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बाराबंकी का नियामतपुर ईको-टूरिज्म प्रोजेक्ट लगभग तैयार, अगले पर्यटन सत्र से प्रकृति प्रेमियों के लिए खुलेगा नया डेस्टिनेशन

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बाराबंकी के नियामतपुर वन क्षेत्र में 52.50 लाख रुपये की लागत से विकसित ईको-टूरिज्म प्रोजेक्ट का 95% कार्य पूरा हो चुका है।

अगले ईको-पर्यटन सत्र से पर्यटक नेचर ट्रेल, सेल्फी प्वाइंट, ओवर ब्रिज और जैव विविधता का आनंद ले सकेंगे।

बाराबंकी, उत्तर प्रदेश | 03 जुलाई 2026

राजधानी लखनऊ से महज 45 किलोमीटर दूर स्थित बाराबंकी का नियामतपुर वन क्षेत्र जल्द ही प्रदेश का नया ईको-टूरिज्म हॉटस्पॉट बनने जा रहा है। उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा विकसित किए जा रहे इस महत्वाकांक्षी ईको-टूरिज्म प्रोजेक्ट का लगभग 95 प्रतिशत कार्य पूरा हो चुका है। करीब 52.50 लाख रुपये की लागत से तैयार यह पर्यटन स्थल अगले ईको-पर्यटन सत्र में आम पर्यटकों के लिए खोल दिया जाएगा।

परियोजना के शुरू होने के बाद पर्यटकों को घने जंगलों के बीच प्रकृति की गोद में सैर, जैव विविधता का करीब से अनुभव और शांत वातावरण का आनंद लेने का अवसर मिलेगा।

दो किलोमीटर लंबी नेचर ट्रेल बनेगी मुख्य आकर्षण

इस परियोजना का सबसे बड़ा आकर्षण दो किलोमीटर लंबी नेचर ट्रेल होगी। इस विशेष पैदल भ्रमण मार्ग पर पर्यटक घने वन क्षेत्र के बीच चलते हुए विभिन्न प्रजातियों के पेड़-पौधों, पक्षियों और प्राकृतिक पारिस्थितिकी को नजदीक से देख सकेंगे।

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वन विभाग का उद्देश्य केवल पर्यटन को बढ़ावा देना नहीं, बल्कि लोगों को पर्यावरण संरक्षण और जैव विविधता के महत्व से भी परिचित कराना है।

सेल्फी प्वाइंट, ओवर ब्रिज और आधुनिक सुविधाओं से लैस होगा परिसर

पर्यटकों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए ईको-टूरिज्म स्थल पर कई आधुनिक सुविधाएं विकसित की गई हैं। इनमें शामिल हैं—

  • 2 किलोमीटर लंबी नेचर ट्रेल
  • आकर्षक मुख्य प्रवेश द्वार
  • आधुनिक हाट
  • स्वच्छ शौचालय
  • सेल्फी प्वाइंट
  • नाले पर ओवर ब्रिज
  • सूचना एवं दिशा-निर्देश वाले साइन बोर्ड

साइन बोर्डों पर वन क्षेत्र में मौजूद पेड़-पौधों की प्रजातियों, उनकी विशेषताओं और पर्यावरण में उनकी भूमिका की विस्तृत जानकारी भी दी जाएगी, जिससे पर्यटकों को भ्रमण के साथ ज्ञानवर्धक अनुभव भी मिलेगा।

पर्यटन मंत्री बोले— ईको-टूरिज्म से मिलेगा रोजगार और बढ़ेगा पर्यटन

उत्तर प्रदेश के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने कहा कि प्रदेश सरकार ईको-टूरिज्म को नई पहचान देने के लिए लगातार कार्य कर रही है।

उन्होंने कहा—

“बाराबंकी का नियामतपुर ईको-टूरिज्म प्रोजेक्ट प्रदेश सरकार की महत्वपूर्ण पहल है। इसके शुरू होने से पर्यटकों को प्रकृति के बीच सुरक्षित और यादगार अनुभव मिलेगा। साथ ही स्थानीय पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा, रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे और प्रदेश की पर्यटन अर्थव्यवस्था को नई गति मिलेगी।”

डीएफओ बोले— प्रकृति संरक्षण और पर्यटन विकास का बेहतरीन मॉडल बनेगा नियामतपुर

बाराबंकी के प्रभागीय वनाधिकारी (DFO) आकाश दीप बधावन ने बताया कि नियामतपुर ईको-टूरिज्म प्रोजेक्ट वन संरक्षण और पर्यटन विकास का उत्कृष्ट उदाहरण साबित होगा।

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उन्होंने कहा कि यहां विकसित की गई नेचर ट्रेल, ओवर ब्रिज, साइन बोर्ड और अन्य सुविधाओं के माध्यम से पर्यटक वन क्षेत्र की जैव विविधता और प्राकृतिक वातावरण को बेहतर ढंग से समझ सकेंगे।

उनके अनुसार इस परियोजना से स्थानीय लोगों के लिए रोजगार और आजीविका के नए अवसर भी उपलब्ध होंगे।

पर्यावरण संरक्षण के साथ स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी मिलेगा बढ़ावा

नियामतपुर ईको-टूरिज्म परियोजना केवल एक पर्यटन स्थल नहीं होगी, बल्कि यह पर्यावरण संरक्षण, जैव विविधता के प्रति जागरूकता और स्थानीय आर्थिक विकास का भी महत्वपूर्ण केंद्र बनेगी।

परियोजना पूरी होने के बाद—

स्थानीय युवाओं को रोजगार मिलेगा।

ग्रामीण पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा।

पर्यावरण संरक्षण के प्रति लोगों में जागरूकता बढ़ेगी।

बाराबंकी प्रदेश के प्रमुख नेचर टूरिज्म डेस्टिनेशन के रूप में उभरेगा।

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अगले पर्यटन सत्र में आम जनता के लिए खुलेगा ईको-टूरिज्म स्थल

वन विभाग के अनुसार परियोजना के शेष कार्य तेजी से पूरे किए जा रहे हैं। सभी तैयारियां पूर्ण होते ही अगले ईको-पर्यटन सत्र में नियामतपुर ईको-टूरिज्म स्थल को आम पर्यटकों के लिए खोल दिया जाएगा।

विशेषज्ञों का मानना है कि लखनऊ से कम दूरी पर स्थित यह स्थल भविष्य में वीकेंड नेचर टूरिज्म का प्रमुख केंद्र बन सकता है और बाराबंकी को प्रदेश के पर्यटन मानचित्र पर नई पहचान दिलाएगा।

रिपोर्ट – मंसूफ अहमद 

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