बाराबंकी के फतेहपुर में निकाह के बाद दूल्हे की एक टिप्पणी ने ऐसा विवाद खड़ा कर दिया कि दुल्हन ने ससुराल जाने से इनकार कर दिया।
घंटों चली पंचायत के बाद रिश्ता समाप्त हो गया और बारात बिना दुल्हन लौट गई।
अगले दिन युवती का निकाह दूसरी जगह कर दिया गया।

बाराबंकी, उत्तर प्रदेश | 07 जून 2026
उत्तर प्रदेश के बाराबंकी जिले के फतेहपुर कस्बे में एक निकाह उस समय चर्चा का विषय बन गया जब शहनाइयों और खुशियों के माहौल में पहुंची बारात कुछ ही घंटों बाद बिना दुल्हन के वापस लौट गई। निकाह की सभी रस्में पूरी हो चुकी थीं, बारातियों का स्वागत-सत्कार भी हो चुका था, लेकिन भोजन के दौरान हुई कहासुनी ने पूरे रिश्ते की नींव हिला दी।
मामला इतना बढ़ गया कि दुल्हन ने ससुराल जाने से साफ इनकार कर दिया। घंटों चली पंचायत, रिश्तेदारों की मान-मनौव्वल और स्थानीय गणमान्य लोगों के प्रयास भी काम नहीं आए। आखिरकार दोनों पक्षों की सहमति से रिश्ता समाप्त कर दिया गया और जिस बारात का स्वागत बड़े सम्मान के साथ हुआ था, वह देर रात बिना दुल्हन के वापस लौट गई।
धूमधाम से पहुंची थी बारात, निकाह की रस्में भी हुईं पूरी
जानकारी के अनुसार फतेहपुर थाना क्षेत्र के नालापार दक्षिणी निवासी मो. निजाम की 22 वर्षीय पुत्री सायबा का निकाह 5 जून 2026 को जहांगीराबाद थाना क्षेत्र के ग्राम सद्दीपुर पट्टी निवासी जावेद के साथ तय था।
निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार बारात धूमधाम से दुल्हन के दरवाजे पर पहुंची। बारातियों का पारंपरिक तरीके से स्वागत किया गया। निकाह की सभी धार्मिक रस्में शांतिपूर्ण ढंग से पूरी हुईं और इसके बाद बारातियों के लिए भोजन की व्यवस्था की गई।
लेकिन किसी ने नहीं सोचा था कि कुछ ही देर बाद यह खुशी का माहौल तनाव और विवाद में बदल जाएगा।
खाने की मेज पर हुई कहासुनी, दूल्हे की टिप्पणी ने बढ़ाया विवाद
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक भोजन के दौरान बारातियों की खातिरदारी को लेकर दोनों पक्षों के बीच कहासुनी शुरू हो गई। शुरुआत में मामला मामूली था, लेकिन आरोप है कि इसी दौरान दूल्हे की ओर से एक ऐसी अभद्र टिप्पणी कर दी गई जिसने विवाद को और भड़का दिया।
बताया जाता है कि दूल्हे ने कहा—
“जब दुल्हन के घरवाले हमारे यहां चौथी पर आएंगे तो गां## फा## दिया जाएगा।”
दूल्हे की इस टिप्पणी को लड़की पक्ष ने अपमानजनक माना। इसके बाद दोनों पक्षों के बीच तीखी बहस शुरू हो गई जो देखते ही देखते गाली-गलौज और लड़ाई-झगड़े तक पहुंच गई।

दुल्हन ने लिया बड़ा फैसला, ससुराल जाने से किया इनकार
जब विवाद की जानकारी दुल्हन सायबा तक पहुंची तो उसने नाराजगी जताते हुए ससुराल जाने से साफ इनकार कर दिया।
परिजनों और रिश्तेदारों ने उसे समझाने का प्रयास किया, लेकिन वह अपने फैसले पर अडिग रही। दुल्हन का कहना था कि जिस रिश्ते की शुरुआत ही विवाद और अपमान से हो रही हो, वहां जाना उचित नहीं होगा।
दुल्हन के इस फैसले के बाद मामला और पेचीदा हो गया।
घंटों चली पंचायत, चेयरमैन भी पहुंचे समझौता कराने
स्थिति बिगड़ती देख नगर पंचायत फतेहपुर के चेयरमैन इरशाद अहमद कमर समेत कई सम्मानित लोग और रिश्तेदार बीच-बचाव के लिए आगे आए।
घंटों तक पंचायत चली। दोनों पक्षों को समझाने और रिश्ता बचाने की भरपूर कोशिश की गई, लेकिन कोई समाधान नहीं निकल सका।
आखिरकार देर रात दोनों पक्ष इस निष्कर्ष पर पहुंचे कि जबरन रिश्ता आगे बढ़ाने के बजाय आपसी सहमति से उसे समाप्त कर दिया जाए।
इसके बाद लिखित समझौता तैयार किया गया और दोनों पक्षों ने एक-दूसरे का सामान वापस कर दिया।

