनियम का हवाला देते हुए कहा गया है कि किसी भी बोर्ड बैठक की कार्यवाही तब तक वैध नहीं मानी जा सकती जब तक उस पर कोरम की पुष्टि और सदस्यों के हस्ताक्षर न हों।
सभासदों ने आरोप लगाया कि वर्तमान मामले में नियमों की अनदेखी करते हुए कार्यवाही रजिस्टर को एकतरफा तरीके से तैयार किया गया, जो पूरी प्रक्रिया की पारदर्शिता पर सवाल खड़े करता है।
SDM से जांच और कार्रवाई की मांग
सभासदों ने उपजिलाधिकारी फतेहपुर से मांग की है कि:
- 15 अप्रैल 2026 की बोर्ड बैठक के कार्यवाही रजिस्टर की तत्काल निष्पक्ष जांच कराई जाए
- बिना हस्ताक्षर तैयार की गई कार्यवाही को निरस्त किया जाए
- कथित धांधली में शामिल जिम्मेदार अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ वैधानिक कार्रवाई की जाए
सभासदों ने चेतावनी दी है कि यदि मामले में जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो वे आंदोलन करने को बाध्य होंगे।

नगर पंचायत की कार्यप्रणाली पर उठे सवाल
इस पूरे विवाद ने नगर पंचायत बेलहरा की कार्यप्रणाली और प्रशासनिक पारदर्शिता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि बोर्ड बैठकों की कार्यवाही में ही पारदर्शिता नहीं रहेगी तो विकास कार्यों की निष्पक्षता पर भी सवाल उठना स्वाभाविक है।
फिलहाल SDM कार्यालय की ओर से इस मामले में कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है, लेकिन शिकायत के बाद नगर पंचायत में राजनीतिक और प्रशासनिक हलचल तेज हो गई है।
रिपोर्ट – नीरज निगम













