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Barabanki: मरीज रेफर करने पर जिला अस्पताल में हंगामा, CUG फोन तोड़ा; डॉक्टरों व स्टाफ से भी अभद्रता

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Barabanki: जिला अस्पताल के ट्रामा सेंटर में घायल युवक को लखनऊ रेफर करने से नाराज परिजनों ने इमरजेंसी में तोड़फोड़ की।

सरकारी CUG फोन तोड़ने और डॉक्टरों से अभद्रता का आरोप।

CMS डॉ. जे.पी. मौर्य ने कार्रवाई की बात कही। पढ़ें पूरी खबर।

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बाराबंकी, उत्तर प्रदेश | 05 मार्च 2026

उत्तर प्रदेश के बाराबंकी जनपद स्थित जिला पुरुष चिकित्सालय के ट्रामा सेंटर की इमरजेंसी में एक बार फिर हंगामे का मामला सामने आया है। घायल युवक को बेहतर इलाज के लिए लखनऊ रेफर किए जाने से नाराज़ परिजनों ने इमरजेंसी में लगे सरकारी सीयूजी फोन को तोड़ दिया और डॉक्टरों व स्टाफ से अभद्रता की।

गंभीर हालत में लाया गया था युवक

जानकारी के अनुसार, 4 मार्च 2026 की रात करीब 8:02 बजे लगभग 24 वर्षीय सत्येंद्र (निवासी ग्राम कुमारवा, थाना रामनगर) को घायल अवस्था में ट्रामा सेंटर लाया गया।

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डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार के बाद उसकी गंभीर स्थिति को देखते हुए उसे लखनऊ रेफर कर दिया। मरीज के सिर में गंभीर चोट थी और नाक से अत्यधिक रक्तस्राव हो रहा था, जिसे नियंत्रित करना कठिन हो रहा था।

उसे बेहतर इलाज के लिए डॉ. राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान (RMLIMS) के ट्रामा सेंटर भेजने का निर्णय लिया गया।

रेफर की सूचना पर भड़के परिजन

अस्पताल सूत्रों के अनुसार, रेफर की जानकारी मिलते ही मरीज के साथ आए कुछ लोग आक्रोशित हो गए। आरोप है कि आदर्श यादव व अन्य ने इमरजेंसी में लगा सरकारी CUG फोन पटककर तोड़ दिया और डॉक्टरों से अभद्रता करते हुए मारपीट पर आमादा हो गए।

मौजूद फार्मासिस्ट और स्टाफ ने किसी तरह स्थिति को नियंत्रित किया।

सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल

घटना के बाद डॉक्टरों और स्वास्थ्यकर्मियों ने अस्पताल की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि पहले भी इस तरह की घटनाएं हो चुकी हैं, लेकिन पर्याप्त सुरक्षा इंतजाम नहीं किए गए हैं।

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जिला अस्पताल के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. जे.पी. मौर्य ने बताया कि मरीज को गंभीर हालत में रेफर किया गया था। उसी बात से नाराज होकर कुछ लोगों ने तोड़फोड़ की। मामले में आवश्यक कार्रवाई की जा रही है।

इमरजेंसी में तैनात चिकित्सक डॉ. तमजीद ने कहा कि मरीज की हालत गंभीर थी और उच्च चिकित्सा केंद्र भेजना जरूरी था।

डॉक्टरों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग

घटना के बाद स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों में नाराजगी है। उनका कहना है कि जो डॉक्टर और स्वास्थ्यकर्मी दिन-रात मरीजों की सेवा में लगे रहते हैं, उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करना प्रशासन की जिम्मेदारी है।

फिलहाल मामले में आगे की कार्रवाई की जा रही है और अस्पताल प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की मांग की है।

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रिपोर्ट – मंसूफ अहमद / उस्मान

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Author: Kamran Alvi

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