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बाराबंकी में रिश्वतखोर लेखपाल व मुंशी गिरफ्तार: 6 हजार रुपये घूस लेते एंटी करप्शन टीम ने रंगे हाथ दबोचा, अंश निर्धारण के नाम पर किसान से मांगी थी घूस

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बाराबंकी के कोठी थाना क्षेत्र में एंटी करप्शन टीम ने बड़ी कार्रवाई।

लेखपाल अमित कनौजिया और उसके मुंशी विनय त्रिवेदी को 6 हजार रुपये रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया।

अंश निर्धारण के नाम पर किसान से मांगी गई थी घूस।

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बाराबंकी, उत्तर प्रदेश | 27 मई 2026

उत्तर प्रदेश के बाराबंकी जिले के कोठी थाना क्षेत्र में एंटी करप्शन टीम ने बड़ी कार्रवाई करते हुए मझियावां क्षेत्र के लेखपाल अमित कनौजिया और उसके निजी मुंशी विनय त्रिवेदी को 6 हजार रुपये रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। इस कार्रवाई से राजस्व विभाग में हड़कंप मच गया है। एंटी करप्शन टीम दोनों आरोपियों को पकड़कर सीधे कोठी थाने पहुंची, जहां उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया।

बताया जा रहा है कि हैदरगढ़ तहसील क्षेत्र में तैनात लेखपाल अमित कनौजिया अंश निर्धारण के नाम पर किसान से लगातार रिश्वत की मांग कर रहा था। परेशान किसान ने इसकी शिकायत एंटी करप्शन टीम से की, जिसके बाद जाल बिछाकर पूरी कार्रवाई को अंजाम दिया गया।

अंश निर्धारण के नाम पर मांगे जा रहे थे रुपये

जानकारी के अनुसार कोठी थाना क्षेत्र के शिवालापुरवा मजरे उस्मानपुर निवासी सहजराम रावत, जो कंपोजिट विद्यालय सराय मोहद्दीनपुर सिद्धौर में शिक्षक हैं, उनकी बसंतपुर गांव में स्थित जमीन को लेकर पारिवारिक विवाद चल रहा था। सहजराम रावत का आरोप है कि उनके ससुर से मिली जमीन में उनके सालों द्वारा हेरफेर किया जा रहा था।

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पीड़ित ने बताया कि उन्होंने जमीन के अंश निर्धारण के लिए कई बार तहसील में आवेदन दिया था, लेकिन काफी समय से मामला लंबित पड़ा हुआ था। 16 मई को तहसील समाधान दिवस में भी उन्होंने प्रार्थना पत्र दिया था। आरोप है कि इसी कार्य को आगे बढ़ाने के लिए क्षेत्रीय लेखपाल अमित कनौजिया और उसके निजी मुंशी विनय त्रिवेदी ने रिश्वत की मांग शुरू कर दी।

एंटी करप्शन टीम ने रची योजना, रंगे हाथ हुई गिरफ्तारी

पीड़ित शिक्षक ने रिश्वत मांगने की शिकायत एंटी करप्शन टीम से की। शिकायत मिलने के बाद विजिलेंस प्रभारी लखनऊ विजय यादव के नेतृत्व में टीम ने कार्रवाई की रणनीति तैयार की।

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पूर्व निर्धारित योजना के तहत बुधवार दोपहर करीब 12 बजे पीड़ित किसान कोठी चौराहा स्थित पूर्व ब्लॉक प्रमुख रमेश चंद्र की राइस मिल के सामने बने लेखपाल के निजी कार्यालय पहुंचा। जैसे ही किसान ने 6 हजार रुपये लेखपाल और उसके मुंशी को दिए, पहले से आसपास मौजूद एंटी करप्शन टीम ने दोनों को रंगे हाथ पकड़ लिया।

कार्रवाई के दौरान लेखपाल और उसका मुंशी पूरी तरह हक्का-बक्का रह गए। टीम ने तुरंत दोनों को हिरासत में लेकर सरकारी वाहन में बैठाया और कोठी थाने ले गई।

कोठी थाने में दर्ज हुआ मुकदमा

कोठी इंस्पेक्टर धर्मेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि एंटी करप्शन टीम की तहरीर के आधार पर आरोपी लेखपाल अमित कनौजिया और उसके मुंशी विनय त्रिवेदी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। मामले में आगे की विधिक कार्रवाई की जा रही है।

वहीं, राजस्व लेखपाल संघ हैदरगढ़ के महामंत्री राहुल कनौजिया ने भी दो लोगों को हिरासत में लिए जाने की पुष्टि की है।

राजस्व विभाग में मचा हड़कंप

इस कार्रवाई के बाद राजस्व विभाग और तहसील प्रशासन में हड़कंप की स्थिति बनी हुई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि जमीन संबंधी मामलों में लंबे समय से भ्रष्टाचार और रिश्वतखोरी की शिकायतें सामने आती रही हैं। लोगों ने उम्मीद जताई कि इस कार्रवाई के बाद अन्य भ्रष्ट कर्मचारियों पर भी शिकंजा कसा जाएगा।

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स्थानीय नागरिकों का कहना है कि आम जनता को छोटे-छोटे कार्यों के लिए महीनों तक कार्यालयों के चक्कर लगाने पड़ते हैं और कई मामलों में बिना रिश्वत के काम नहीं होता। ऐसे में एंटी करप्शन टीम की यह कार्रवाई भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ा संदेश मानी जा रही है।

रिपोर्ट – मंसूफ अहमद 

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Kamran Alvi
Author: Kamran Alvi

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