यूपी ATS ने बाराबंकी और कुशीनगर से 2 संदिग्ध आतंकियों को गिरफ्तार किया।
पाकिस्तानी गैंगस्टर शहजाद भट्टी और ISI के संपर्क में रहकर ये युवक संवेदनशील ठिकानों पर हमले की साजिश रच रहे थे।

लखनऊ/बाराबंकी, उत्तर प्रदेश | 06 मई 2026
उत्तर प्रदेश एंटी टेररिस्ट स्क्वाड (ATS) को मिली खुफिया सूचना के आधार पर एक बड़े आतंकी मॉड्यूल का पर्दाफाश हुआ है।
जांच में सामने आया कि पाकिस्तान के आतंकी नेटवर्क सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म, खासकर इंस्टाग्राम के जरिए भारतीय युवाओं को फंसाकर उन्हें “फुट सोल्जर” और स्लीपर सेल के रूप में इस्तेमाल करने की साजिश रच रहे थे।
ISI और पाकिस्तानी गैंगस्टर से जुड़े तार
जांच में यह भी खुलासा हुआ कि आरोपी पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी ISI के इशारे पर काम कर रहे थे और उनका संपर्क कुख्यात गैंगस्टर शहजाद भट्टी, आबिद जट और हम्माद से था।
🔹 देश में हमलों की थी साजिश
इन युवकों को संवेदनशील संस्थानों, पुलिस थानों और सुरक्षाबलों पर हमला करने के लिए तैयार किया जा रहा था, जिससे देश की सुरक्षा को गंभीर खतरा हो सकता था।

बाराबंकी और गोरखपुर से हुई गिरफ्तारी
ATS ने इलेक्ट्रॉनिक और फिजिकल सर्विलांस के जरिए आरोपियों की गतिविधियों की पुष्टि की।
🔹 ये आरोपी हुए गिरफ्तार
- दानियाल अशरफ (निवासी किन्तूर, बाराबंकी)
- कृष्णा मिश्रा (निवासी कुशीनगर)
कृष्णा को 5 मई 2026 को गोरखपुर से और दानियाल को 6 मई 2026 को बाराबंकी से गिरफ्तार किया गया।
मोबाइल से मिले चौंकाने वाले सबूत
जांच के दौरान दोनों आरोपियों के मोबाइल फोन से कई अहम डिजिटल साक्ष्य बरामद हुए।
🔹 वीडियो कॉल और चैटिंग के सबूत
- पाकिस्तानी नंबर सेव मिले
- वीडियो कॉल रिकॉर्डिंग और वॉइस नोट
- व्हाट्सएप ग्रुप कॉल, जिसमें विदेशी नंबर शामिल
- देश विरोधी बातचीत के साक्ष्य

पुलिस स्टेशन की रेकी और हमले की तैयारी
ATS के अनुसार, आरोपियों ने पाकिस्तान स्थित नेटवर्क के निर्देश पर एक पुलिस स्टेशन की रेकी कर उसका वीडियो और लोकेशन भी भेजी थी।
🔹 हथियार और पैसे की मांग
दानियाल ने आतंकी घटना को अंजाम देने के लिए गैंगस्टर से हथियार और पैसों की मांग भी की थी।
साथ ही, संदिग्ध पोस्टर छापकर सार्वजनिक स्थानों पर चस्पा करने की भी योजना सामने आई है।
आरोपियों से हथियार बरामद
पुलिस ने आरोपियों के पास से हथियार भी बरामद किए हैं:
दानियाल अशरफ के पास से:
- 9 एमएम पिस्टल
- 4 जिंदा कारतूस
- मोबाइल फोन
कृष्णा मिश्रा के पास से:
- 315 बोर तमंचा
- 2 जिंदा कारतूस
- मोबाइल फोन

“तुम्हें हीरो बना देंगे” – ऐसे किया गया ब्रेनवॉश
पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि उनका संपर्क इंस्टाग्राम के जरिए हुआ था।
🔹 लालच और कट्टरपंथ का जाल
पाकिस्तानी गैंगस्टर ने उन्हें कहा था कि “अगर मेरे कहे अनुसार काम करोगे, तो तुम्हें भारत में हीरो बना देंगे।”
इसी लालच और ब्रेनवॉशिंग के जरिए उन्हें आतंकी गतिविधियों के लिए तैयार किया जा रहा था।
कोर्ट में पेशी, नेटवर्क की जांच जारी
ATS ने दोनों आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर उन्हें न्यायालय में पेश किया है।
🔹 अन्य साथियों की तलाश
जांच एजेंसियां अब इनके नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की तलाश में जुटी हैं और पूरे मॉड्यूल की गहराई से जांच की जा रही है।

परिवार का दावा—“काम सीखने मुंबई गया था, साजिश से अनजान थे हम”
गिरफ्तार आरोपी दानियाल अशरफ के परिवार ने पूरे मामले को लेकर कई अहम बातें सामने रखी हैं, जिससे केस में एक अलग ही पहलू जुड़ गया है।
🔹 “दुबई भेजने के नाम पर ले जाया गया था मुंबई”
दानियाल के पिता महमूद अंसारी ने बताया कि उनका बेटा किसी भी आपराधिक गतिविधि में शामिल नहीं था, बल्कि वह रोज़गार के सिलसिले में मुंबई गया था।
उनके अनुसार, जरवल क्षेत्र का एक व्यक्ति दानियाल को दरज़ी (दरदोज़ी) का काम सिखाने और बाद में दुबई भेजने का झांसा देकर अपने साथ मुंबई ले गया था। इसके लिए परिवार ने करीब 1 लाख 30 हजार रुपये भी दिए थे।
🔹 “27 अप्रैल को ही गांव लौटा था”
परिवार का कहना है कि दानियाल हाल ही में, 27 अप्रैल 2026 को मुंबई से वापस अपने गांव किन्तूर आया था और घर पर ही रह रहा था।
🔹 “सादी वर्दी में आई पुलिस, दूसरे मामले में पूछताछ बताकर ले गई”
पिता के मुताबिक, 5 मई की सुबह करीब 8 बजे कुछ पुलिसकर्मी सादी वर्दी में घर पहुंचे। उस समय दानियाल घर के बाहर खटिया पर सो रहा था।
पुलिस ने उसे उठाया और यह कहते हुए अपने साथ ले गई कि “बाराबंकी में किसी लड़की को लेकर हुए झगड़े के मामले में पूछताछ करनी है।”
🔹 “बाद में पता चला लखनऊ ले जाया गया”
परिवार का दावा है कि शुरुआत में उन्हें असली वजह नहीं बताई गई। बाद में जानकारी मिली कि दानियाल को लखनऊ ले जाया गया है और मामला गंभीर है।
🔹 “परिवार ने जताई अनभिज्ञता”
परिजनों का कहना है कि उन्हें इस बात की कोई जानकारी नहीं थी कि दानियाल किसी संदिग्ध लोगों के संपर्क में था या किसी गलत गतिविधि में शामिल है।
उन्होंने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है।
रिपोर्ट – नौमान माजिद / मंसूफ अहमद













