बाराबंकी में उद्योगपति हेम करन माथुर ने किसान यूनियन से जुड़े कई लोगों पर ₹5 लाख महीना गुंडा टैक्स मांगने और धमकी देने का आरोप लगाया है।
जहांगीराबाद थाने में यूनियन के जिलाध्यक्ष समेत 9 नामजद आरोपियों के खिलाफ FIR दर्ज, पुलिस जांच जारी।

बाराबंकी, उत्तर प्रदेश | 29 अप्रैल 2026
बाराबंकी जनपद में एक उद्योगपति द्वारा अवैध वसूली और धमकी के गंभीर आरोप लगाए जाने के बाद प्रशासनिक महकमे में हलचल मच गई है।
लखनऊ के गोमती नगर विस्तार निवासी उद्योगपति हेम करन माथुर ने पुलिस अधीक्षक को दिए शिकायती पत्र में आरोप लगाया है कि उनकी कंपनी को निशाना बनाकर सुनियोजित तरीके से दबाव बनाया जा रहा है।
उन्होंने बताया कि उनकी कंपनियां—फिश गोल्ड इंडस्ट्रीज प्राइवेट लिमिटेड और एमएलएल एग्रो इंडस्ट्रीज प्राइवेट लिमिटेड—बायो एवं ऑर्गेनिक फर्टिलाइज़र और एनिमल फीड के निर्माण में कार्यरत हैं और सभी वैधानिक मानकों का पालन करती हैं।
‘हर महीने 5 लाख दो, नहीं तो काम बंद’—गंभीर आरोप
शिकायत में आरोप लगाया गया है कि किसान यूनियन से जुड़े कुछ लोगों द्वारा कथित तौर पर हर महीने ₹5 लाख की अवैध वसूली (गुंडा टैक्स) की मांग की जा रही है।
उद्योगपति का कहना है कि आरोपित लोग कंपनी के वाहनों को रोककर ड्राइवरों से अभद्रता करते हैं और संदेश देते हैं कि यदि उनकी मांग पूरी नहीं की गई तो फैक्ट्री का संचालन नहीं होने दिया जाएगा।

गांव में माहौल बिगाड़ने और हमला कराने का भी आरोप
पीड़ित ने यह भी आरोप लगाया है कि कथित तौर पर कुछ लोग गांव में किसानों को भड़काकर कंपनी के खिलाफ माहौल बनाने की कोशिश कर रहे हैं।
शिकायत के अनुसार, कर्मचारियों के साथ मारपीट और फैक्ट्री में तोड़फोड़ की आशंका भी जताई गई है, जिससे कंपनी का संचालन प्रभावित हो सकता है।
‘किसान यूनियन’ के नाम पर फर्जी संगठन का आरोप
शिकायत में कहा गया है कि मुख्य आरोपी ने कथित तौर पर किसान यूनियन के नाम पर एक संगठन बनाकर उसकी आड़ में गुंडागर्दी और वसूली का नेटवर्क तैयार किया है।
आरोप है कि यह समूह किसानों की सुरक्षा के नाम पर व्यापारियों को निशाना बनाकर दबाव बनाता है और अवैध वसूली करता है।

अधिकारियों पर भी दबाव बनाने का आरोप
उद्योगपति ने यह भी आरोप लगाया कि आरोपी लोग सरकारी विभागों में झूठी शिकायतें देकर अधिकारियों पर दबाव बनाते हैं।
यदि कंपनी के खिलाफ कार्रवाई नहीं होती तो आंदोलन और उच्च अधिकारियों से शिकायत करने की धमकी दी जाती है, जिससे प्रशासनिक तंत्र पर भी अनावश्यक दबाव बनाया जा रहा है।
कंपनी ने सभी मानकों का पालन करने का किया दावा
पीड़ित का कहना है कि उनकी कंपनी सभी सरकारी मानकों और लाइसेंस के तहत काम कर रही है। समय-समय पर उत्पादों की जांच भी होती है और सभी सैंपल मानकों पर खरे उतरते हैं।
इसके बावजूद उन्हें लगातार निशाना बनाया जा रहा है।

‘Invest UP’ और कारोबारी माहौल पर उठे सवाल
उद्योगपति ने अपनी शिकायत में कहा कि प्रदेश सरकार द्वारा व्यापार और निवेश को बढ़ावा देने के लिए बेहतर माहौल देने का दावा किया जाता है, लेकिन इस तरह की घटनाएं उस छवि को नुकसान पहुंचा रही हैं।
उन्होंने कहा कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो वे एक महीने के भीतर अपने सभी लाइसेंस सरेंडर करने को मजबूर होंगे।
FIR और सुरक्षा की मांग
पीड़ित ने पुलिस अधीक्षक से मांग की है कि—
- आरोपियों के खिलाफ तत्काल FIR दर्ज की जाए
- कंपनी और कर्मचारियों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए
- अवैध वसूली और धमकी देने वालों पर कड़ी कार्रवाई की जाए

एसपी के निर्देश पर FIR दर्ज, जांच जारी
मामले को गंभीरता से लेते हुए पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर जहांगीराबाद थाने में नामजद आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 3(5), 308(5), 56, 351(2), 352, 217 और 126(2) के तहत प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है।
पुलिस का कहना है कि मामले की जांच जारी है और साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
इन लोगों के खिलाफ दर्ज हुई FIR
पुलिस को दी गई तहरीर के आधार पर जिन लोगों के खिलाफ नामजद एफआईआर दर्ज की गई है, उनमें—
- विनोद कुमार वर्मा (जिला अध्यक्ष, कथित किसान यूनियन)
- आजाद वर्मा (वरिष्ठ मंडल उपाध्यक्ष)
- कमल कुमार वर्मा (ब्लॉक अध्यक्ष, फतेहपुर)
- शिवराज रावत (ब्लॉक प्रभारी, सिरौली गौसपुर)
- बसंत लाल वर्मा (ब्लॉक अध्यक्ष, सिरौली गौसपुर)
- उस्मान अली (जिला उपाध्यक्ष)
- शुभम वर्मा (सदरपुर)
- विपिन वर्मा (रजईपुर)
- सोनू पुत्र कन्हैयालाल (जहांगीराबाद)
शामिल हैं।
पुलिस के अनुसार, इन सभी को मामले में नामजद आरोपी बनाया गया है और उनके खिलाफ जांच की जा रही है।
रिपोर्ट – मंसूफ अहमद