बिना दुल्हन लौटी बारात, अगले दिन हो गई दूसरी शादी
समझौते के बाद दूल्हा पक्ष रात में ही बिना दुल्हन के वापस लौट गया। जिस बारात का स्वागत खुशी और उत्साह के साथ हुआ था, वही बारात मायूस होकर लौट गई।
बताया जाता है कि अगले ही दिन लड़की पक्ष ने सायबा का निकाह किसी अन्य युवक से कर दिया। वहीं दूल्हा जावेद की शादी नहीं हो सकी।
इस पूरे घटनाक्रम की चर्चा अब पूरे क्षेत्र में हो रही है।
बुलेट मोटरसाइकिल मांगने की अफवाह ने मामले को दिया नया मोड़
घटना के बाद सोशल मीडिया पर मामला तब और गर्मा गया जब कुछ लोगों ने यह अफवाह फैलानी शुरू कर दी कि दूल्हे ने निकाह के बाद बुलेट मोटरसाइकिल की मांग की थी और मांग पूरी न होने पर विवाद हुआ।
कुछ सोशल मीडिया पेजों और स्वयंभू पत्रकारों ने बिना पुष्टि किए इस दावे को खबर के रूप में प्रसारित करना शुरू कर दिया।
हालांकि बाद में मामले में मध्यस्थता करने वाले लोगों ने सामने आकर इन दावों का खंडन किया।
चेयरमैन बोले- दहेज में बुलेट मांगने की बात पूरी तरह निराधार
नगर पंचायत फतेहपुर के चेयरमैन इरशाद अहमद कमर ने स्पष्ट कहा कि—
“बुलेट मोटरसाइकिल मांगने का आरोप झूठा है। बुलेट तो दूर उस लड़के ने दहेज की भी मांग नहीं की थी। मौके पर सैकड़ों लोग मौजूद थे। उन्होंने कहा कि यह आरोप पूरी तरह निराधार है। किसी पर झूठा आरोप लगाना गलत बात है”
उन्होंने कहा कि विवाद की वजह केवल बारात की खातिरदारी को लेकर हुई कहासुनी थी।

पंचायत में मौजूद लोगों ने भी दहेज मांग की बात से किया इनकार
पंचायत में मौजूद स्थानीय निवासी पप्पू ने बताया कि वे स्वयं पूरे घटनाक्रम के दौरान मौजूद थे।
उनके अनुसार दोनों पक्षों के बीच विवाद भोजन और स्वागत-सत्कार को लेकर हुआ था। दूल्हे की ओर से किसी प्रकार की अतिरिक्त दहेज मांग नहीं की गई थी।

ग्राम प्रधान ने भी कही यही बात
दूल्हे के गांव सद्दीपुर के ग्राम प्रधान शमशेर कुमार ने भी विवाद की वजह खाने-पीने को लेकर हुई कहासुनी को बताया।
उन्होंने कहा कि दोनों पक्षों के बीच समझौता हो चुका है। लड़की की दूसरी जगह शादी भी हो गई है, जबकि लड़के की अभी शादी नहीं हुई है।
पुलिस बोली- अभी तक नहीं मिली कोई तहरीर
कस्बा चौकी प्रभारी अजय कुमार पांडेय ने बताया कि घटना की जानकारी पुलिस को मिली थी, लेकिन अभी तक किसी भी पक्ष की ओर से कोई लिखित शिकायत नहीं दी गई है।
उन्होंने कहा कि यदि कोई तहरीर प्राप्त होती है तो मामले की जांच कर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
पूरे इलाके में चर्चा का विषय बना मामला
फतेहपुर क्षेत्र में यह मामला अब लोगों के बीच चर्चा का प्रमुख विषय बना हुआ है। लोग इस बात पर हैरानी जता रहे हैं कि निकाह संपन्न होने के बाद केवल कुछ घंटों में रिश्ता टूट गया और जिस बारात का स्वागत शहनाइयों के साथ हुआ था, वह बिना दुल्हन के वापस लौट गई।
रिपोर्ट – अनूप सिंह










