बाराबंकी में मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. रंजन गौतम के निर्देश पर निजी अस्पतालों का औचक निरीक्षण किया गया।
फायर सेफ्टी मानकों में खामियां मिलने पर 5 अस्पतालों और बिना पंजीकरण संचालित डेंटल क्लीनिक को नोटिस जारी कर 3 दिन में जवाब मांगा गया।

बाराबंकी, उत्तर प्रदेश | 11 जुलाई 2026
उत्तर प्रदेश के बाराबंकी जिले में मरीजों की सुरक्षा को लेकर स्वास्थ्य विभाग ने निजी अस्पतालों के खिलाफ बड़ा अभियान चलाया। मुख्य चिकित्सा अधिकारी (CMO) डॉ. रंजन गौतम के निर्देश पर गठित टास्क फोर्स ने शहर के कई निजी अस्पतालों और क्लीनिकों का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान अधिकांश अस्पतालों में फायर सेफ्टी मानकों का उल्लंघन, आपातकालीन निकास व्यवस्था की कमी और सुरक्षा उपकरणों की अनुपलब्धता पाई गई। इसके बाद पांच निजी अस्पतालों और एक डेंटल क्लीनिक को नोटिस जारी करते हुए निर्धारित समय में कमियां दूर करने के निर्देश दिए गए हैं।
अग्नि सुरक्षा और बेसमेंट में संचालित सेवाओं की हुई जांच
स्वास्थ्य विभाग की टास्क फोर्स ने निजी चिकित्सालयों में अग्नि सुरक्षा (Fire Safety) मानकों, आपातकालीन निकास (Emergency Exit), स्मोक एग्जॉस्ट सिस्टम, फायर अलार्म, CO₂ अग्निशामक यंत्र तथा बेसमेंट में संचालित चिकित्सकीय सेवाओं का निरीक्षण किया।
निरीक्षण दल में डॉ. एल.बी. गुप्ता, नोडल अधिकारी (चिकित्सा पंजीकरण) जितेंद्र कुमार शुक्ला तथा वरिष्ठ पटल सहायक (चिकित्सा पंजीकरण) शामिल रहे।

इन अस्पतालों को 3 दिन में कमियां दूर करने का नोटिस
निरीक्षण के दौरान निम्न अस्पतालों में सुरक्षा मानकों की अनदेखी पाई गई—
1. श्री साई हॉस्पिटल एंड सर्जिकल सेंटर
अस्पताल में आपातकालीन निकास संकेतक, फायर सेफ्टी अलार्म, एग्जॉस्ट सिस्टम और सूचना प्रदर्शित पटल नहीं मिला। तीन दिन के भीतर व्यवस्था दुरुस्त करने का नोटिस जारी किया गया।
2. आसरा हॉस्पिटल
यहां भी फायर अलार्म, स्मोक एग्जॉस्ट, इमरजेंसी एग्जिट संकेतक और सूचना बोर्ड नहीं पाए गए। अस्पताल प्रबंधन को तीन दिन में कमियां दूर करने के निर्देश दिए गए।
3. पटेल नर्सिंग होम एंड सर्जिकल सेंटर
निरीक्षण में फायर सेफ्टी अलार्म, आपातकालीन निकास संकेतक, एग्जॉस्ट सिस्टम और CO₂ अग्निशामक व्यवस्था में कमी मिली। अस्पताल को नोटिस जारी किया गया।
4. वसुकृष्णा नर्सिंग होम
अस्पताल में फायर सेफ्टी उपकरण, आपातकालीन निकास संकेतक, एग्जॉस्ट सिस्टम और सूचना प्रदर्शित पटल नहीं मिलने पर तीन दिन में व्यवस्था सुधारने का आदेश दिया गया।
5. श्री केसरीनंदन हॉस्पिटल
निरीक्षण के दौरान इमरजेंसी एग्जिट, फायर अलार्म, एग्जॉस्ट सिस्टम और सूचना बोर्ड की कमी मिलने पर अस्पताल को नोटिस जारी किया गया।
बिना पंजीकरण संचालित डेंटल क्लीनिक पर भी कार्रवाई
आशीर्वाद डेंटल क्लीनिक को भी नोटिस
निरीक्षण के दौरान आशीर्वाद डेंटल क्लीनिक में बीडीएस चिकित्सक तो कार्यरत मिले, लेकिन क्लीनिक का पंजीकरण नहीं पाया गया। स्वास्थ्य विभाग ने क्लीनिक संचालक को तत्काल पंजीकरण कराने तथा बिना पंजीकरण चिकित्सकीय सेवाएं संचालित न करने के निर्देश देते हुए नोटिस जारी किया।
मरीजों की सुरक्षा से कोई समझौता नहीं
स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों का कहना है कि निजी अस्पतालों में मरीजों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। निर्धारित समय के भीतर कमियां दूर नहीं करने वाले अस्पतालों के विरुद्ध उत्तर प्रदेश निजी चिकित्सालय अधिनियम एवं संबंधित नियमों के तहत कठोर कार्रवाई की जाएगी।
स्वास्थ्य विभाग का अभियान रहेगा जारी
स्वास्थ्य विभाग ने स्पष्ट किया है कि जिले भर में संचालित निजी अस्पतालों, नर्सिंग होम और क्लीनिकों की जांच आगे भी जारी रहेगी। जिन संस्थानों में अग्नि सुरक्षा, पंजीकरण या अन्य आवश्यक मानकों का उल्लंघन मिलेगा, उनके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
रिपोर्ट – मंसूफ अहमद / उस्मान अली











