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बाराबंकी के राजकीय संप्रेक्षण गृह पहुंचीं राज्यपाल आनंदीबेन पटेल: कंप्यूटर लैब और एचपीवी टीकाकरण अभियान का किया शुभारंभ

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बाराबंकी के राजकीय संप्रेक्षण गृह (किशोरी) में राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने कंप्यूटर लैब का उद्घाटन किया और सर्वाइकल कैंसर जागरूकता एवं एचपीवी टीकाकरण अभियान का शुभारंभ किया।

इस दौरान उन्होंने किशोरियों को शिक्षा, कौशल विकास, स्वास्थ्य और आत्मनिर्भरता का संदेश दिया।

बाराबंकी, उत्तर प्रदेश | 02 जून 2026

उत्तर प्रदेश की राज्यपाल श्रीमती आनंदीबेन पटेल ने सोमवार को बाराबंकी स्थित राजकीय संप्रेक्षण गृह (किशोरी) का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने डॉ. राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान, लखनऊ द्वारा स्थापित आधुनिक कंप्यूटर लैब का उद्घाटन किया तथा सर्वाइकल कैंसर जागरूकता एवं एचपीवी टीकाकरण अभियान का शुभारंभ किया।

राज्यपाल ने संप्रेक्षण गृह में निवासरत किशोरियों से आत्मीय संवाद कर उनकी शिक्षा, स्वास्थ्य, भविष्य की योजनाओं और दैनिक गतिविधियों के बारे में जानकारी प्राप्त की। उन्होंने बालिकाओं को प्रोत्साहित करते हुए आत्मनिर्भर और आत्मविश्वासी बनने का संदेश दिया।

40 बालिकाओं को लगाई गई एचपीवी वैक्सीन

सर्वाइकल कैंसर जागरूकता एवं एचपीवी टीकाकरण अभियान के तहत राजकीय संप्रेक्षण गृह (किशोरी) और कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय की कुल 40 बालिकाओं को एचपीवी वैक्सीन लगाई गई।

राज्यपाल ने कहा कि सर्वाइकल कैंसर जैसी गंभीर बीमारी की रोकथाम के लिए जागरूकता और समय पर टीकाकरण अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने स्वास्थ्य के प्रति सजग रहने और नियमित स्वास्थ्य परीक्षण कराने की भी सलाह दी।

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शिक्षा के साथ कौशल विकास पर दिया विशेष जोर

राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने बालिकाओं को शैक्षणिक किट वितरित करते हुए कहा कि शिक्षा केवल परीक्षा पास करने का माध्यम नहीं, बल्कि व्यक्तित्व निर्माण, आत्मविश्वास और आत्मनिर्भरता की मजबूत नींव है।

उन्होंने बालिकाओं को कंप्यूटर शिक्षा, सिलाई, कढ़ाई, बुनाई, मेहंदी कला, ब्यूटीशियन प्रशिक्षण, पाककला और अन्य रोजगारपरक कौशल सीखने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में शिक्षा और कौशल विकास का समन्वय ही युवाओं को रोजगार एवं सम्मानजनक जीवन की ओर अग्रसर कर सकता है।

“प्रतिकूल परिस्थितियां भविष्य तय नहीं करतीं”

राज्यपाल ने कहा कि जीवन में आने वाली कठिन परिस्थितियां किसी व्यक्ति का भविष्य निर्धारित नहीं करतीं। दृढ़ इच्छाशक्ति, सकारात्मक सोच, निरंतर परिश्रम और कौशल विकास के माध्यम से हर चुनौती को अवसर में बदला जा सकता है।

उन्होंने किशोरियों से आत्मविश्वास बनाए रखने और अपने भीतर छिपी प्रतिभाओं को पहचानकर आगे बढ़ने का आह्वान किया।

हस्तशिल्प उत्पादों की सराहना, प्रदर्शनी में स्थान दिलाने का आश्वासन

राज्यपाल ने किशोरियों द्वारा तैयार किए गए हस्तशिल्प और अन्य उत्पादों का अवलोकन किया तथा उनकी रचनात्मकता की प्रशंसा की।

