बाराबंकी के निंदूरा ब्लॉक स्थित अन्नरत्नम माइक्रो इंटरप्राइजेज में स्वयं सहायता समूह की महिलाओं के शोषण, बकाया मजदूरी और भ्रष्टाचार के आरोपों की जांच के लिए लखनऊ से चार सदस्यीय टीम पहुंची।
महिलाओं के बयान दर्ज किए गए और खाद्यान निर्माण इकाई का निरीक्षण किया गया।

बाराबंकी, उत्तर प्रदेश | 22 मई 2026
उत्तर प्रदेश के बाराबंकी जिले के निंदूरा ब्लॉक अंतर्गत ग्राम ओदारिया में संचालित खाद्यान सामग्री निर्माण इकाई अन्नरत्नम माइक्रो इंटरप्राइजेज में स्वयं सहायता समूह (SHG) की महिलाओं के कथित शोषण, बकाया मजदूरी और भ्रष्टाचार के आरोपों की जांच अब तेज हो गई है। शुक्रवार को मिशन मुख्यालय लखनऊ एवं बाराबंकी मुख्यालय से पहुंची चार सदस्यीय टीम ने मामले की जांच करते हुए समूह की महिलाओं और संबंधित अधिकारियों के बयान दर्ज किए।
महिलाओं ने लगाए थे जबरन काम कराने और भुगतान रोकने के आरोप
स्वयं सहायता समूह से जुड़ी महिलाओं ने पूर्व में खंड विकास अधिकारी आलोक कुमार वर्मा को ज्ञापन सौंपकर गंभीर आरोप लगाए थे। महिलाओं का कहना था कि ओदारिया स्थित अन्नरत्नम माइक्रो इंटरप्राइजेज को आंगनबाड़ी से संबंधित खाद्यान सामग्री निर्माण का कार्य मिला था।
महिलाओं के मुताबिक शुरुआत में कंपनी प्रबंधन की ओर से प्रतिदिन 8 घंटे कार्य के बदले 8 हजार रुपये प्रतिमाह देने का आश्वासन दिया गया था। आरोप है कि बाद में उनसे 10 से 12 घंटे तक जबरन काम कराया जाने लगा और विरोध करने पर नौकरी से निकालने की धमकी दी जाती थी।
महिलाओं ने यह भी आरोप लगाया कि बाद में ब्लॉक देवा में भी कार्य मिलने का हवाला देकर उनसे प्रतिदिन 16 घंटे तक काम कराया गया और 16 हजार रुपये प्रतिमाह देने का भरोसा दिलाया गया। इसके बावजूद तीन माह तक अतिरिक्त कार्य कराने के बाद भी प्रत्येक महिला का लगभग 24 हजार रुपये भुगतान रोक लिया गया।

मजदूरी मांगने पर गाली-गलौज और धमकी का आरोप
पीड़ित महिलाओं का आरोप है कि जब उन्होंने बकाया मेहनताना मांगा तो कंपनी से जुड़े लोगों ने उनके साथ गाली-गलौज की, मारपीट की और जान से मारने तक की धमकी दी। महिलाओं ने खाद्यान सामग्री में मिलावट और भ्रष्टाचार के भी आरोप लगाए थे।
यह मामला सामने आने के बाद स्थानीय स्तर पर काफी चर्चा में रहा और मीडिया में खबर प्रकाशित होने के बाद प्रशासन हरकत में आया।
लखनऊ से पहुंची टीम ने किया निरीक्षण, महिलाओं के बयान दर्ज
मामले की गंभीरता को देखते हुए शुक्रवार को लखनऊ से विशेष सचिव जयनाथ तथा बाराबंकी मुख्यालय से डीसी एनआरएलएम और पीडी राकेश सिंह समेत चार सदस्यीय टीम ब्लॉक मुख्यालय पहुंची।
टीम ने पहले ब्लॉक स्तर के अधिकारियों और संबंधित कर्मचारियों से पूछताछ की। इसके बाद टीम ग्राम ओदारिया स्थित खाद्यान सामग्री निर्माण इकाई पहुंची, जहां संचालित कार्यों का निरीक्षण किया गया। जांच टीम ने मौके पर मौजूद स्वयं सहायता समूह की महिलाओं के बयान भी दर्ज किए।

जांच रिपोर्ट के बाद हो सकती है बड़ी कार्रवाई
सूत्रों के अनुसार जांच टीम पूरे मामले की विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर शासन को भेजेगी। यदि महिलाओं के आरोप सही पाए जाते हैं तो संबंधित कंपनी प्रबंधन और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि स्वयं सहायता समूह की महिलाओं के साथ यदि वास्तव में शोषण हुआ है तो दोषियों पर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
रिपोर्ट – ललित राजवंशी














