Barabanki News: रामनगर विकास खंड की ग्राम पंचायतों की कार्ययोजना दो महीने से लंबित होने पर ग्राम पंचायत प्रशासकों ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को ज्ञापन भेजा।
विकास कार्य प्रभावित होने और बाढ़ तैयारियों में देरी पर चिंता जताई गई।

बाराबंकी, उत्तर प्रदेश | 23 जुलाई 2026
उत्तर प्रदेश के बाराबंकी जिले के रामनगर विकास खंड में ग्राम पंचायतों के विकास कार्यों को लेकर बड़ा मामला सामने आया है। ग्राम पंचायतों की कार्ययोजना भेजे जाने के बावजूद करीब दो महीने बीत जाने के बाद भी अनुमोदन न मिलने से विकास कार्य पूरी तरह प्रभावित हो गए हैं। इससे नाराज दर्जनों ग्राम पंचायत प्रशासकों ने खंड विकास अधिकारी (बीडीओ) रामनगर के माध्यम से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को ज्ञापन भेजकर तत्काल कार्ययोजना को मंजूरी दिलाने की मांग की है।
ग्राम पंचायत प्रशासकों का कहना है कि कार्ययोजनाओं के लंबित रहने से गांवों में सड़क, नाली, पेयजल, खड़ंजा, इंटरलॉकिंग और बाढ़ सुरक्षा जैसे महत्वपूर्ण विकास कार्य शुरू नहीं हो पा रहे हैं, जिससे ग्रामीणों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
दो महीने से लंबित है ग्राम पंचायतों की कार्ययोजना
ग्राम प्रधान संगठन के ब्लॉक अध्यक्ष सभाजीत सिंह के नेतृत्व में बड़ी संख्या में ग्राम पंचायत प्रशासकों ने मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन सौंपा।
ज्ञापन में बताया गया कि रामनगर विकास खंड की सभी ग्राम पंचायतों में प्रशासकों की नियुक्ति के बाद गांवों के विकास के लिए विस्तृत कार्ययोजना तैयार कर सहायक विकास अधिकारी (पंचायत) के माध्यम से जिला पंचायत राज अधिकारी, बाराबंकी को भेजी गई थी।
इस कार्ययोजना में ग्राम पंचायतों के—
- कायाकल्प कार्य,
- इंटरलॉकिंग सड़क,
- खड़ंजा निर्माण,
- नाली निर्माण,
- पेयजल व्यवस्था,
- बाढ़ प्रभावित गांवों में बचाव कार्य,
- आवश्यक निर्माण सामग्री
सहित विभिन्न विकास योजनाओं को शामिल किया गया था।
लेकिन लगभग दो महीने बीत जाने के बावजूद 23 जुलाई 2026 तक किसी भी ग्राम पंचायत को कार्ययोजना का अनुमोदन प्राप्त नहीं हुआ, जिससे विकास कार्य पूरी तरह ठप पड़े हैं।
विकास कार्य प्रभावित, बाढ़ से पहले तैयारियां अधूरी
ज्ञापन में कहा गया कि वर्तमान समय में बरसात और बाढ़ का मौसम चल रहा है। यदि कार्ययोजनाओं को जल्द मंजूरी नहीं मिली तो बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में आवश्यक सुरक्षा कार्य समय पर नहीं हो सकेंगे।
प्रशासकों ने मुख्यमंत्री से मांग की कि रामनगर विकास खंड की सभी ग्राम पंचायतों की कार्ययोजनाओं का तत्काल अनुमोदन कराया जाए, ताकि विकास कार्यों में तेजी लाई जा सके और बाढ़ जैसी संभावित आपदा से निपटने की तैयारियां समय रहते पूरी हो सकें।
बीडीओ बोले— विद्यालयों के कायाकल्प को मिली मंजूरी
इस संबंध में खंड विकास अधिकारी (बीडीओ) रामनगर देवेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि—
“जिलाधिकारी महोदय द्वारा विद्यालयों के कायाकल्प कार्यों का अनुमोदन कर दिया गया है। सभी ग्राम पंचायत सचिवों को प्राथमिकता के आधार पर विद्यालयों में पेयजल, शौचालय, टाइल्स सहित अन्य आवश्यक कार्य कराने के निर्देश दिए गए हैं।”
उन्होंने आगे बताया कि ग्राम पंचायतों में जलभराव एवं अन्य आवश्यक विकास कार्यों की सूची तैयार कर उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि उनका भी शीघ्र अनुमोदन कराया जा सके।
बड़ी संख्या में ग्राम पंचायत प्रशासक रहे मौजूद
मुख्यमंत्री को ज्ञापन सौंपने के दौरान प्रमुख रूप से—
- सभाजीत सिंह
- विनय वर्मा
- राजेश अवस्थी
- सुधाकर वर्मा
- उषा सिंह
- संगीता देवी
- इशरत जहां
- विमलेश
- मीना देवी
- शैलेंद्र प्रताप सिंह
- जगदीश
- लज्जावती
- राजेश शुक्ला
- अशोक कुमार
- राम सिंह
सहित बड़ी संख्या में ग्राम पंचायत प्रशासक उपस्थित रहे।
विकास योजनाओं में देरी से ग्रामीणों की बढ़ी चिंता
ग्राम पंचायत प्रशासकों का कहना है कि यदि समय रहते कार्ययोजनाओं का अनुमोदन नहीं हुआ तो गांवों में मूलभूत सुविधाओं से जुड़े कई महत्वपूर्ण कार्य अधूरे रह जाएंगे।
विशेषकर बरसात के मौसम में जलनिकासी, पेयजल, सड़क और बाढ़ सुरक्षा संबंधी योजनाओं के लंबित रहने से ग्रामीण क्षेत्रों में गंभीर समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं।
रिपोर्ट – निरंकार त्रिवेदी











