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बाराबंकी के पैकौली गांव में विकास कार्यों पर उठे सवाल: बंद पड़े सामुदायिक शौचालय को लेकर ग्रामीणों का BDO ऑफिस पर प्रदर्शन, सौंपा ज्ञापन

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बाराबंकी के त्रिवेदीगंज ब्लॉक स्थित पैकौली गांव के ग्रामीणों का प्रदर्शन।

सामुदायिक शौचालय, जल जीवन मिशन और पंचायत व्यवस्था में अनियमितताओं को लेकर बीडीओ को शिकायत पत्र सौंपा।

ग्रामीणों ने सरकारी धन के दुरुपयोग का आरोप लगाया है।

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बाराबंकी, उत्तर प्रदेश | 16 मई 2026

उत्तर प्रदेश के बाराबंकी जिले के त्रिवेदीगंज ब्लॉक क्षेत्र स्थित पैकौली गांव में विकास कार्यों को लेकर ग्रामीणों में नाराजगी देखने को मिल रही है। गांव के लोगों ने खंड विकास अधिकारी (बीडीओ) प्रियंका सिंह को शिकायत पत्र सौंपकर सामुदायिक शौचालय सहित कई योजनाओं में अनियमितताओं की जांच और समस्याओं के समाधान की मांग की है।

ग्रामीणों का आरोप है कि सरकारी योजनाओं पर लाखों रुपये खर्च होने के बावजूद जमीनी स्तर पर लोगों को कोई सुविधा नहीं मिल रही है।

सामुदायिक शौचालय बने शो-पीस, खुले में शौच को मजबूर ग्रामीण

ग्रामीणों ने शिकायत में बताया कि ‘स्वच्छ भारत स्वस्थ भारत’ अभियान के तहत गांव में बनाए गए सामुदायिक शौचालय केवल शो-पीस बनकर रह गए हैं। अधिकांश शौचालयों पर हमेशा ताला लगा रहता है, जिसके कारण लोगों को खुले में शौच जाने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है।

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ग्रामीण परमेश्वर, हरिनाम, रामनरेश, सोहनलाल गौतम और रामनरेश धीमान ने आरोप लगाया कि शौचालय निर्माण के बाद से वे शायद ही कभी खुले हों, जबकि इनके रखरखाव और साफ-सफाई के नाम पर हर महीने लाखों रुपये खर्च किए जाने का दावा किया जाता है।

ग्रामीणों ने इस मामले में सरकारी धन के दुरुपयोग का भी आरोप लगाया है।

महिलाओं और बच्चों को हो रही परेशानी

ग्रामीणों के अनुसार गांव के जिन घरों में निजी शौचालय नहीं हैं, वहां महिलाओं और बच्चों को सबसे अधिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। उन्हें खुले में शौच के लिए जाना पड़ता है, जिससे असुरक्षा और असुविधा दोनों बढ़ रही हैं।

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ग्रामीणों का कहना है कि सरकार की योजनाओं का लाभ आम लोगों तक नहीं पहुंच पा रहा है।

जल जीवन मिशन और पंचायत व्यवस्था पर भी उठे सवाल

शिकायत पत्र में ग्रामीणों ने जल जीवन मिशन के तहत बनाई गई पानी की टंकी का मुद्दा भी उठाया। उनका आरोप है कि टंकी बनने के बावजूद आज तक घरों में लगे नलों में पानी नहीं आया है।

इसके अलावा ग्रामीणों ने पंचायत भवन में बैठकों के न होने और ग्राम सचिव सुबोध कुमार के नियमित रूप से पंचायत भवन न आने की शिकायत भी की।

ग्रामीणों ने यह भी कहा कि गांव के विद्यालय में खेलकूद से संबंधित कोई सामान उपलब्ध नहीं है, जिससे बच्चों की गतिविधियां प्रभावित हो रही हैं।

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जांच के बाद कार्रवाई का आश्वासन

खंड विकास अधिकारी प्रियंका सिंह ने शिकायत मिलने की पुष्टि करते हुए कहा कि मामले की जांच कराई जाएगी और जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर उचित कार्रवाई की जाएगी।

अब ग्रामीणों की नजर प्रशासनिक जांच और आगे होने वाली कार्रवाई पर टिकी हुई है। लोगों का कहना है कि यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो वे बड़ा आंदोलन करने को मजबूर होंगे।

रिपोर्ट – मंसूफ अहमद 

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Author: Kamran Alvi

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