उन्होंने कहा कि इन उत्पादों को केवल शौक तक सीमित नहीं रखना चाहिए, बल्कि स्वरोजगार और उद्यमिता से जोड़ना चाहिए। उन्होंने बताया कि प्रसिद्ध समाजसेवी एवं उद्यमी श्रीमती अनार पटेल द्वारा आयोजित होने वाली आगामी प्रदर्शनी में इन उत्पादों को प्रदर्शित करने का प्रयास किया जाएगा, ताकि बालिकाओं की प्रतिभा को व्यापक पहचान मिल सके।

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पौष्टिक आहार, योग और पुस्तकालय उपयोग पर दिया बल

राज्यपाल ने संतुलित आहार, नियमित दूध सेवन, योगाभ्यास और स्वस्थ जीवनशैली के महत्व पर विशेष बल दिया। उन्होंने कहा कि अच्छा स्वास्थ्य ही शिक्षा और सफलता की आधारशिला है।

उन्होंने बालिकाओं को नियमित रूप से पुस्तकालय का उपयोग करने, पुस्तकें पढ़ने और पढ़ी गई पुस्तकों पर अपने विचार लिखने के लिए प्रेरित किया। उनके अनुसार यह अभ्यास लेखन क्षमता, अभिव्यक्ति कौशल और आत्मचिंतन को विकसित करने में सहायक होगा।

बालिका गृह को बनाया जाए व्यक्तित्व निर्माण का केंद्र

राज्यपाल ने कहा कि बालिका गृह केवल आश्रय स्थल नहीं बल्कि शिक्षा, संस्कार, व्यक्तित्व विकास और आत्मनिर्भरता का केंद्र होना चाहिए।

उन्होंने निर्देश दिए कि:

  • बालिकाओं की पढ़ाई व्यवस्थित टाइम टेबल के अनुसार कराई जाए।
  • कंप्यूटर शिक्षा को नियमित दिनचर्या का हिस्सा बनाया जाए।
  • ट्रिपल सी (CCC) परीक्षा की तैयारी कराई जाए।
  • जूडो-कराटे, सांस्कृतिक गतिविधियों और व्यक्तित्व विकास कार्यक्रमों में सहभागिता सुनिश्चित की जाए।
  • पाककला, रसोई प्रबंधन और जीवनोपयोगी कौशलों का प्रशिक्षण दिया जाए।
  • स्वच्छता और स्वास्थ्य जागरूकता कार्यक्रम नियमित रूप से संचालित किए जाएं।
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विश्वविद्यालयों को भी दिए सहयोग के निर्देश

राज्यपाल ने विश्वविद्यालयों को निर्देश दिया कि वे ऑनलाइन कक्षाओं, व्यक्तित्व विकास कार्यक्रमों, योग, स्वच्छता, जीवन कौशल और नैतिक शिक्षा से जुड़े नियमित व्याख्यान आयोजित करें।

उन्होंने कहा कि प्रदेश के सभी विश्वविद्यालयों को ऐसे संस्थानों से जोड़कर बेटियों की शिक्षा और कौशल विकास में सक्रिय सहयोग प्रदान करने के निर्देश दिए गए हैं।

इन अधिकारियों की रही मौजूदगी

कार्यक्रम में खाद्य एवं रसद राज्यमंत्री सतीश चंद्र शर्मा, जिलाधिकारी ईशान प्रताप सिंह, पुलिस अधीक्षक अर्पित विजयवर्गीय, मुख्य विकास अधिकारी अन्ना सुदन, डॉ. राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान के निदेशक प्रो. (डॉ.) सी.एम. सिंह, जॉइंट मजिस्ट्रेट एवं एसडीएम नवाबगंज सुश्री गुंजिता अग्रवाल सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

रिपोर्ट – मंसूफ अहमद 

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Author: Kamran Alvi

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