बाराबंकी के नगर कोतवाली क्षेत्र के पूर्व माध्यमिक विद्यालय ढकौली में बड़ी चोरी।
चोरों ने ताले तोड़कर एलसीडी टीवी, गैस सिलेंडर, म्यूजिक सिस्टम और सरस्वती मूर्ति तक चोरी कर ली। पुलिस जांच में जुटी।

बाराबंकी, उत्तर प्रदेश | 06 मई 2026
जिले के नगर कोतवाली क्षेत्र में लगातार बढ़ती चोरी की घटनाओं ने नगर की सुरक्षा व्यवस्था और पुलिस की रात्रि गश्त पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। आलम यह है कि बेख़ौफ़ चोर अब घनी आबादी के बीच स्थित सरकारी विद्यालय को भी निशाना बनाने से गुरेज नहीं कर रहें।
ताजा मामला पूर्व माध्यमिक विद्यालय ढकौली का है, जहां अज्ञात चोरों ने रात के अंधेरे में चोरी की बड़ी वारदात को अंजाम दिया।
मेन गेट का ताला सही, अंदर सभी कमरों के ताले टूटे
विद्यालय की प्रधानाचार्य शशि बाला राठौर ने नगर कोतवाली पुलिस को दी तहरीर में बताया कि 5 मई 2026 को बड़ा मंगल के कारण विद्यालय बंद था।
🔹 सुबह खुला चोरी का राज
6 मई की सुबह करीब 7:20 बजे जब शिक्षक विद्यालय पहुंचे, तो मुख्य गेट का ताला सही मिला, लेकिन अंदर जाकर देखा तो सभी कक्षों के ताले टूटे हुए थे।

चोरी हुआ कीमती सामान
चोर विद्यालय से कई जरूरी और कीमती सामान उठा ले गए, जिनमें शामिल हैं:
- दो एलसीडी टीवी
- म्यूजिक सिस्टम
- भरा हुआ गैस सिलेंडर
- सरस्वती देवी की कीमती मूर्ति
- तौलिया, मेजपोश
- राशन सामग्री (आटा, दाल, चावल, सब्जियां)
🔹 योजनाबद्ध तरीके से की गई चोरी
ग्राम प्रधान प्रतिनिधि प्रांशु मिश्रा का कहना है कि ताले तोड़कर अंदर से सामान ले जाना इस बात की ओर इशारा करता है कि चोरी पूरी योजना के तहत की गई।

पुलिस से कार्रवाई की मांग
प्रधानाचार्य ने अज्ञात चोरों के खिलाफ तहरीर देकर नगर कोतवाली पुलिस से जल्द कार्रवाई की मांग की है।
पुलिस मामले की जांच में जुट गई है और आसपास के क्षेत्रों में छानबीन की जा रही है।
बढ़ती चोरी की घटनाओं से लोग चिंतित
नगर कोतवाली क्षेत्र में लगातार हो रही चोरी की घटनाओं से स्थानीय लोगों में डर और नाराजगी बढ़ रही है।
🔹 सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
घनी आबादी में स्थित स्कूल में चोरी की घटना ने पुलिस गश्त और सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।
निष्कर्ष
बाराबंकी में सरकारी स्कूल को निशाना बनाकर की गई यह चोरी न सिर्फ सुरक्षा व्यवस्था की पोल खोलती है, बल्कि यह भी दर्शाती है कि चोरों के हौसले कितने बुलंद हैं। अब देखना होगा कि पुलिस इस मामले का खुलासा कब तक कर पाती है।
रिपोर्ट – मंसूफ अहमद
















