बाराबंकी में ग्राम प्रधान संगठन ने पंचायतों का कार्यकाल बढ़ाने की मांग करते हुए मुख्यमंत्री को ज्ञापन सौंपा।
चुनाव में देरी, आरक्षण प्रक्रिया और ट्रिपल टेस्ट का हवाला देते हुए संवैधानिक समाधान की अपील।

बाराबंकी, उत्तर प्रदेश | 28 अप्रैल 2026
जनपद बाराबंकी में पंचायत चुनाव को लेकर अनिश्चितता के बीच राष्ट्रीय पंचायती राज ग्राम प्रधान संगठन ने बड़ा कदम उठाते हुए मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन सौंपा है। यह ज्ञापन प्रभारी खंड विकास अधिकारी रामनगर जयराम बाल्मीकि के माध्यम से भेजा गया, जिसमें त्रिस्तरीय पंचायतों का कार्यकाल बढ़ाने की मांग प्रमुख रूप से उठाई गई है।
“लोकतांत्रिक निरंतरता बनाए रखने के लिए कार्यकाल बढ़ाना जरूरी”
जिलाध्यक्ष रामकुमार मिश्रा ‘बब्बू’ के नेतृत्व में सौंपे गए ज्ञापन में कहा गया है कि प्रदेश में पंचायतों का कार्यकाल 26 मई 2026 और 19 जुलाई 2026 को समाप्त हो रहा है।
लेकिन वर्तमान परिस्थितियों को देखते हुए समय पर चुनाव कराना मुश्किल नजर आ रहा है।
संगठन ने स्पष्ट कहा कि—
👉 मतदाता सूची के पुनरीक्षण में देरी
👉 समर्पित पिछड़ा वर्ग आयोग का गठन न होना
👉 सुप्रीम कोर्ट के “ट्रिपल टेस्ट” के अनुसार आरक्षण प्रक्रिया पूरी न होना
इन सभी कारणों से चुनाव प्रक्रिया प्रभावित हो रही है।

अन्य राज्यों का हवाला देकर रखी मांग
ग्राम प्रधान संगठन ने अपने ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया कि—
- मध्य प्रदेश
- राजस्थान
- उत्तराखंड
जैसे राज्यों में ऐसी परिस्थितियों में निर्वाचित जनप्रतिनिधियों को ही प्रशासनिक जिम्मेदारी दी गई थी, जिससे लोकतांत्रिक व्यवस्था प्रभावित नहीं हुई।
संगठन का तर्क है कि उत्तर प्रदेश में भी यही मॉडल अपनाया जाना चाहिए।

“प्रशासक नियुक्त करना संविधान की भावना के खिलाफ”
ज्ञापन में यह भी कहा गया कि पंचायतों में प्रशासकों की नियुक्ति करना संविधान के भाग-9 की मूल भावना के विपरीत होगा।
संगठन के अनुसार—
👉 निर्वाचित प्रतिनिधियों को हटाकर प्रशासक बैठाना लोकतंत्र को कमजोर करेगा
👉 वर्तमान ग्राम प्रधानों का कार्यकाल बढ़ाना ही संवैधानिक और व्यावहारिक समाधान है

राजनीतिक और जनविश्वास का भी मुद्दा
संगठन ने यह भी दावा किया कि—
- कार्यकाल बढ़ाने से ग्रामीण जनता में सरकार के प्रति विश्वास मजबूत होगा
- आगामी विधानसभा चुनाव में भी इसका सकारात्मक असर देखने को मिल सकता है
बड़ी संख्या में ग्राम प्रधान रहे मौजूद
इस दौरान सभाजीत सिंह, लवलेश कुमार वर्मा (लालूपुर), राकेश कुमार (बिरौली), संतशरण वर्मा (शाहपुर चक बहेरवा), सत्येंद्र वर्मा (प्यारेपुर), दीपू अवस्थी, मो. हारून (मोहारी), विवेक सिंह, शिवम मिश्रा, वीपी सिंह, राजेश अवस्थी, राकेश वर्मा, चंद्रमौली मिश्रा, शैलेंद्र प्रताप सिंह, भगौती यादव, राजमल वर्मा, सुशील यादव, मन्नान सहित कई ग्राम प्रधान मौजूद रहे।

सरकार के निर्णय पर निगाहें
बाराबंकी में पंचायत कार्यकाल को लेकर उठी यह मांग अब एक बड़ा प्रशासनिक और राजनीतिक मुद्दा बनती जा रही है। चुनाव में संभावित देरी के बीच सरकार क्या निर्णय लेती है, इस पर पूरे प्रदेश की नजर टिकी हुई है।
रिपोर्ट – निरंकार त्रिवेदी












