Barabanki: लोकसभागार में जिला स्वास्थ्य समिति (DHS) की समीक्षा बैठक आयोजित
डीएम शशांक त्रिपाठी ने जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक में आयुष्मान कार्ड, टीकाकरण, संस्थागत प्रसव और दवाओं की उपलब्धता को लेकर सख्त निर्देश दिए।
स्वास्थ्य सेवाओं एवं आयुष्मान कार्ड में लापरवाही बरतने पर कठोर कार्रवाई की चेतावनी दी।

बाराबंकी, उत्तर प्रदेश | 23 फरवरी 2026
जनपद में स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर जिला प्रशासन सख्त रुख में नजर आया। जिलाधिकारी शशांक त्रिपाठी की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट स्थित लोकसभागार में जिला स्वास्थ्य समिति (DHS) की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में स्वास्थ्य विभाग द्वारा संचालित योजनाओं की बिंदुवार समीक्षा करते हुए डीएम ने स्पष्ट कहा कि शासन की मंशानुसार आमजन को समयबद्ध, सुलभ और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना सर्वोच्च प्राथमिकता है।
उन्होंने दो टूक कहा कि किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और दोषी पाए जाने पर कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

आयुष्मान कार्ड बनाने में ढिलाई पर सख्ती
डीएम ने आयुष्मान कार्ड निर्माण की धीमी प्रगति पर कड़ी नाराज़गी जताई। उन्होंने निर्देश दिए कि शत-प्रतिशत पात्र लाभार्थियों के आयुष्मान कार्ड शीघ्र बनाए जाएं।
लापरवाही बरतने वाले कर्मचारियों और अधिकारियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई के निर्देश दिए गए। उन्होंने कहा कि आयुष्मान योजना गरीब और जरूरतमंद परिवारों के लिए जीवन रक्षक साबित हो रही है, ऐसे में इसमें किसी भी प्रकार की ढिलाई स्वीकार्य नहीं है।

बाहर की दवाएं लिखने पर होगी कार्रवाई
जिलाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिए कि कोई भी चिकित्सक मरीजों को बाहर की दवाएं न लिखे।
यदि इस संबंध में कोई शिकायत प्राप्त होती है तो संबंधित चिकित्सक के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। जिला अस्पताल और सभी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर संचालित जन औषधि केंद्रों को पूर्ण रूप से सक्रिय रखने के निर्देश दिए गए।
यदि किसी दवा का स्टॉक अस्पताल में उपलब्ध नहीं है तो मरीजों को जन औषधि केंद्र से दवा उपलब्ध कराई जाए।
टीकाकरण में लापरवाही पर कड़ी कार्रवाई
डीएम ने निर्देशित किया कि जनपद में कहीं भी “जीरो सेशन” की स्थिति न हो। यदि किसी स्थान पर टीकाकरण सत्र आयोजित नहीं होता है तो संबंधित एएनएम और अधीक्षक के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी।
लक्ष्य से कम प्रगति वाले ब्लॉकों के अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश भी दिए गए।

संस्थागत प्रसव को प्राथमिकता
बैठक में गर्भवती महिलाओं का शत-प्रतिशत पंजीकरण सुनिश्चित करने तथा प्रसव सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में ही कराने के निर्देश दिए गए।
उपकेंद्रों पर स्थापित डिलीवरी प्वाइंट्स को सक्रिय करने और आवश्यकता अनुसार नए डिलीवरी प्वाइंट स्थापित करने पर जोर दिया गया। घर पर प्रसव की घटनाओं को पूरी तरह रोकने के निर्देश दिए गए।
आयुष्मान आरोग्य मंदिरों में सीएचओ की अनिवार्य उपस्थिति
जनपद में संचालित आयुष्मान आरोग्य मंदिरों में सीएचओ की नियमित और समयबद्ध उपस्थिति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
प्रत्येक मरीज का समुचित उपचार और आवश्यक जांच अनिवार्य रूप से कराई जाए। प्रतिदिन न्यूनतम 10 टेली-कंसल्टेशन सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए। लापरवाही पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी गई।

स्वास्थ्य रैंकिंग सुधारने पर जोर
जिलाधिकारी ने कहा कि संस्थागत प्रसव, टीबी उपचार, टीकाकरण, मातृ एवं शिशु मृत्यु की शत-प्रतिशत रिपोर्टिंग और आयुष्मान कार्ड निर्माण में तेजी लाकर ही जनपद की स्वास्थ्य रैंकिंग में अपेक्षित सुधार संभव है।
उन्होंने कहा कि यह सभी संबंधित अधिकारियों की सामूहिक जिम्मेदारी है।
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी अन्ना सुदन, मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. अवधेश कुमार यादव, अपर मुख्य चिकित्साधिकारीगण, सीएचसी अधीक्षक, बीपीएम, बीसीपीएम, आयुष्मान अधिकारी सहित अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।
रिपोर्ट – मंसूफ अहमद













