बाराबंकी के सुबेहा थाना क्षेत्र के पलिया गांव में जमीन विवाद को लेकर दो पक्षों में खूनी संघर्ष हो गया।
लाठी-डंडों से हुई मारपीट में दो महिलाएं गंभीर घायल हो गईं। पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

बाराबंकी, उत्तर प्रदेश | 29 जून 2026
उत्तर प्रदेश के बाराबंकी जिले के सुबेहा थाना क्षेत्र में जमीन विवाद को लेकर दो पक्षों के बीच खूनी संघर्ष हो गया। विवाद इतना बढ़ गया कि दोनों ओर से जमकर लाठी-डंडे चले, जिसमें दो महिलाएं गंभीर रूप से घायल हो गईं। दोनों घायलों को प्राथमिक उपचार के बाद ट्रॉमा सेंटर बाराबंकी रेफर किया गया है, जहां उनका इलाज जारी है। पुलिस ने पीड़ित पक्ष की तहरीर पर मुकदमा दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है।
पुरानी रंजिश में आमने-सामने आए दोनों पक्ष
यह मामला सुबेहा थाना क्षेत्र की नगर पंचायत सुबेहा के पलिया गांव का है। जानकारी के अनुसार, गांव निवासी नरेंद्र कुमार मिश्रा पुत्र पारसनाथ मिश्रा और योगेश्वर मिश्रा के बीच काफी समय से जमीन के कब्जे को लेकर विवाद चला आ रहा था। इसी पुरानी रंजिश के चलते रविवार 28 जून की शाम करीब 6 बजे दोनों पक्ष आमने-सामने आ गए।
देखते ही देखते कहासुनी ने हिंसक रूप ले लिया और दोनों पक्षों के बीच मारपीट शुरू हो गई।
लाठी-डंडों से हमला, दो महिलाओं के सिर और हाथ में गंभीर चोट
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, विवाद के दौरान दोनों पक्षों की ओर से जमकर लाठी-डंडे चले। मारपीट में नरेंद्र मिश्रा पक्ष की दो महिलाओं को सिर और हाथ में गंभीर चोटें आईं। घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई और आसपास के ग्रामीण बड़ी संख्या में एकत्र हो गए।
यूपी-112 पुलिस ने पहुंचाकर कराया इलाज
घटना की सूचना मिलते ही यूपी-112 पुलिस मौके पर पहुंची और घायल महिलाओं को तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र शुकुल बाजार पहुंचाया। प्राथमिक उपचार के बाद चिकित्सकों ने उनकी हालत गंभीर देखते हुए दोनों महिलाओं को ट्रॉमा सेंटर बाराबंकी रेफर कर दिया, जहां उनका उपचार जारी है।
पुलिस ने दर्ज किया मुकदमा, जांच शुरू
प्रभारी निरीक्षक बेचू सिंह यादव ने बताया कि घायल पक्ष की तहरीर के आधार पर आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। मामले की जांच की जा रही है और साक्ष्यों के आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस का कहना है कि विवाद की वास्तविक परिस्थितियों की जांच की जा रही है तथा दोषियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
रिपोर्ट – मंसूफ अहमद











